मनीष ग्रोवर सीएम से ज्यादा पावरफुल है, या फिर सीएम उनसे डरते हैं। -बलराज कुंडू 

निर्दलीय विधायक कुंडू ने समर्थन वापसी की धमकी दी, कहा- पूर्व मंत्री ग्रोवर कार्रवाई करे सरकार
रोहतक. महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू और उनके भाई शिवराज कुंडू पर रोहतक सिविल लाइन थाना में धोखाधड़ी का केस दर्ज होने पर उन्होंने पलटवार किया है। कुंडू ने रविवार को प्रेसवार्ता करके भाजपा के पूर्व मंत्री व रोहतक से पूर्व विधायक मनीष ग्रोवर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। कुंडू ने ग्रोवर को नटवरलाल बताया है। उन्होंने कहा कि ये मामला उन्हीं के दबाव में दर्ज हुआ है। यदि एक महीने के अंदर सरकार ने ग्रोवर पर कार्रवाई नहीं की तो वे अपना समर्थन वापस ले लेंगे। इससे पहले भी बलराज कुंडू ने मनीष ग्रोवर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।
रोहतक की दुर्गा कॉलोनी के नरेंद्र धनखड़ और उनके भाई पहले बलराज कुंडू की फर्म में ठेकेदारी का काम करते थे। दोनों पक्षों में करीब दो साल से विवाद चल रहा है। इसमें अब कुंडू पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। केस दर्ज होने के बाद अब बलराज कुंडू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले में पहले समझौता हो चुका था लेकिन, मनीष ग्रोवर मेरी आवाज दबाना चाहते हैं, इसलिए मेरे ऊपर मामला दर्ज करवाया गया है।

कुंडू बोले- ग्रोवर शायद इतने पावरफुल हैं, कि सीएम भी उनसे डरते हैं
बलराज कुंडू ने कहा कि मुझे लगता है कि मनीष ग्रोवर सीएम से ज्यादा पावरफुल है, या फिर सीएम उनसे डरते हैं। तभी उन पर भ्रष्टाचार के आरोपों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। यदि एक महीने में मनीष ग्रोवर पर कार्रवाई नहीं हुई तो मैं अपना समर्थन वापस ले लूंगा। मैंने ईमानदार सीएम को समर्थन दिया था न कि भ्रष्टाचार को।

ये लगाए घोटाले के आरोप
कुंडू ने कहा कि ग्रोवर ने कैथल शुगर मिल में कांटे की चिप बदलकर घोटाला कराया। उन्होंने 1 क्विंटल सीरे को 60 किलोग्राम दिखाया गया। किसान के 1 क्विंटल गन्ने को 90 किलोग्राम दिखाया गया। चीनी मिल से जाने वाली 1 क्विंटल चीनी को 78 किलोग्राम दिखाया गया।
पीएम की अमृत जल योजना में 2650 करोड़ रुपए दिए गए थे। इसे पानी और सीवर का काम पब्लिक हैल्थ विभाग को करना था। लेकिन, मनीष ग्रोवर ने इसे अपने डिपार्टमेंट में लिया और फिर सिंगल टेंडर करवाए गए। ठेकेदार को ही पाइप खरीदने के लिए कहा गया। 70 रुपए के पाइप को 120 रुपए में खरीदा गया। इसमें 250 करोड़ का घोटाला हुआ।
पानीपत शुगर मिल के नजदीक ही पानीपत नंबर-1 के नाम से शराब फैक्ट्री है। इस शुगर मिल से सीधे पाइप के माध्यम से सीरा इसमें जाता था। 2016-17 में 80 हजार टन सीरा खा गए। 60 से 65 करोड़ का घोटाला हुआ। जांच हो चुकी है, कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
पानीपत और करनाल शुगर मिल का ठेका सबसे कम टेंडर डालने वाले को नहीं दिया गया, जबकि ज्यादा टेंडर डालने वालों को दिया गया।
कुंडू के समर्थन वापसी से सरकार को कोई नहीं खतरा
कुंडू उन निर्दलीय 6 विधायकों में शामिल हैं, जिन्होंने भाजपा को समर्थन दिया था। भाजपा ने इनमें से 5 विधायकों को कोई न कोई पद दे रखा है, जिन्हें पद नहीं मिला है। उनमें कुंडू भी शामिल हैं। कुंडू यदि इस्तीफा दे देते हैं तो इससे सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि हलोपा के विधायक गोपाल कांडा और जजपा के 10 विधायकों का सरकार को समर्थन प्राप्त है।

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