भाजपा को भतीजे आ रहे रास हरियाणा के बाद महाराष्ट्र में भी भतीजे ने बनवाई भाजपा की सरकार

भाजपा को भतीजे आ रहे रास

हरियाणा के बाद महाराष्ट्र में भी भतीजे ने बनवाई भाजपा की सरकार

New Delhi (Atal Hind)। भाजपा के लिए विपक्षी नेताओं के भतीजे बेहद लकी साबित हो रहे हैं। अक्टूबर 2019 में हरियाणा और महाराष्ट्र दो राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए। इन दोनों राज्यों में विपक्षी नेताओं के भतीजों की मदद से भाजपा सरकार बनाने में सफल रही। हरियाणा में इनेलो नेता अभय चौटाला से विवाद के बाद अलग पार्टी बनाने वाले भतीजे जजपा नेता दुष्यंत चौटाला से गठबंधन कर भाजपा ने सरकार बनाई। वहीं,महाराष्ट्र में राकांपा नेता शरद पवार के भतीजे अजीत पवार के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई। दोनों में एक समानता ये भी है कि दोनों को उप-मुख्यमंत्री का पद दिया गया।
अक्टूबर 2018 में चौधरी देवीलाल के जन्मदिन समारोह में चौटाला परिवार की अंदरूनी रार सामने आई थी। अभय चौटाला के खिलाफ हूटिंग होने पर विवाद शुरू हुआ और इसका आरोप सीधे-सीधे दुष्यंत चौटाला और उनके छोटे भाई दिग्विजय चौटाला पर लगा और दोनों को पार्टी से बाहर कर दिया गया।
इनेलो से निकाले जाने के बाद दिसंबर-2018 में ही दुष्यंत ने जजपा का गठन किया। पार्टी ने पहला चुनाव जींद उपचुनाव लड़ा,जिसमें दिग्विजय चौटाला भाजपा को कड़ी टक्कर देते हुए दूसरे नंबर पर रहे । इसके बाद लोकसभा चुनाव में जेजेपी खाता नहीं खोल पाई।
अक्टूबर 2019 में जजपा ने मजबूती से विधानसभा चुनाव लड़ा और 10 सीटें जीती।वहीं,दूसरी तरफ चाचा अभय चौटाला की पार्टी इनेलो महज 1 सीट जीत पाई। भाजपा ने 40 सीटें जीतीं।उन्हें सरकार बनाने के लिए 6 विधायकों की जरूरत थी। सरकार बनाने के लिए जजपा का समर्थन लिया गया। जजपा के समर्थन से हरियाणा में सरकार बनी और सीएम मनोहर लाल खट्टर और दुष्यंत चौटाला डिप्टी सीएम बने।
दुष्यंत चौटाला के साथ भाजपा गठबंधन की लंबी पारी खेलने की उम्मीद कर रही है। दुष्यंत चौटाला के साथ गठबंधन के बाद भाजपा को हरियाणा में टिकाऊ सरकार मिल गई है और उसे निर्दलीय विधायकों की प्रेशर पॉलिटिक्स से भी निजात मिल गई है।
भतीजे अजीत पवार बने किंगमेकर
अजित पवार शरद पवार के भतीजे हैं। वे शरद के बड़े भाई अनंतराव पवार के बेटे हैं। उनका जन्म 22 जुलाई 1959 को हुआ। उनके पिता वी. शांताराम के राजकमल स्टूडियो में काम करते थे। अजित अपने चाचा शरद की अंगुली पकड़कर राजनीति में आए। 1982 में 20 साल की उम्र में अजित कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री के बोर्ड में चुने गए। अजित पवार 1991 से अब तक 7 बार विधायक चुने गए हैं। नवंबर 1992 से फरवरी 1993 तक कृषि और बिजली राज्य मंत्री रहे। वे 29 सितंबर 2012 से 25 सितंबर 2014 महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री भी रहे। अक्टूबर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिला था,लेकिन दोनों के बीच सीएम पद को लेकर विवाद हुआ। इस बीच शिवसेना,राकांपा और कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनने की बात चल ही रही थी और इस बीच शनिवार सुबह भाजपा ने अजीत पवार के साथ गठबंधन कर सीएम और डिप्टी सीएम पद की शपथ ले ली।

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