भूपेंद्र हुड्डा और कुमारी शैलजा के लिए अग्नि परीक्षा की घड़ी भारत बचाओ रैली

कांग्रेस की भारत बचाओ रैली आज दिल्ली में
भूपेंद्र हुड्डा (Bhupendra Hooda)और कुमारी शैलजा (Kumari Selja)के लिए भी अग्नि परीक्षा की घड़ी

-राजकुमार अग्रवाल-

नई दिल्ली।

दिल्ली में आयोजित हो रही कांग्रेस की “भारत बचाओ रैली” पूरी कांग्रेस के अलावा हरियाणा कांग्रेस के लिए भी बराबर का महत्व रखती है। केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ हो रही कांग्रेस की रैली हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के लिए अग्नि परीक्षा साबित होगी।
हरियाणा कांग्रेस की कमान भूपेंद्र हुड्डा और कुमारी शैलजा के हाथों में होने के बाद पहली बार दिल्ली में कांग्रेसी् का पहला शक्ति प्रदर्शन हो रहा है। इस शक्ति प्रदर्शन में हरियाणा के लोगों की भागीदारी की संख्या भूपेंद्र हुड्डा की लोकप्रियता का पैमाना साबित होगी।

हुड्डा के लिए बेहद अहम है दिल्ली रैली

कांग्रेस हाईकमान ने विधानसभा चुनाव से पहले हरियाणा कांग्रेस में बड़ा फेरबदल किया था। अशोक तंवर को प्रदेशाध्यक्ष से हटाकर जहां कुमारी शैलजा को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी वहीं दूसरी तरफ भूपेंद्र हुड्डा को कोऑर्डिशन कमेटी का चेयरमैन बनाकर पार्टी को मजबूत करने की कवायद की गई थी।
इन दोनों की जोड़ी की अगुवाई में दो दर्जन गलत टिकटें बांटने के बावजूद कांग्रेस 31 सीटें हासिल कर गई थी। खराब टिकट आवंटन के बावजूद 31 सीटें मिलना भूपेंद्र हुड्डा और कुमारी शैलजा को भी सकते में डाल गया है।
यह चौंकाने वाला चुनावी परिणाम दोनों नेता 2024 में पार्टी को सत्ता दिलाने की उम्मीद जगा गया हैं। भूपेंद्र हुड्डा दिल्ली रैली भारी भीड़ जुटाकर पार्टी हाईकमान को यह दिखाने का प्रयास करेंगे कि उनकी अगुवाई में ही कांग्रेस 2024 में सत्ता की सरताज बन सकती है। भूपेंद्र हुड्डा ने इसीलिए दिल्ली रैली को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है और अपने सभी समर्थकों को ज्यादा से ज्यादा लोगों को रैली में लाने का की जिम्मेदारी लगाई है

कांग्रेस की भारत बचाओ रैली का देश से ज्यादा हरियाणा पर प्रभाव पड़ता हुआ नजर आएगा। अगर रैली में हरियाणा से भारी संख्या में लोगों की भागीदारी रही तो यह संदेश जाएगा कि हरियाणा में भूपेंद्र हुड्डा की पकड़ और दमखम पहले की तरह बरकरार है।
हरियाणा की भागीदारी सबसे ज्यादा होने पर कांग्रेस हाईकमान को भी यह भरोसा हो जाएगा कि हुड्डा और शैलजा की जोड़ी ही उसे दोबारा सत्ता में वापसी करा सकती है।
रैली में भारी भागीदारी के जरिए भूपेंद्र हुड्डा के दमखम का डंका बजता हुआ नजर आएगा और यह साबित हो जाएगा कि भूपेंद्र हुड्डा के बगैर कांग्रेस का हरियाणा में गुजारा नहीं है।

बात यह है कि कांग्रेस की दिल्ली में हो रही भारत बचाओ रैली भूपेंद्र हुड्डा के लिए साख का सवाल बन गई है। 6 साल के बाद पहली बार भूपेंद्र हुड्डा दिल्ली में अपना दमखम दिखाने जा रहे हैं। भूपेंद्र हुड्डा हरियाणा से भारी संख्या में लोगों को दिल्ली में ले जाकर एक तरफ कांग्रेस हाईकमान को अपना मुरीद बनाने का काम करेंगे वहीं दूसरी तरफ सियासी हलकों में यह दावा ठोकेंगे कि हरियाणा में उनसे मजबूत नेता किसी भी पार्टी में नहीं है।
भूपेंद्र हुड्डा दिल्ली रैली को पूरी गंभीरता से ले रहे हैं और इसलिए उन्होंने अपने हर समर्थक को रैली में भीड़ लाने का टारगेट दिया है। दिल्ली रैली में हरियाणा से जाने वाले लोगों की भीड़ में से 95 फ़ीसदी लोग भूपेंद्र हुड्डा से जुड़े हुए होंगे।
हरियाणा के बाकी बड़े नेताओं ने अभी तक रैली की सफलता के लिए ज्यादा कसरत नहीं की है। अखबारी बयानों के अलावा फील्ड में रैली की सफलता के लिए नेताओं के गिने-चुने दौरे ही हुए हैं।
ऐसे में दिल्ली रैली में हरियाणा की भागीदारी बड़ी भागीदारी का पूरा श्रेय भूपेंद्र हुड्डा को ही जाएगा।
भूपेंद्र हुड्डा दिल्ली रैली को अपने लिए गोल्डन चांस मान रहे हैं। इसलिए उन्होंने इसमें भारी भागीदारी के लिए हर मुमकिन प्रबंध किया है। दिल्ली रैली की भारी भागीदारी जहां भूपेंद्र हुड्डा के हौसलों को बुलंद करेगी वहीं अगर ज्यादा संख्या में हरियाणा से लोग रैली में नहीं गए तो वह भूपेंद्र हुड्डा के लिए बड़ा झटका भी साबित होगा। अब यही देखना बाकी है कि दिल्ली की रैली कांग्रेस और भूपेंद्र हुड्डा के लिए संजीवनी साबित होगी या उन्हें मायूस करने का काम करेंगे। यह तय है कि दिल्ली रैली कांग्रेसी् और भूपेंद्र हुड्डा को कई सबक देकर जाएगी और इन्हीं शब्दों के आधार पर कांग्रेस और हुड्डा का सियासी भविष्य नए सफर पर निकलेगा।

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