मनोहर ने किया हरियाणा का  12 हजार 22 करोड़ घाटे वाला बजट पेश 

 

 

मनोहर ने किया हरियाणा का  12 हजार 22 करोड़ घाटे वाला बजट पेश

चंडीगढ़ (अटल हिन्द ब्यूरो )

6 फ़ीसदी से अधिक विकास वृद्धि की संभावना के साथ मुख्यमंत्री ने पेश किया बजट

12000 करोड से अधिक का घाटा

कई विभागों के लिए बजट में प्रावधान बढ़ाया

मुख्यमंत्री को निवेश तेजी से बढ़ने की उम्मीद

 

कुल बजट- 1 लाख 32 हजार 165 करोड़

 

कुल घाटा- 12 हजार 22 करोड़

 

कुल कर्ज- 1 लाख 79 हजार 462 हजार करोड़

 

किस विभाग को मिला कितना बजट

 

विभाग का नाम मिला बजट

 

कृषि एवं किसान कल्याण- 3834.33 करोड़

 

सहकारिता- 1396.21 करोड़

 

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन- 1512.42 करोड़

 

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण- 3126.54 करोड़

 

चिकित्सा एवं अनुसंधान- 1358.75 करोड़

 

आयुष- 0337.20 करोड़

 

ईएएसआइ- 172.49 करोड़

 

खाद्य एवं औषध- 045.67 करोड़

 

शिक्षा एवं संबद्ध – 12307.46 करोड़

 

तकनीकी शिक्षा- 0512.72 करोड़

 

खेल एवं युवा मामले- 0401.17 करोड़

 

कौशल विकास,औद्योगिक प्रशिक्षण- 0680.06 करोड़

 

रोजगार विभाग- 0365.20 करोड़

 

सिंचाई एवं जल संसाधन- 3324.51 करोड़

 

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी- 3605.32 करोड़

 

बिजली विभाग- 12988.61 करोड़

 

लोक निर्माण विभाग- 3626.21 करोड़

 

नागरिक उड्डयन- 214.10 करोड़

 

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी- 152.75 करोड़

 

उद्योग विभाग- 406.72 करोड़

 

वन विभाग- 415.39 करोड़

 

खान एवं भू-विज्ञान- 101.55 करोड़

 

शहरी स्थानीय निकाय- 3994.95 करोड़

 

गृह विभाग- 5150.51 करोड़

 

पर्यटन विकास- 0048.92 करोड़

 

विकास एवं पंचायत- 5194.16 करोड़

 

परिवहन- 2605.00 करोड़

 

अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा विभाग- 7199.32 करोड़

 

महिला एवं बाल विकास- 1504.98 करोड़।

 

इस समय ब्याज मुक्त ऋण सुविधा केवल सहकारी संस्थाओं के द्वारा लिए गए ऋण पर उपलब्ध है और इसकी सीमा 1.5 लाख रुपए है अब मैं प्रस्ताव रखता हूं कि ब्याज रहित ऋण की सुविधा उन किसानों को मिलेगी जो किसी भी राष्ट्रीय कृत बैंक या सहकारी बैंक से प्राप्त 60000 रुपए प्रति एकड़ तक का अधिकतम ₹300000 तक का,अधिकतम ऋण ले सकते हैं इस सुविधा के लिए तीन शर्ते होंगी

 

पहली किसान निर्धारित समय पर ऋण की लड़ाई करें दूसरी किसान मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर लिए गए सभी सहकारी त्रण को घोषित

 

तीसरी यह की फसल के खरीद मूल्य में से ऋण की सीमा तक की अदायगी खरीद एजेंसी द्वारा सीधे उस संस्थान के खाते में जमा कराई जाएगी जिससे किसान ने ऋण लिया है।

 

किसानों को बीमा योजना के तहत 2097 करोड़ का मुआवजा दिया गया। जबकि बीमा कंपनीज से 1673 करोड़ प्रीमियम दिया गया था।

 

अटल भूजल योजना के तहत प्रदेश में 36 खंडों की पहचान की गई है।

 

मिट्टी की सेहत जांचने के लिए 2017 से 2019 के दौरान करीब साढे 36लाख किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी की गई।

 

साल 2019 20 के दौरान प्रदेश की सभी मंडियों में मिट्टी जांच प्रयोगशालाओं की स्थापना का लक्ष्य रखते हुए अब तक 111 प्रयोगशाला पर काम जारी।

 

सब्जी मंडी में महिला किसानों के लिए 10 फ़ीसदी की जगह आरक्षित की।

 

गोदामों में से चोरी रखने के लिए सरकार ने राज्य भंडारण निगम, हैफेड, खाद्य आपूर्ति विभाग के सभी गोदामों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस साल 52 गोदामों में कैमरे लगाने का लक्ष्य।

 

सहकारी संस्थाओं के साथ अब किसानों को राष्ट्रीय बैंक या सहकारी बैंकों से बिना ब्याज अधिकतम सीमा ₹300000 तक होगी का फसली ऋण ले सकेंगे।

 

स्कूल और कॉलेजों के बच्चों को मिट्टी पानी की टेस्टिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी।

 

किन्नू अमरूद और आम के बागों की स्थापना पर सरकार अब ₹20000 प्रति एकड़ अनुदान देगी ।

 

18 नए सरकारी कॉलेज खोले जाएंगे।

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