Atal hind
कैथल टॉप न्यूज़ हरियाणा

बोर्ड ही तो है लगा रहने दो हमें क्या पहचान खोने वाले को पहचान मिल रही है और बदनामी हरयाणा सरकार को झेलनी पड़ रही है।   

बोर्ड ही तो है लगा रहने दो हमें क्या पहचान खोने वाले को पहचान मिल रही है और बदनामी हरयाणा सरकार को झेलनी पड़ रही है।
कैथल (अटल हिन्द ब्यूरो )माना की हरयाणा में बीजेपी की सरकार है और मुख्यमंत्री भी अभी तक मनोहर लाल है। लेकिन जब वर्तमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल निवर्तमान हो जाएंगे यानी भूतपूर्व हो जाएंगे तो क्या उनके नाम की पटिका ,उनके नाम के अन्य सामंग्री ज्यों की त्यों बनी रहेगी। शायद नहीं क्योंकि बदलाव प्रकति का नियम है लेकिन हरयाणा की राजनीति प्रकति से नहीं चलती यहाँ कब क्या बदल जाए , घटित हो जाये कुछ नहीं कहा जा सकता। इसलिए हरयाणा में किसी के  भूतपूर्व बनते ही उसकी पहचान भी भूतपूर्व हो जाती है लेकिन कैथल जिला प्रशासन किसी भूतपूर्व को भी वर्तमान में बनाये रखेगा तो इसमें किसका कसूर  जिला प्रशासन का या फिर उस भूतपूर्व का जो पद पर रहते हुए कभी भी कंही भी टपक जाता था उसका डर अभी भी कैथल प्रशासन को लग रहा है जिसके चलते उस भूतपूर्व के नाम वाले पहचान बोर्ड जिस पर उनके निवास का पता लिखा है ज्यों का त्यों उसी जगह आज भी लगा हुआ है।
जबकि इस  व्यक्ति को सरकारी पद से हरयाणा सरकार ने काफी पहले निकाल बाहर कर पदमुक्त कर दिया था बावजूद इसके कैथल प्रशासन ने इस भूतपूर्व की पहचान ज्यों की त्यों बनाये रखने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रखी तभी तो जींद रोड़  मॉडल टाऊन  आईटीआई के सामने इस व्यक्ति का सरकारी नाम और पद वाला बोर्ड आज भी ज्यों का त्यों खड़ा है आखिर क्यों ?क्यों जिला प्रशासन आँखे बंद किये हुए है माना की इस व्यक्ति ने सरकारी पद मिलते ही अपनी गाड़ी पर देश भर में बंद लालबत्ती लगा कर जनता पर दबदबा बनाने का प्रयास भी किया था और  हरियाणा कला परिषद का आशीर्वाद भी इस व्यक्ति पर खूब बना रहा यहाँ तक की कला परिषद हरियाणा के अधिकारीयों में तो इस व्यक्ति के पद  बैठते ही घमंड पैदा हो गया था और अगर कोई आम नागरिक कला परिषद हरियाणा से आरटीआई लगा कर कुछ पूछता था तो कला परिषद हरियाणा में बैठे अधिकारी आज के इस भूतपूर्व को पहले ही बता देते थे की आपके खिलाफ किसी ने आरटीआई लगा कर ये जानकारी मांगी है और फिर उसके बाद लगाई गई आरटीआई कला परिषद हरियाणा के अधिकारी जबाब देने  उसे रद्दी की टोकरी में फेंक देते थे जिसका जबाब आज तक नहीं मिला। कहीं यही कारण तो कैथल जिला प्रशासन को भी भयभीत नहीं कर रहा की कंही आज सरकार से भूतपूर्व होकर जेल की हवा खा रहा व्यक्ति कल फिर किसी पद पर बैठ कर वर्तमान ना बन जाए इसलिए उसके नाम के बोर्ड नहीं उतरवा रहा है। खैर बोर्ड ही तो है लगा रहने दो हमें क्या पहचान खोने वाले को पहचान मिल रही है और बदनामी हरयाणा सरकार को झेलनी पड़ रही है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति ATAL HIND उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार #ATALHIND के नहीं हैं, तथा atal hind उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है.

अटल हिन्द से जुड़ने के लिए शुक्रिया। जनता के सहयोग से जनता का मीडिया बनाने के अभियान में कृपया हमारी आर्थिक मदद करें।

Related posts

कोरोना जिस तेजी से यूटर्न मार रहा है, उसे खतरे की घंटी जरूर मानना चाहिए  

admin

किसानों को सबक सिखाने की धमकी खट्टर को भारी पड़ेगी

admin

हरियाणा सरकार से मत लेना यात्रा भत्ता वापिस करना पड़ेगा 

Sarvekash Aggarwal

Leave a Comment

URL