बोहड़ाकला का हाल बदहाल … एन जी टी के निर्देश हो रहे हैं धुआं-धुआं

बोहड़ाकला का हाल बदहाल

… एन जी टी के निर्देश हो रहे हैं धुआं-धुआं

युवाओं का आरोप खेल के मैदान में डाला जा रहा कूड़ा करकट

गांव के साथ की औद्योगिक इकाइयों का कूड़ा डाल लगा रहे आग

पॉलीथिन व अन्य केमिकल कचरे के कारण बढ़ रहा प्रदूषण

युवाओं के लिए मैदान में अभ्यास करना हो रहा है दुश्वार

फतह सिंह उजाला

Bohadkala is in a bad shape

… Smt-smoke is being directed by NGT

Accusations of youth being dumped in the playground

The industrial units along the village are setting fire to the garbage

Increasing pollution due to polythene and other chemical wastes

It is bad practice for the youth to practice in the field

 

पटौदी । पटौदी हलके के सबसे बड़े गांव बोहड़ाकला का हाल इन दिनों में बे-हाल ही दिखाई दे रहा है। गांव में स्थित बिजली निगम कार्यालय के साथ बनाए गए अस्थाई खेल के मैदान में इन दिनों कूड़ा- करकट यहां डालकर ढेर लगाए जा रहे हैं । ग्रामीण युवकों की मानें तो ग्राम पंचायत के द्वारा अस्थाई रूप से यहां पर युवाओं के लिए खेल का मैदान तैयार किया गया था , वहीं सूत्रों के मुताबिक कथित रूप से जहां खेल का मैदान तैयार किया गया वह विवादित जमीन बताई गई है ।

बहरहाल सबसे बड़ी समस्या बिजली निगम कार्यालय के साथ खेल के मैदान में इन दिनों गांव के साथ-साथ आसपास की औद्योगिक इकाइयों का कूड़ा करकट लाकर डालने और आग लगाने के कारण  गंभीर बनी हुई है । बोहड़ाकला के युवाओं की मानें तो करीब सौ के आसपास युवक सुबह-सायं खेल के मैदान में अभ्यास करने के लिए जाते हैं । लेकिन वहां पर गांव के बगल में ही औद्योगिक इकाइयों का कूड़ा करकट लाकर जबरदस्ती डाला जा रहा है । बार-बार विरोध करने के बावजूद भी उल्टा युवाओं को भी धमकाया जाता है कि जहां शिकायत करनी है कर लो कूड़ा करकट यहीं पर ही डाला जाएगा । युवाओं में औद्योगिक इकाइयों की इस दबंगई को लेकर जबरदस्त रोष बना हुआ है ।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि 18-20  भारी-भरकम ट्राले-डंपर में औद्योगिक इकाइयों का खतरनाक केमिकल युक्त कूड़ा करकट यहां डालकर बेखौफ होकर आग भी लगाई जा रही है। एक तो गर्मी , ऊपर से उमस भरा माहौल इस पर आग की लपटों की भभक के साथ कथित जहरीला धुआं । यह सब मिलकर युवाओं के साथ-साथ आसपास के रहने वालों के लिए जी का जंजाल बन गया है । सबसे बड़ा सवाल यह है कि एनजीटी के निर्देशों के मुताबिक औद्योगिक इकाइयों के खुले में कूड़ा करकट डालने और आग लगाने पर सख्त पाबंदी लगाई हुई है और ऐसे में यदि कूड़ा करकट डालने वाले दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्यवाही का प्रावधान भी है । जो हालात बरेहड़ाकला बिजली निगम कार्यालय के साथ खेल के मैदान में दिखाई दे रहे हैं , उन्हें देखते हुए लगता है कि प्रदूषण नियंत्रण विभाग और संबंधित अधिकारी भी कूड़े करकट की आंग के धुंए और यहां की तपिश के कारण अपनी आंख बंद किए हुए हैं ।

इस मामले में गांव के सरपंच यादवेंद्र शर्मा गोगली का कहना है कि जैसे ही यह समस्या उनके संज्ञान में आई उन्होंने बिजली निगम कार्यालय के साथ कथित अस्थाई रूप से बनाए खेल के मैदान के आसपास कूड़ा करकट डालने पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। वहीं युवाओं का कहना है कि रोक लगाना ही पर्याप्त नहीं । यहां पर फेंके गए कूड़े करकट को साफ करवा कर साफ स्वच्छ बेहतर माहौल उपलब्ध करवाया जाए। जिससे कि खेल सहित अन्य शारीरिक अभ्यास के दौरान उन्हें प्रदूषण मुक्त वातावरण उपलब्ध हो सके ।

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