फरीदाबाद में करोड़ों की फाइलें गायब विधायक और चेयरमैन विवाद सड़कों पर

करोड़ों की फाईलें गायब, भाजपा विधायक व चेयरमैन का विवाद सडक़ों पर

Faridabad (atal hind )फरीदाबाद शहरी विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की फाईलों को लेकर भाजपा के विधायक व चेयरमैन के बीच जंग छिड़ गई है। दोनों के बीच का विवाद सडक़ों पर आ गया है। करोड़ों रुपए की गायब फाईलों को लेकर सोमवार सुबह ही हरियाणा सरकार में चेयरमैन व नगर निगम की फाईनेंस कमेटी के सदस्य धनेश अदलक्खा ने सैक्टर 16 स्थित निगम कार्यालय पर छापेमारी कर दी। अदलक्खा को खबर मिली थी कि करीब 50 से 60 करोड़ रुपए की फाईलें निगम कार्यालय से गायब हैं। ये फाईलें फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र के विधायक नरेंद्र गुप्ता के कब्जे में हैं। यह सूचना मिलते ही चेयरमैन अदलक्खा आग बबूला होकर निगम के सेक्टर 16 स्थित कार्यालय पर जा धमके। उन्होंने इलाके के एक्सईएन ओमवीर सिंह से जवाब तलब किया। इस दौरान कार्यालय की जांच की गई तो हकीकत में सभी फाइलें गायब मिली। इस पर अदलक्खा ने एक्सईएन से नाराजगी जाहिर की और आयुक्त सोनल गोयल की जानकारी में भी सारी हकीकत रखी। मगर विधायक के सामने निगम के सभी अधिकारी बेबस दिखाई दिए।

यहां बता दें कि धनेश अदलक्खा नगर निगम के वरिष्ठ पार्षद तो हैं ही, साथ ही निगम की फाईनेंस कमेटी के सदस्य भी हैं। इसके अलावा वह हरियाणा फार्मेसी काऊसिंल के चेयरमैन की कुर्सी पर विराजमान हैं। अदलक्खा को केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर का नजदीकी माना जाता है। बताया गया है कि विकास कार्यो की ये फाईलें अनैतिक तौर पर विधायक के दफ्तर पर पहुंची हैं। सभी फाईलों को आयुक्त से मंजूरी मिलने के बाद टैडर लगाने के लिए एक्सईएन कार्यालय भेजा गया था। मगर इन फाईलों को टेंडर में लगाने से पहले ही विधायक के कार्यालय पर पहुंचना अपने आप में आश्चर्यजनक माना जा रहा है। सभी फाईलों को ढूंढने के लिए ही धनेश अदलक्खा ने एक्सईएन कार्यालय पर अचानक छापेमारी कर दी। इस बारे में एक्सईएन ओमवीर सिंह का कहना है कि विधायक नरेंद्र गुप्ता ने इन फाईलों को अपने दफ्तर पर रखवाया था। वह सभी विकास कार्यों की समीक्षा करने के लिए फाईलों को देखना चाहते थे। इनमें से कई फाईलों को वह स्वीकृति दे चुके हैं, जबकि कई फाईलों से वह सहमत नहीं थे। एक्सईएन ओमवीर सिंह ने बताया कि इनमें से कई फाईलों के टेंडर लगाने पर विधायक से सहमति बन चुकी है। इसके अलावा जिन कार्यो को लेकर विधायक सहमत नहीं हैं, उन्हें बदलने के लिए वह नगर निगम कमिश्नर को पत्र भेज रहे हैं। जल्द ही उन कार्यों की फाईलें दोबारा से बनाई जाएंगी। एक्सईएन ओमवीर सिंह ने स्वीकार किया कि जब फाईनेंस कमेटी के सदस्य उनके कार्यालय पर पहुंचे तो उस वक्त अधिकांश फाईलें विधायक के कार्यालय पर ही थी। सरकारी फाईलें किस तरह से विधायक के दफ्तर पर पहुंची और किसने उन्हें वहां पहुंचाया, इस सवाल पर एक्सईएन ओमवीर सिंह ने कोई जवाब नहीं दिया और चुप्पी साध ली।

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