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भूख प्यास से तड़ती महिलाएं बार बार हो रही हैंबेहोश ,दो महिलाओं को तो अस्पताल में भी भर्ती करवाना पड़ा

भूख प्यास से तड़ती महिलाएं बार बार हो रही हैंबेहोश ,दो महिलाओं को तो अस्पताल में भी भर्ती करवाना पड़ा
गुस्साएं ग्रामीणों ने पुजारी के शव को मुख्यमंत्री के घर ले जाने की घोषणा की।
Bukna  (राजस्थान )====अटल हिन्द संवाददाता =========
इसे राजनीति का प्रदूषित चेहरा ही कहा जाएगा कि 10 अक्टूबर को जब करौली के सपोटरा(sapotara) के बुकना गांव(vpo bukana) में मृतक पुजारी बाबूलाल वैष्णव के परिवार की महिलाएं भूख-प्यास और गंध से तड़प रही थीं, तब जयपुर के वातानुकूलित बिड़ला सभागार में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कृषि सुधार कानून पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कोस रहे थे। गांव के दबंगों ने 7 अक्टूबर को राधा-गोविंद मंदिर के पुजारी वैष्णव को जिंदा जला दिया था। पुजारी का शव 9 अक्टूबर से घर में ही रखा हुआ था। चूंकि पिछले दिनों तीनों से पुजारी परिवार के घर का चूल्हा नहीं जला इसलिए पुजारी परिवार की महिलाएं भूखी प्यासी हैं। अब जब घर में लाश रखी हुई है, तब महिलाओं ने पानी का भी त्याग कर रखा है। विधवा पत्नी पांच बेटियों एवं परिवार के अन्य महिलाओं का रो रो कर बुरा हाल है। भूख प्यास से तड़ती महिलाएं बार बार बेहोश हो रही हैं। बेहोश महिलाओं के मुंह में बूंद बूंद पानी डालकर होश में लाने का काम लगातार हो रहा है। दो महिलाओं को तो अस्पताल में भी भर्ती करवाना पड़ा है।
हालांकि मौके पर कलेक्टर और एसपी पहुंच गए हैं, लेकिन सरकार खासकर मुख्यमंत्री की ओर से कोई निर्देश नहीं मिलने की वजह से पुजारी परिवार की मांगों पर निर्णय नहीं हो रहा है। अधिकांश राष्ट्रीय न्यूज चैनलों के संवाददाता घर के बाहर से लाइव कवरेज कर रहे हैं। चैनलों पर परिवार की महिलाओं के दृश्य लगातार दिखाए जा रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद भी सरकार और मुख्यमंत्री पर कोई असर नहीं हो रहा है। 10 अक्टूबर को जयपुर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से बिड़ला सभागार में कृषि सुधार कानून के विरोध में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में सीएम गहलोत कोई दो घंटे तक उपस्थित रहे। अपने भाषण में सीएम ने प्रधानमंत्री मोदी को जमकर कोसा। गहलोत ने कहा कि यह कानून बड़े कारोबारियों को लाभ पहुंचाने के लिए लाया गया है। प्रधानमंत्री चाहते हैं कि देश का किसान और गरीब हो जाए। इस कानून से किसान और कृषि बर्बाद हो जाएगी। एक ओर कोरोना वायरस के खिलाफ गहलोत सरकार जन आंदोलन चला रही है तो दूसरी ओर राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन भी सरकार की ओर से हो रहा है। हालांकि सभागार में सोशल डिस्टेङ्क्षसग के नियमों के अनुरूप लोगों को बैठाया गया, लेकिन सैकड़ों लोग अपने घरों से निकल कर सम्मेलन स्थल तक आए। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि प्रदेश में इन दिनों धारा 144 लगी हुई है। हालांकि इस धारा का उल्लंघन करने में कोई भी राजनीतिक दल पीछे नहीं है।
शव को सीएम आवास ले जाने की घोषणा:
बुकना गांव के नाराज ग्रामीणों ने कहा है कि यदि पुजारी परिवार की मांगों को नहीं माना गया तो शव को जयपुर में मुख्यमंत्री के आवास पर ले जाया जाएगा। ग्रामीणों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि सरकार के किसी भी मंत्री ने पुजारी परिवार की सुध नहीं ली है। सीएम गहलोत लगातार राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हैं, लेकिन पुजारी परिवार के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखा रहे हैं।

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