बड़ी खबर –रानी नागर और उनकी बहन पर हमला ,खट्टर सरकार सवालों के घेरे में 

बड़ी खबर –रानी नागर और उनकी बहन पर हमला ,खट्टर सरकार सवालों के घेरे में

 

Gaziabad:

 

Big news – Attack on Rani Nagar and her sister, Khattar government in the circle of questions

Ias Rani Nagar@ias_raninagar

उसी समय एक व्यक्ति मकान नम्बर बी-96 न्यू पंचवटी कालोनी ग़ाज़ियाबाद से निकलकर हमारे घर के गेट पर आया और उसने मेरे सिर पर लोहे की रॉड से वार किया। लोहे की रॉड का वार अपने सिर पर आते देखकर मैं भागकर आगे होकर बच गयी। इसके तुरन्त बाद उस व्यक्ति ने मेरी बहिन रीमा नागर के पैर में लोहे

Ias Rani Nagar@ias_raninagar

लोहे की रॉड से हमला किया जिससे मेरी बहिन रीमानागर के पैर में बहुत चोट आयी।मेरी बहिन रीमानागर पैर से चलने में अभी असमर्थ हो गयी हैं।उनके पैर में नील भी पड़ गये हैं।मेरी बहिन रीमानागर के चोट लगे पैर की तस्वीरें संलग्न।उस व्यक्ति के घर व उस घर के बाहर खड़ी गाड़ी की वीडियो भी संलग्न।

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नौकरी से इस्तीफा देकर चर्चाओं में आने वाली हरियाणा कैडर की आईएएस अधिकारी रानी नागर और उनकी बहन पर शनिवार की देर रात्रि में कोतवाली क्षेत्र की पंचवटी कालोनी में एक युवक ने हमला कर दिया।  इससे पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस ने चंद घंटों में ही हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है ।हरियाणा की आईएएस अधिकारी रानी नागर ने इसी महीने की शुरुआत में आईएएस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया था।विभिन्न राजनितिक दलों ने इसको लेकर हरियाणा की खट्टर सरकार पर भी सवाल उठाए थे और सोशल मीडिया पर लोगों ने सरकार से रानी नागर का त्यागपत्र अस्वीकृत करने की मांग की थी।तब हरियाणा सरकार ने रानी नागर का त्याग पत्र नामंजूर कर दिया था और हरियाणा से उत्तर प्रदेश कैडर में भेजने की सिफारिश भी कर दी थी ।पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रथम राकेश मिश्रा ने रविवार को बताया कि शनिवार की रात करीब 10 बजेरानी नागर गाजियाबाद की पंचवटी कॉलोनी स्थित अपने घर पर थीं।इसी दौरान एक मकान से एक व्यक्ति निकलकर आया, जिसने उन पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया।वह किसी तरह बच गईं, लेकिन आरोपी ने उनकी बहन रीमा नागर पर हमला कर दिया।हमले में बहन के पैर में काफी चोट आई है।आईएएस रानी नागर ने ट्विटर पर घटना की जानकारी शेयर की।साथ ही आरोपी की कार का वीडियो भी शेयर किया ।पुलिस ने इस मामले में एक युवकपंचवटी कालोनी निवासी  विष्णु वार्ष्णेय को गिरफ्तार  कर लिया है।

खट्टर सरकार से सवाल:
गुर्जर समाज की इकलौती आईएएस अधिकारी, सुश्री रानी नागर पर हो रहे लगातार हमले, शोषण व प्रताड़ना पर कार्यवाही न करने का राज क्या है?
सुश्री रानी नागर व उनकी बहन की बार-बार की गई शिकायतों पर खट्टर सरकार ने कार्यवाही क्यों नहीं की?
खट्टर सरकार ने रानी नागर पर हाई सिक्योरिटी यूटी गेस्ट हाउस चंडीगढ़ में हमले का संज्ञान क्यों नहीं लिया?
मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत सुरक्षा के खतरे के चलते इस्तीफा देने वाली गुर्जर-पिछड़ा वर्ग की इकलौती आईएएस अधिकारी सुश्री रानी नागर को एक बार भी बुलाकर मिलना व दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करना उचित क्यों नहीं समझा? क्या प्रदेश के मुखिया के तौर पर यह खट्टर साहब की जिम्मेदारी नहीं है?
क्या खट्टर सरकार रानी नागर के हमलावरों को प्रत्यक्ष या परोक्ष संरक्षण दे रही है?

