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बेहद ही शर्मनाक 

बेहद ही शर्मनाक

तो मुम्बई फिल्म उद्योग में ऐसा गिरोह सक्रिय है जो कलाकारों को नशे की लत लगाता है।

दीपिका पादूकोण जैसी अभिनेत्री का नाम सामने आने के बाद महिला कलाकारों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

करण जौहर के धर्मा प्रोडेक्शन से जुड़े लोगों की जांच जरूरी।

==राजकुमार अग्रवाल ==========

मशहूर फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादूकोण गोवा से मुम्बई पहुंच गई है। दीपिका को 25 सितम्बर को मुम्बई में नाकोटिक्स कंट्रोल

ब्यूरो (एनसीबी ) के दफ्तर में पूछताछ के लिए उपस्थित होना है। दीपिका उन फिल्म अभिनेत्रीयों में शामिल हैं, जिन पर नशीले

पदार्थ खरीदने और सेवन करने का आरोप है। दीपिका के साथ ही फिल्म अभिनेत्री सारा अली खान, श्रद्धा कपूर, दीया मिर्जा,

रकूल प्रीत, शिमोन थांबटा से भी पूछताछ हो रही है।  जिस तरह से महिला अभिनेत्रियों के नाम सामने आ रहे हैं, उससे मुम्बई

फिल्म उद्योग में अभिनेत्रियों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। जिन अभिनेत्रियों को युवाओं का रोल मॉडल माना जाता

है, वे ही ड्रग्स का सेवन कर रही हैं। एनसीबी की जांच में सबसे गंभीर बात ये है कि पुरुष कलाकारों के मुकाबले महिला कलाकारों

की संख्या ज्यादा है। जो ड्रग्स का सेवन कर रही हैं। इससे पता चलता है कि फिल्म उद्योग में एक ऐसा गिरोह सक्रिय हैं, जो

कलाकारों खासकर अभिनेत्रियों को नशे की लत लगाता है। जो महिला कलाकार चरस, गांजा, कोकिन जैसे नशे के पदार्थों का

सेवन करती है उनको किन परिस्थितियों से गुजरना होता होगा, इसका भी अंदाजा लगाया जा सकता है। मुम्बई की ऐसी कंपनियां

(गिरोह) सामने आ रही है जो फिल्मी कलाकारों के प्रबंधन का कार्य करती हैं। जबकि हकीकत ये है कि ऐसी कंपनियों के लोग न

केवल फिल्में दिलवाते हैं, बल्कि कलाकार को अपने चंगुल में फंसाए रखने के लिए नशे की लत लागते हैं। जब कलाकार माला माल

होता है तो उसे ब्लैक मेल भी किया जाता है। एनसीबी की जांच में करण जौहर के मालिकाना हक वाले धर्मा प्रोडेक्शन की भूमिका

को भी संदिग्ध माना जा रहा है। इस प्रोडक्शन से जुड़े अधिकारी संदेह के घेरे में हैं। धर्मा प्रोडक्शन पर पहले भी आरोप लगे हैं कि

यह एक सोची समझी रणनीति के तहत कलाकारों को फिल्मों में मौका दिलवाते हैं। यदि कोई कलाकार इनके इशारे पर काम नहीं

करता है तो उसको फिल्मों में मौका भी नहीं दिया जाता। इन दिनों एनसीबी की जांच में पूरा फिल्म उद्योग संदेह के घेरे में आ गया

। अभिभावक मुम्बई की चकाचौंध के लिए अपने बच्चों को फिल्म उद्योग में भेजते है, लेकिन प्रतीत होता है कि अनेक फिल्मी

कलाकारों को मुम्बई में बुरे दौर से गुजरना होता है। अभिनेत्री पायल ने जिस तरह फिल्म निदेशक अनुराग कश्यप पर आरोप

हैं, वे तो बेहद ही शर्मनाक हैं। मुम्बईया फिल्म उद्योग में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत  की मौत के बाद जांच का जो सिलसिला

शुरू हुआ वह अब नशे के कारोबार तक पहुंच गया है। सुशांत की प्रेमिका रही रिया चक्रवर्ती ने जो जानकारी दी उससे पता चलता

है कि पूरा फिल्म उद्योग नशे में डूबा हुआ है। अब एक के बाद एक जिस तरह फिल्मी कलाकारों के नाम सामने आ रहे हैं उससे

पूरा फिल्म उद्योग बदनामी के दौर से गुजर रहा है। शर्मनाक बात तो यह है कि अभी भी टीवी चैनलों पर बैठ कर कुछ लोग नशे के

कारोबारियों को बचाने में लगे हुए हैं।

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