बड़ा खुलासा: कोरोना वायरस पर दुनिया से सच्चाई छिपा रहा था चीन

बड़ा खुलासा: कोरोना वायरस पर दुनिया से सच्चाई छिपा रहा था चीन, अब मजबूरी में बताना पड़ा सच , चीन के झूठ से पुरी दुनिया से उठने लगा पर्दा

 

Big disclosure: China was hiding the truth from the world on the corona virus, now had to tell the truth in compulsion, the curtain started to rise from the whole world with the lies of China

नई दिल्ली ::चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस आज दुनिया के लिए किसी मौत से कम नही है। हर इंसान इस वायरस के चलते बहुत ही ज्यादा परेशान है और कई जगह तो भुखमरी जैसी स्थिति भी होनी स्टार्ट हो गई है। पिछले कई दिनों से चीन पर ये आरोप है कि उसने कोरोना से सम्बंधित कई सारी बातों को दुनिया से छीपा कर रखा है और इसे बताया नही है जिसके कारण आज पूरी दुनिया खतरे में है।

 

अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद चीन ने बड़ा खुलासा किया है। चीन ने कहा कि उसके यहां कोरोसा पीड़ित 1141 मरीजों की संख्या तो ऐसी है, जिनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं देखा गया है। चीन पर आरोप है कि वे कोरोना पीड़ित मरीजों की असली संख्या भारत सहित पूरी दुनिया से छुपा रहा है।
चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य वेबसाइट के मुताबिक, चीन में बिना किसी लक्षण के कुल 11541 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 205 दूसरे देशों के लोग हैं। हालांकि, चीन ने अपने बयान में यह साफ नहीं किया है कि ठीक हुए मरीजों की संख्या कितनी है।

 

 

कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई अब पूरी दुनिया लग रही है लेकिन कुछ ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अभी भी किसी पहेली सरीखे हैं जैसे यह वायरस कहां से आया, क्या इस वायरस के फैलने के पीछे कोई साजिश है, क्या यह वायरस किसी हथियार को बनाने के दौरान लीक हुआ, क्या चीन ने कोरोना को लेकर कोई झूठ बोला है। असल में चीन सरकार के कुछ दस्तावेज मीडिया में लीक हो गए हैं और यह दस्तावेज सरकार के दावे से अलग कहानी कहते हैं चीन ने कहा था कि कोरोनावायरस की शुरुआत बुहान से हुई लेकिन चीनी अधिकारी ने 7 जनवरी को यह जानकारी दी थी, उन्होंने मरीजों में नए वायरस के संक्रमण का पता लगाया है। सरकार ने कहा था कि संक्रमण का पहला मरीज 1 महीने पहले 7 दिसंबर को बीमार पड़ा था लेकिन क्या यह सच है या चीन दुनिया के सामने अपनी नाकामी छुपा रहा है।मीडिया में लीक हुआ यह सरकारी दस्तावेज चीन के दावे से अलग कहानी पेश करता है सरकार का यह दस्तावेज लीक हुआ है। उससे पता चलता है कि कोरोनावायरस का एक मरीज 17 नवंबर 2019 को ही ट्रेस कर लिया गया था। चीन के हुबेई प्रोविंस में यह मरीज मिला था। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक लीग दस्तावेज इस बात की ओर इशारा करते हैं कि 17 नवंबर को कोरोनावायरस मरीज को ट्रेस करने के करीब 2 महीने बाद चीन ने वुहान सहित कई शहरों में बड़ी कार्यवाही की थी और प्रतिबंध लगाए। रिपोर्ट के मुताबिक हुबेई में रहने वाली 55 साल के शख्स के अंदर 17 नवंबर को कोरोना वायरस का संक्रमण मिला था।चीन और अमेरिका के बीच कोरोनावायरस को लेकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। अमेरिका की ओर से जहां कोरोनावायरस को चीनी वायरस कहा गया है। वहीं चीन ने कहा कि अमेरिकी सैनिक की वजह से चीन में यह वायरस आया। इससे पहले कयास लगाए जा रहे हैं कि कोरोना वायरस चीन के जैविक युद्ध का एक भाग है और एक प्रयोगशाला से निकला जैविक हथियार है। अगर ऐसा है तो यह चीन के खिलाफ एक बड़ी साजिश है कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट ने भी ऐसी ही कयासों के बारे में बात की है। अब सवाल उठता है कि सच्चा कौन है और झूठा कौन, लेकिन एक बात तो तय है कि चीन के वुहान से फैला यह वायरस अब पूरी दुनिया को चपेट में ले चुका है। भारत ने अपने नागरिकों को बचाने के साथ-साथ पड़ोसी देशों को भी बचाने के काम में जुट गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *