मजदूर न मिलने से गेंहू कटाई पर चलने लगी कम्बाईन मशीनें, पशुपालकों को खलेगी भूसा की समस्या 

बाबैन, 9 अप्रैल (सुरेश अरोड़ा): बाबैन क्षेत्र में गेहंू की फसल पक कर तैयार हो चुकी है और लॉकडाउन के चलते मजदूर न मिलने के कारण अब किसानों के सामने गेंहू कटाई, कडाई व भूसा आदि बांधने की समस्याऐं उत्पन्न हो गई है। किसानों ने लेबर का इंतजार किए बिना ही गेहूं की कटाई के लिए कंबाईन मशीनों का सहारा लेना शुरु कर दिया है ताकि उन्हें बाद में परेशानी न हो। गेहूं की सरकारी खरीद लेट होने के कारण किसानों को गेहूं के भंडारण की भी ङ्क्षचता सतानें लगी है। क्षेत्र के किसान प्रवीण व महिन्द्र रामसरन माजरा, राकेश अग्रवाल बाबैन, बलदेव सिंह लल्ली, जसमेर सिंह, गुरप्रताप सिंह, शमशेर सिंह बेरथला, अजैब सिंह, तरसेम राय माजरा, रणधीर सिंह गुहन, जगतार सिंह, सलिन्द्र सेखों आदि का कहना है कि खेतों में गेंहू की फसलें पक कर तैयार खड़ी है। कोरोना वायरस महामारी के कारण लगे लाऊकडाउन के चलते अधिकांश बाहरी मजदूर पलायन कर गए है और स्थानीय मजदूर खेतों में आने से कतरा रहे हैं। बिहारी मजदूरों के पलायन के चलते गेंहू का यह सीजन किसानों के लिए मुसीबत भरा लगने लगा है। किसानों का कहना है कि गेंहू की फसल की कटाई यदि समय पर ना करवाई तो फसल की बालियां कुडकर टूटने लगेगी जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों का कहना है कि इस बार लेबर की कमी के चलते गेंहू की कटाई मजदूरों के हाथ से नहीं होगी बल्कि कम्बाईन मशीनों से होगी जिससे पशुओं के लिए सुखे भूसे की किल्लत भी बढेगी। उन्होंने कहा कि लैबर व रैपर से कटाई की गई गेहूं से ही पर्याप्त मात्रा में भूसा निकलता है जो बढियां होता है। कम्बाईन से गेहूं कटवाने के बाद बचे अवशेषों से बनने वाला भूसा काफी कम मात्रा में बनता है। किसानों ने कहा इस बार खराब मौसम को देखते हुए उन्हें अपनी गेहूं की फसल उठानें के लिए मजबूरन कम्बाईन मशीनों का ही सहारा लेना पड़ेगा।
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कम्बाईन मशीनों का अभाव खटकने लगा
ं किसानों का कहना है इस बार पंजाब से कम्बाईन मशीनें भी कम आ रही है और जो मशीनें इलाका के किसानों के पास है उनके ड्राईवर भी पंजाब से आते है। पंजाब में कफर््यू लगा होने के कारण अभी तक ड्राईवर नहीं आए है जिसके कारण कम्बाईन मशीनें बंद खडी हैं और अभी तक उनकी रिपेयर भी नहीं हो सकी है। क्षेत्र के कम्बाईन मालिक सुखपाल सिंह रामनगर, अशोक रामसरन माजरा, विकास संघौर, जसबीर बेरथला ने बताया कि उनके ड्राईवर पंजाब के नाभा व पटियाला से हर साल उनके पास आते है जो इस साल अभी तक नहीं आए है। उन्होंने कहा कि पंजाब से जब तक ड्राईवर नहीं आएंगे तब तक मशीनों की रिपेयर भी नहीं हो सकेगी। उन्होंने कहा कि मशीनों की रिपेयर समय पर ना होने के कारण जहां गेहूं की कटाई लेट होगी वहीं उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा।

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