मंदिर,मस्जिदों और गुरुद्धारे भी  बिना अनुमति के  लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं कर सकेंगे   -हाईकोर्ट 

मंदिर,मस्जिदों और गुरुद्धारे भी  बिना अनुमति के  लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं कर सकेंगे   -हाईकोर्ट

नूंह, 15 अक्तूबर ( )

उपायुक्त पंकज ने बताया कि अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए पंजाब और हरियाणा के उच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से महेन्द्र सिंह  बनाम स्ट्रेट ऑफ हरियाणा के फैसले में क्षेत्र में लाउडस्पीकरों का उपयोग बिना पूर्व अनुमति के निषिद्ध कर दिया है। मंदिर,मस्जिदों और गुरुद्वारों द्वारा भी प्राधिकरण से लिखित अनुमति के बिना लाउडस्पीकर का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। यह केवल सीमित अवधि के त्योहार और विशेष अवसरों के लिए है जो 15 दिनों के लिए, रात 10.00 बजे से 12.00 बजे के बीच लाउडस्पीकर और सार्वजनिक पता प्रणाली का उपयोग करने की अनुमति दी जा सकती है। जिससे ध्वनी 10 डीबी (ए) अधिक नही होनी चाहिए। रात्री के समय लाउडस्पीकर, संगीत, वाद्यायन्त्र,एम्पलीफायर, इत्यादि का प्रयोग ध्वनी प्रदुषण नियन्त्रण 2000 के नियमनुसार आडोटोरीयम, काफ्रैंस रुम, कम्यूनिरीहाल, बैंक्टहॉल में किया जा सकता है, जिससे ध्वनी सीमा 5 डीबी से अधिक नही होनी चाहिए। हॉर्न का उपयोग मौन क्षेत्रों में या सार्वजनिक आपातकाल के अलावा आवासीय क्षेत्रों में रात के समय 10 से सुबह 6 बजे में नहीं किया जाएगा। पटाखे छोडऩे वाली ध्वनि को साइलेंस जोन में या रात के समय नहीं फोडऩा चाहिए। आवासीय क्षेत्रों और साइलेंस जोन में रात के समय ध्वनि निर्माण उपकरणों का उपयोग या संचालन नहीं किया जाएगा। प्रचार होने पूरे राज्य में प्रतिबन्धित है। पुलिस अधिकारी यह भी सुनश्चित करेगे कि मोटर साईकल की साईलेन्सर मुक्त हो ताकि ध्वनी प्रदुषण से बचा जा सकें। उन्होने बताया कि 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों को सिनेमा हॉल / मल्टीप्लेक्स में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है, जहां ए सर्टिफिकेट फिल्मों की स्क्रीनिंग की जाती है। फायर-आम्र्स को एक निष्पक्ष, धार्मिक जुलूस या अन्य सार्वजनिक सभा में या किसी शैक्षणिक संस्थान के परिसर के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं है। सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों / पुलिस अधीक्षकों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित करते हैं कि कोई हॉर्न साइलेंस ज़ोन में या रात के समय के दौरान रात 10.00 बजे से सुबह 06 बजे के बीच आवासीय जोन में नहीं है। सार्वजनिक आपातकाल के दौरान क्षेत्रों को छोडक़र। आवासीय क्षेत्रों या साइलेंस ज़ोन में रात 10 बजे से सुबह 06.00 बजे के बीच कोई ध्वनि उत्सर्जक निर्माण उपकरण का उपयोग या संचालन नहीं किया जाएगा। लाइसेंसिंग अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया जाता है कि किसी भी व्यक्ति को कोई लाइसेंस जारी नहीं किया जाए, जिसने 21 वर्ष की आयु पूरी नहीं की है। किसी ऐसे व्यक्ति को कोई लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा, जिसे पाँच वर्षों की अवधि के दौरान किसी भी समय किसी भी अवधि के लिए कारावास या हिंसा के नैतिक दंड से जुड़े किसी भी अपराध के लिए सजा सुनाई गई हो। जिला मजिस्ट्रेट / वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक / प्रत्येक जिले के पुलिस अधीक्षक व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे कि वे यहां जारी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें। जिला प्रशासन को यह सुनिश्चत करने के निर्देश दिए है कि किसी भी शिक्षण संस्थान के पास नग्न, अर्धनग्न पोस्टर नही लगाए जाए। प्रशासन वार्षिक परीक्षाओ से 15 दिन पूर्व परीक्षा अवधि तक का लाउडस्पीकर की कोई अनुमति न दी जाए।

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