बच्चे को मृत बताकर  फेंक दिया कूड़े में !

बच्चे को मृत बताकर  फेंक दिया कूड़े में !

अस्पताल की विश्वसनीयता और कार्यप्रणाली पर सवाल .
मिलेनियम सिटी में दिखी अस्पताल की अमानवीयता.
महिला को नहीं था होश, पति को भेजा कपड़ा लेने.
जब  पति आया तो डॉक्टर्स ने कहा-हमने फेंक दिया
-अटल हिन्द ब्यूरो –
गुरुग्राम। कोरोना वायरस से जूझ रहे देश में हर कोई मानवीयता दिखा रहा है, वहीं गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में जो अमानवीयता दिखाई, वह शर्मिन्दा करने वाली है। समय से पहले हुए बच्चे को डॉक्टर ने मृत बताया और कह दिया कि कूड़े में फेंक दिया है। शनिवार के इस वाकये ने यहां निजी अस्पताल की विश्वसनीयता और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वहीं परिजनों की मांग है कि अस्पताल के खिलाफ सरकार व प्रशासन कड़ी कार्रवाई करे।
जानकारी के अनुसार गुरुग्राम के रहने वाले मन्दीप शर्मा की पत्नी रानी को लेबर पेन हुआ। वह पांच माह की गर्भवती थी। रात करीब 11 बजे मन्दीप अपनी पत्नी रानी को लेकर यहां बसई के पास अंकुर क्लीनिक एवं मैटरनिटी होम पहुंचा। वहां डॉक्टर्स ने उनका उपचार शुरू किया। काफी अधिक ब्लीडिंग हो चुकी थी। रात भर अस्पताल के इमरजेंसी में उन्हें रखा गया।

सुबह पांच बजे उसे बताया गया कि उसकी पत्नी की हालत काफी खराब थी। इसलिए डिलीवरी करानी पड़ी और बच्चे को नहीं बचाया जा सका। साथ ही डॉक्टर ने मन्दीप को कहा कि जाकर कोई कपड़ा ले आए, वे मृत बच्चे को उसे सौंप देंगे। मन्दीप के मुताबिक करीब 20 मिनट में वह कपड़ा लेकर अस्पताल पहुंचा। वहां काफी देर बैठे हुए हो गई, लेकिन किसी ने कोई बात नहीं की।

डॉक्टर ने दिखाया अमानवीय चेहरा
इस पर मन्दीप ने जब डॉक्टर भावना से बात की तो उन्होंने कहा कि बच्चे को स्वीपर ने कूड़े में फेंक दिया। डॉक्टर पर मन्दीप ने आरोप लगाया है कि उनका यह रवैया पूरी तरह से अमानवीय था। उन्होंने कहा भी वे क्या कह रहे हैं। ऐसे कैसे बच्चे को फेेंक सकते हैं। लेकिन उनका जवाब यही रहा कि बच्चे को फेंक दिया है। मन्दीप ने जब फेंके हुए बच्चे को दिखाने की बात कही तो भी डॉक्टर्स ने बात को घुमा-फिरा दिया। मन्दीप ने अपने कुछ रिश्तेदारों को अस्पताल बुलाया। वहंा काफी गहमा-गहमी के बाद पुलिस को भी बुलाया गया। मन्दीप शर्मा का आरोप है कि पुलिस ने उनके बयान तो जरूर दर्ज किए, लेकिन पुलिस का जो रवैया था, वह भी अमानवीय ही था। पुलिस कर्मी उल्टा उन्हें ही नसीहत देने लगे। वहीं इस मामले में जब न्यू कालोनी पुलिस थाना में बात की गई तो थाना प्रभारी वेदप्रकाश ने बताया कि उन्हें इस बारे में शिकायत मिली है। अभी जांच चल रही है। किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया है।

मानवाधिकार आयोग में  करेंगे शिकायत
मन्दीप शर्मा का कहना है कि इस मामले में अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। अगर यहां पुलिस ऐसा नहीं करती है तो वे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत करने के साथ-साथ सीएम विंडो और मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत करेंगे।

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