 

रानी नागर पर जानलेवा हमला, शोषण व अत्याचार क्यों?
कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने रानी नागर को लेकर खट्टर सरकार पर तीखे सवाल किये हैं


सुरजेवाला ने कहा
खट्टर सरकार की नाकामी, निकम्मेपन व दोषियों के खिलाफ जानबूझकर कार्यवाही न करने के कारण 4 मई, 2020 को हरियाणा की गुर्जर समाज की इकलौती आईएएस अधिकारी सुश्री रानी नागर को अप्रत्याशित तरीके से आईएएस से इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा।
अपने इस्तीफे में रानी नागर ने साफ तौर से लिखा है कि वो अपनी ‘व्यक्तिगत सुरक्षा’ को लेकर आईएएस की बड़ी नौकरी से इस्तीफा दे रही हैं।
अब तो गुंडागर्दी की हद ही हो गई।
कल 30 मई 2020 की रात को रानी नागर व उनकी बहन पर लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिसमें उनकी बहन रीमा नागर को चोटें भी आईं।
2014 हरियाणा काडर की आईएएस अधिकारी सुश्री रानी नागर पर हरियाणा की खट्टर सरकार के संरक्षण के चलते बार बार हमला, शोषण व अत्याचार हो रहा है।
दुर्भाग्य की बात यह है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री, श्री मनोहर लाल खट्टर ने इस पूरे मामले को लेकर रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है।
तीन साल से दर्जनों शिकायतों और हमलों के बावजूद मुख्यमंत्री खट्टर ने एक बार भी सुश्री रानी नागर को बुलाकर, पूरी बात सुनकर दोषियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की।
रानी नागर पर लगातार किए गए हमलों से साफ है कि खट्टर सरकार प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से दोषियों को संरक्षण दे रही है।
दिसंबर, 2017 में जब सुश्री रानी नागर एसडीएम, डबवाली के तौर काम कर रही थीं, तो उनके घर पर अपराधिक हमला हुआ।
पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की।
जब यह मामला समाचार पत्रों की सुर्खी बन गया, तो 24 दिसंबर, 2017 को एफआईआर दर्ज की गई।
जून, 2018 में रानी नागर द्वारा यौन शोषण की शिकायत दर्ज की गई और उसे बार-बार उठाया गया, परंतु खट्टर सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की।
इसके बाद सुश्री रानी नागर पर सिलसिलेवार प्रताड़ना व हमले शुरू हो गए।
17 अप्रैल, 2019 को सुश्री रानी नागर ने अपने फेसबुक पर खुद के ऊपर किए गए हमलों और खतरे के बारे में सार्वजनिक तौर से लिखा। परंतु मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर व उनकी सरकार ने फिर भी कोई कार्यवाही नहीं की।
बतौर आईएएस ऑफिसर, सुश्री रानी नागर दिसंबर, 2019 से चंडीगढ़ यूटी गेस्ट हाउस के कमरा नं 311 में अपनी बहन के साथ रह रही थीं।
यहां तक कि उनके खाने में पिन डालकर दिया गया, जिससे उन्हें कोई भी शारीरिक नुकसान हो सकता था।
इस बारे 13 दिसंबर, 2019 को रानी नागर द्वारा बाकायदा शिकायत भी दी गई।
13 दिसंबर, 2019 की शिकायत संलग्नक A3 संलग्न है।
हद तो तब हुई जब लॉकडाऊन में सुश्री रानी नागर व उनकी बहन को खाना तक नहीं दिया गया।
उन्हें तरल पदार्थ पीकर ही अपना गुजारा चलाना पड़ा।
इस बारे 7 मई, 2020 को बाकायदा रानी नागर ने लिखकर सार्वजनिक किया है।
8 मई, 2020 को तो हद ही हो गई, जब सुश्री रानी नागर व उनकी बहन के यूपी गेस्ट हाउस के कमरा नं. 311 का दरवाजा ही तोड़ दिया गया।
हरियाणा गवर्नर हाउस से सटे हाई सिक्योरिटी एरिया में एक महिला आईएएस अधिकारी के कमरे का दरवाजा कैसे तोड़ा जा सकता है, यदि अपराधियों को सरकारी संरक्षण न हो? 8 मई, 2020 के हमले बारे सूचित करने वाले रानी नागर की शिकायत/लेख संलग्नक A5 संलग्न है।
12 मई, 2020 को एक बार फिर रानी नागर के घर पर सरेआम हमला हुआ।
पर एक बार फिर कोई कार्यवाही नहीं हुई।
इस हमले बारे की गई शिकायत की कॉपी संलग्नक A6 संलग्न है।
30 मई, 2020 की रात को एक बार फिर गुर्जर समाज की आईएएस अधिकारी सुश्री रानी नागर और उनकी बहन पर जानलेवा हमला हुआ।

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