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बीजेपी की केंद्र सरकार  ने पिछले 5 वर्षों में 36,838 सोशल मीडिया पोस्ट को ब्लॉक किए, सूची में ‘एक्स’ शीर्ष पर रहा

बीजेपी की केंद्र सरकार  ने पिछले 5 वर्षों में 36,838 सोशल मीडिया पोस्ट को ब्लॉक किए, सूची में ‘एक्स’ शीर्ष पर रहा

केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि उसने 2018 से अक्टूबर 2023 के बीच विभिन्न प्लेटफार्म को 36,838 सोशल मीडिया पोस्ट हटाने के आदेश जारी किए थे. सबसे अधिक 13,660 पोस्ट एक्स (पूर्व नाम ट्विटर) से हटाए गए थे. एलन मस्क के ट्विटर का मालिक बनने के बाद यह कंपनी सेंसरशिप या निगरानी के लिए सरकारी आदेशों का काफी अधिक अनुपालन कर रही है.

वर्षों में 36,838 सोशल मीडिया पोस्ट को ब्लॉक किए, सूची में ‘एक्स’ शीर्ष पर रहा

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने 2018 से अक्टूबर 2023 के बीच 36,838 सोशल मीडिया पोस्ट हटाने के आदेश जारी किए. सरकार ने बीते शुक्रवार (8 दिसंबर) को संसद को बताया कि ब्लॉक किए गए यूआरएल का बड़ा हिस्सा सोशल साइट एक्स (पूर्व नाम ट्विटर) से संबंधित है, यहां से कुल 13,660 पोस्ट हटाए गए हैं.

माकपा के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में सरकार ने यह जानकारी दी. अधिकांश पोस्ट/यूआरएल (9,849) साल 2020 में हटा दिए गए थे, जिस वर्ष कोविड-19 महामारी फैली हुई थी.

केरल का प्रतिनिधित्व करने वाले राज्यसभा सांसद ब्रिटास ने सरकार से सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और इसके बाद बनाए बनाए गए नियमों के तहत पिछले पांच वर्षों के दौरान बिचौलियों और डिजिटल मीडिया को जारी किए गए निर्देशों/आदेशों की संख्या और विवरण जानना चाहा था, जिसमें किसी भी सामग्री, सूचना, डेटा या संचार लिंक को हटाने, संशोधित करने या ब्लॉक करने का निर्देश दिया जाता है.

उन्होंने वर्षवार और संगठनवार जानकारी और पिछले पांच वर्षों के दौरान सरकार द्वारा ट्विटर और फेसबुक सहित सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को पोस्ट, एकाउंट्स या हैशटैग को ब्लॉक करने या हटाने के लिए जारी किए गए निर्देशों/आदेशों की संख्या और विवरण भी मांगा था.

जवाब में सरकार ने कहा, ‘सरकार की नीतियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत में इंटरनेट सभी उपयोगकर्ताओं के लिए खुला, सुरक्षित, विश्वसनीय और जवाबदेह हो. तदनुसार सरकार सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम 2000 की धारा 69ए के तहत जनता द्वारा सूचना तक पहुंच को अवरुद्ध करने के लिए वैध निर्देश जारी करती है, जो सरकार को ऐसे निर्देश जारी करने की शक्ति प्रदान करती है, अगर देश की संप्रभुता और अखंडता, रक्षा, सुरक्षा, विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध या सार्वजनिक व्यवस्था के हित में या उपरोक्त से संबंधित संज्ञेय अपराध को उकसाने के लिए ऐसा करना आवश्यक है.’

वर्ष-वार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म-वार पोस्ट/यूआरएल ब्लॉक किए जाने का विवरण. (स्रोत: राज्यसभा)

वर्ष-वार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म-वार पोस्ट/यूआरएल ब्लॉक किए जाने का विवरण. (स्रोत: राज्यसभा)

अधिकांश ब्लॉक किए गए पोस्ट एक्स (13,660) से संबंधित हैं, इसके बाद फेसबुक (10,197), यूट्यूब (5,759), अन्य (4,199), और इंस्टाग्राम (3,023) हैं.

एक्स से साल 2018 में 224, 2019 में 1041, 2020 में 2731, 2021 में 2851, 2022 में 3423 और इस साल अक्टूबर तक 3390 पोस्ट या यूआरएल (कुल 13,660) हटाए गए हैं.

फेसबुक से साल 2018 में 1555, 2019 में 2049, 2020 में 1717, 2021 में 1082, 2022 में 1750 और इस साल अक्टूबर तक 2044 पोस्ट या यूआरएल (कुल 10,197) हटाए गए हैं.

इंस्टाग्राम से साल 2018 में 379, 2019 में 75, 2020 में 1273, 2021 में 464, 2022 में 359 और इस साल अक्टूबर तक 473 पोस्ट या यूआरएल (कुल 3,023) हटाए गए हैं.

इसी तरह यूट्यूब से साल 2018 में 161, 2019 में 409, 2020 में 2175, 2021 में 1141, 2022 में 939 और इस साल अक्टूबर तक 934 पोस्ट या यूआरएल (कुल 5,759) हटाए गए हैं.

जैसा कि द वायर ने पहले रिपोर्ट किया था, एलन मस्क के सोशल साइट एक्स (ट्विटर) का मालिक बनने के बाद एक्स कॉर्प सेंसरशिप या निगरानी के लिए सरकारी आदेशों का काफी अधिक अनुपालन कर रहा है, जिसमें भारत सरकार के आदेश भी शामिल हैं. यह मस्क के फ्री स्पीच के एक नए युग की शुरुआत करने और सोशल मीडिया पर राजनीतिक हस्तक्षेप की अनुमति नहीं देने के वादे के खिलाफ जा रहा है.

उदाहरण के लिए 27 अक्टूबर 2022 और 27 अप्रैल 2023 के बीच भारत सरकार ने एक्स से 50 अनुरोध किए थे, जो दुनिया में तीसरा सबसे अधिक था. इन अनुरोधों में विवादास्पद पोस्ट को हटाने से लेकर निजी डेटा प्रस्तुत करने की मांग की गई थी, ताकि गुमनाम एकाउंट की पहचान की जा सके.

भारत द्वारा किए गए 50 में से 44 अनुरोधों का पूर्ण रूप से, पांच का आंशिक रूप से पालन किया गया था और ट्विटर ने अंतिम एक अनुरोध के लिए कोई विशिष्ट प्रतिक्रिया सूचीबद्ध नहीं की है.

मस्क के ट्विटर का मालिक बनने से पहले स्थिति काफी हद तक अलग थी, इस सोशल मीडिया कंपनी ने भारत सरकार के ऐसे आदेशों का कानूनी रूप से विरोध किया था.

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