मनोहर लाल को चाहिए उनके सामने सर झुकाने वाला पार्टी प्रधान ?अन्य 4 में से  3 पांडवों के कद के बराबर नहीं है खटटर 

मनोहर लाल के इतने ख़ास क्यों सुभाष बराला ,,अन्य पांच “पांडव” हैं प्रधानगी के दावेदार जो आकाओं से फरियाद कर रहे हैं और फील्डिंग को जचा रहे हैं।

मनोहर लाल को चाहिए उनके सामने सर झुकाने वाला पार्टी प्रधान ?अन्य 4 में से  3 पांडवों के कद के बराबर नहीं है खटटर

-राजकुमार अग्रवाल –
चंडीगढ़। भाजपा हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष के लिए इस समय गोटिया बिछाई जा रही हैं।राज्यसभा की दोनों सीटों के लिए किसी जाट नेता की बजाय दलित और पिछड़े नेताओं को सिलेक्ट किए जाने के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष पद पर जाट नेता की तैनाती की संभावनाएं ज्यादा प्रबल हो गई हैं।हरियाणा की सत्ता पर काबिज होने के चलते भाजपा के लिए प्रदेश अध्यक्ष का पद भी खास मायने रखता है।सरकार और संगठन के बीच संतुलन कायम करने के लिए प्रदेशाध्यक्ष की भूमिका बेहद खास होती है। इसलिए इसके चयन को लेकर कई बेहद जरूरी “फैक्टरों” को खंगाला जा रहा है।

पांच “पांडव” हैं प्रधानगी के दावेदार
भाजपा के पांच बड़े जाट नेता प्रदेश अध्यक्ष का पद हासिल करने के लिए भरपूर कोशिश कर रहे हैं।वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, पूर्व प्रदेश कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, पूर्व प्रदेश वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु और दूसरी बार विधायक बने महिपाल ढांडा प्रदेश अध्यक्ष बनने की हसरत रखते हैं।ये सभी नेता अपने चयन को पक्का करने के लिए भाजपा हाईकमान के दरबार में अपने आकाओं से फरियाद कर रहे हैं और फील्डिंग को जचा रहे हैं।

सीएम की एनओसी होगी डिसाइडिंग
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद पर तैनाती के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की एनओसी सबसे “डिसाइडिंग” फैक्टर रहेगी।मुख्यमंत्री ऐसा प्रदेशाध्यक्ष चाहेंगे जो उनके साथ पूरा तालमेल कायम करते हुए सरकार और पार्टी के बीच बेहतर समन्वय कायम कर सके।मनोहर लाल ऐसा प्रदेशाध्यक्ष हरगिज़ नहीं चाहेंगे जो उनकी सोच के साथ मैच ना करता हूं और जिसके साथ काम करने में उन्हें किसी तरह की परेशानी हो।मुख्यमंत्री प्रदेशाध्यक्ष के लिए अपनी एनओसी देने से पहले पूरा तौल-मौल करते हुए अपना फैसला सुनाएंगे क्योंकि उन्हें पता है कि प्रदेशाध्यक्ष जहां एक तरफ उनका “सहारा” बन सकता है वहीं दूसरी तरफ उनके लिए “सिरदर्द” भी साबित हो सकता है।

बराला हैं राइट च्वाइस
वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला मुख्यमंत्री के लिहाज से प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सबसे राइट च्वाइस नजर आ रहे हैं।अपने वर्तमान कार्यकाल के दौरान सुभाष बराला ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ पूरी ट्यूनिंग बैठाते हुए हर मोर्चे पर उनका साथ निभाया है।दोनों ही नेताओं के बीच एक बार भी रिश्तो में खटास नजर नहीं आई। सुभाष बराला मुख्यमंत्री के मिजाज को बेहतरीन तरीके से समझ गए हैं और उसी हिसाब से पार्टी संगठन और सरकार के बीच वे कड़ी के रूप में काम कर रहे हैं।मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को सुभाष कराला के कामकाज को लेकर कोई भी शिकायत नहीं है।

 

 

बाकी चार नेताओं के साथ मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की पटरी उस तरह से नहीं बैठ सकती है जिस तरह बराला के साथ बैठी है। चारों अन्य दावेदारों को किसी ने किसी कारण से मुख्यमंत्री के एनओसी से वंचित रहना पड़ सकता है। इसलिए बराला की दुबारा लॉटरी लग सकती है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ही यह तय करेंगे कि पार्टी का अगला प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा। पार्टी हाईकमान प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करते समय मुख्यमंत्री की सलाह लेकर ही निर्णय करेगा।

 

 

भाजपा हाईकमान यह नहीं चाहेगा कि मुख्यमंत्री की सोच और विचारधारा से टकराव मोल लेने वाला कोई प्रदेश अध्यक्ष बने जिसके चलते पार्टी विवादों के घेरे में आए और सार्वजनिक तौर पर पार्टी का तमाशा बने।मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के “हिसाब” साथ ही नए प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी। बीरेंद्र सिंह, कैप्टन अभिमन्यु और ओमप्रकाश धनखड़ के साथ मुख्यमंत्री उस तरह से सहज वर्किंग नहीं कर पाएंगे जिस तरह से वे सुभाष बराला के साथ करते आए हैं।

 

 

सुभाष बराला मुख्यमंत्री के स्वाभाविक साथी के रूप में खुद को साबित कर चुके हैं। ऐसे में अगर जाट नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया तो मुख्यमंत्री का सबसे पहला समर्थन सुभाष बराला को मिलता नजर आ रहा है।भाजपा के लिए सुभाष बराला का चयन समझदारी भी कहा जाएगा क्योंकि उनकी नियुक्ति के साथ पार्टी में किसी तरह का बवाल नहीं बचेगा और सरकार बिना किसी “रूकावट” व “पंगे” के चलती रहेगी। मुख्यमंत्री के हाव भाव बता रहे हैं कि उनकी पहली पसंद सुभाष बराला हैं। इसलिए उनके सिर पर ही दोबारा प्रदेश की चौधर का ताज बंधने के पूरे आसार हैं।क्योंकि  मनोहर लाल को चाहिए उनके सामने सर झुकाने वाला पार्टी प्रधान ?यही नहीं अन्य जो 4  लोग हरियाणा भाजपा की प्रधानगी चाहते है वे खटटर के सामने सर नहीं झुका सकते या फिर यूँ कह लीजिये की हरियाणा में सीएम मनोहर लाल इन पांचों के कद के बराबर नहीं है हरियाणा की राजनीति में। इन चार लोगो में से एक महिपाल ढांडा नए खिलाडी है उसके बाद भी दिग्गजों के बीच खुद की उपस्तिथि दर्ज करवाने में कामयाब हो रहे है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *