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भाजपा में मची भगदड़,अखिलेश और जयंत ने बिगाड़ा भाजपा का खेल,योगी की 80 -20 की नफरत फेल

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बेशक देश का कानून बीजेपी की मुट्ठी में हो लेकिन भारत की जनता खुली आँखों से सब देख रही है।

भाजपा में मची भगदड़,अखिलेश और जयंत ने बिगाड़ा भाजपा का खेल,योगी की  80 -20  की नफरत फेल  7 साल में पहली बार 24 घंटे में 5 वें भाजपा विधायक ने दिया इस्तीफामुजफ्फरनगर के मीरापुर से विधायक अवतार भड़ाना आरएलडी में हुए शामिलकैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे से भाजपा में मचा हड़कंपदो और मंत्री योगी सरकार से इस्तीफा देने की तैयारी मेंएक दर्जन और विधायकों के इस्तीफे देने की चल रही चर्चाएं

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—-राजकुमार अग्रवाल —-

लखनऊ। 7 साल से उत्तर प्रदेश में मनचाहा सियासी खेल खेल रही सत्तारूढ़ भाजपा के लिए पिछले 24 घंटे बेहद खराब गुजरे हैं।

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बेशक कुछ भगवाधारी धर्म संसद के नाम पर नफरत फैलाने वाली राजनीतिक रोटियां नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के संरक्षण में सेंक रहे हो और उन कथित  हिन्दू धर्म  ठेकेदारों को बीजेपी सत्तारूढ़ राज सरकारों और केंद्र सरकार का भरपूर समर्थन भी देश में नफरत फैलाने वाले बयानों के लिए मिल भी रहा हो इससे कोई फर्क भी पड़ता क्योंकि बेशक देश का कानून बीजेपी की मुट्ठी में हो लेकिन भारत की जनता खुली आँखों से सब देख रही है।

यही नहीं यूपी बीजेपी का मुखिया योगी आदित्यनाथ  जो खुद ऐसे भाषण देते है जिससे सिर्फ और सिर्फ नफरत की बू आती है। खैर राजनीति में बीजेपी ने  रिकॉर्ड तोड़ डाले जो भारत के इतिहास में काली स्याही से दर्ज किये जाएंगे। 

 अगले महीने विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार सत्ता पर काबिज रहने के दावे कर रही भाजपा की हवा उसी के नेताओं ने निकालने का काम किया है।

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 पिछले 24 घंटे के दौरान योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य सहित पांच विधायकों ने भाजपा से इस्तीफा देकर उत्तर प्रदेश की सियासत में हड़कंप मचा दिया है।

 7 साल में पहली बार भाजपा ज्वाइन करने की बजाय भाजपा छोड़ने वालों की लाइन लग गई है। भाजपा विधायकों के धड़ाधड़ इस्तीफों ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में बदल रहे सियासी माहौल की तस्वीर साफ करने का काम कर लिया है।

 जहां एक तरफ भाजपा में पाला बदलने वाले विधायकों की लंबी कतार बताई जा रही है वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोक दल मुखिया जयंत चौधरी की जुगलबंदी विरोधियों पर भारी पड़ रही है।

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 भाजपा से इस्तीफा देने वाले 5 में से 4 विधायक समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं और एक विधायक अवतार सिंह भड़ाना आज राष्ट्रीय लोक दल में शामिल हुए हैं।मंत्रियों और विधायकों द्वारा इस्तीफा दिए जाने के कारण भाजपा के सत्ता में वापसी की दावेदारी एकदम कमजोर हो गई है और उसकी हार को लेकर भी चर्चाएं चल पड़ी हैं वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव और जयंत सिंह गठबंधन के दूसरे साथियों के साथ सत्ता की प्रबल दावेदारी ठोक गए हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य और दूसरे विधायकों के इस्तीफे के कारण भाजपा में हड़कंप मच गया है और यूपी के मामले की कमान एकदम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने हाथों में ले ली है। भाजपा को केंद्र की सत्ता पर काबिज कराने में यूपी का सबसे बड़ा हाथ रहा है क्योंकि अकेले यूपी से ही भाजपा को 60 से ज्यादा सांसद मिले थे। 2024 में केंद्र में सत्ता की हैट्रिक लगाने के लिए भाजपा को उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज रहना बेहद जरूरी है लेकिन पिछले 24 घंटे के दौरान 5 विधायकों के इस्तीफे ने भाजपा का खेल बिगाड़ दिया है और यह साबित कर दिया है कि अखिलेश और जयंत सिंह की जोड़ी भाजपा पर भारी पड़ रही है।

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