मनोहर लाल खट्टर नाकाम रहे घोटालेबाजों और माफियाओं, भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल में

मनोहर लाल खट्टर नाकाम रहे घोटालेबाजों और माफियाओं, भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल में
चंडीगढ़:(अटल हिन्द ब्यूरो ) कैग ने हाल में हरियाणा के कई महकमों में कई तरह के गड़बड़झाले का खुलासा किया था। खनन और बिजली विभाग के कारण हरियाणा सरकार को हजार करोड़ से ज्यादा का चूना लगा था। पिछले पांच वर्षों में हरियाणा में सब कुछ ठीक नहीं हुआ। खनन की बात करें तो कांग्रेस इसे पांच हजार करोड़ का घोटाला बता रही है। कैग ने 1476 हजार करोड़ का गड़बड़झाला बताया था और कहा था कि खनन माफियाओं ने नदी की धारा तक बदल दी थी। अब प्रदेश में दुबारा भाजपा की सरकार जजपा के साथ मिलकर बनी है और लगता नहीं की माफियाओं पर सरकार नकेल कस सके।
लेकिन खट्टर सरकार और उनके अधिकारी अपनी मस्ती में मस्त रहे। लगभग दो साल पहले हमने बताया था कि फरीदाबाद जिले में हर महीने कई करोड़ का जीएसटी का चूना ओवरलोडिंग वाले लगा  रहे हैं। बदरपुर बार्डर से बल्लबगढ़ तक रात्रि में ओवरलोडिंग गाड़ियां पास करवाई जाती हैं। इन गाड़ियों में दो नंबर का बिना बिल वाला भी माल होता है। कुछ अधिकारी इन लोगों से हर माह करोड़ों की वसूली कर रहे हैं। ये गाड़ियां रात्रि में बदरपुर बार्डर के पास खड़ी रहती हैं। कुछ ऐसे लोग हैं जो मौका देख इन गाड़ियों को बल्लबगढ़ तक पहुंचाते हैं। ये जानकारी देने के बाद भी जीएसटी चोरी अब तक नहीं रुकी। अब भी सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि ये खेल अब भी जारी है और अब अधिकारी ऐसे लोगों से और वसूलने लगे हैं। दिखावे के लिए कभी कभार एक-दो ट्रक पकड़ लेते हैं जिनमे दो नंबर का माल कम होता है।

सरकार को कई तरीके से माफिया चूना लगा रहे हैं जिस कारण 2017-18 की अवधि के दौरान राजस्व व्यय में 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 41887 करोड़ से बढ़कर 73257 करोड़ पहुंच गया। सरकार की जहाँ से आमदनी होती है उसे कुछ भ्रष्ट अधिकारी कई तरह के माफियाओं से मिलकर डकार जाते हैं। मजबूरन सरकार को कर्ज लेकर प्रदेश की गाड़ी चलानी पड़ती है। इन माफियाओं पर लगाम लगे तो सरकार को इतना कर्ज न लेना पड़े। हरियाणा अब तक के पास दिन में प्रदेश के तमाम जिलों से कई फोन आते हैं जहाँ कुछ न कुछ गड़बड़ चल रहा है जिसे देख लगता है सीएम माफियाओं और भ्रष्टों पर लगाम नहीं लगा पा रहे हैं।  देखें सुरजेवाला क्या कह रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *