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मनोहर सरकार की दुर्गति करवा रहे अधिकारी या फिर सरकार खुद चाहती है ऐसा हो

विधानसभा में गेस्ट टीचरों का बिल पास, अधिकारी नहीं जारी कर रहे पत्र
चंडीगढ़। विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने प्रदेश के 14 हजार गेस्ट टीचरों को पहली कलम से नियमित करने का वायदा किया था। करीब 6 साल का समय बीत जाने के बावजूद भी उनको नियमित करना तो दूर समान काम समान वेतन तक नहीं मिला है। इतना ही नहीं सरकार ने विधानसभा में गेस्ट टीचरों की वर्ष में दो बार वेतन बढ़ोतरी करने का बिल पास किया था जिसे अधिकारियों ने आज तक लागू नहीं किया। जबकि बीजेपी के अनेक नेता घर घर जाकर गेस्ट टीचरों की सभी समस्याओं का समाधान करने का दावा कर रहे हैं।

हरियाणा में अधिकारी सरकार पर भारी पड़ रहे हैं और गेस्ट टीचरों के मामले में सरकार को झूठा साबित करने पर तुले हुए हैं। यह आरोप हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अजय लोहान ने जारी एक बयान में कहे। उन्होंने मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द पत्र जारी करवाकर अपने वायदे को पूरा करे।

हरियाणा सरकार ने 2019 में गेस्ट टीचरों की सेवाओं को 58 वर्ष तक जारी रखने का विधानसभा में बिल पास किया था। साथ ही वर्ष में दो बार वेतन बढ़ोतरी की बात कही थी,जबकि गेस्ट टीचरों की मांग थी कि उन्हें पहली कलम वाले वायदे के अनुसार नियमित किया जाए। जब तक नियमित नहीं किया जाता तब तक समान काम समान वेतन दिया जाए। लेकिन सरकार ने गेस्ट टीचरों की मांग तो पूरी की ही नहीं साथ ही अपना खुद का बिल भी सरकार लागू नहीं करवा पाई। करीब 1 वर्ष का समय बीत जाने के बावजूद भी गेस्ट टीचर विधानसभा में पास बिल के आधार पर अपनी वेतन बढ़ोतरी के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।

अधिकारियों का सिर्फ यही जवाब होता है कि उन्हें विधानसभा के एक्ट से कोई मतलब नहीं है और न ही वेतन बढ़ोतरी के हमारे पास कोई लिखित आदेश है। प्रदेश प्रवक्ता अजय लोहान ने मांग की है कि सरकार तुरंत प्रभाव से हरियाणा के सभी 14 हजार गेस्ट टीचरों को नियमित करें और जब तक नियमित नहीं करती तब तक उन्हें समान काम समान वेतन दिया जाए और तुरत प्रभाव से विधानसभा में पास किया हुआ एक्ट लागू करवाते हुए एरियर को देने का पत्र जारी करवाए सरकार। उन्होंने मांग की है कि या तो सरकार अधिकारियों के आगे हार मान ले या गेस्ट टीचरों को उनके अधिकार दिलवाए।

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