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मनोहर  सरकार ने पूरी दिलचस्पी दिखाई महेंद्रगढ़ में एडीजे कोर्ट बैठाने में 

मनोहर  सरकार ने पूरी दिलचस्पी दिखाई महेंद्रगढ़ में एडीजे कोर्ट बैठाने में

Narnoul news(अटल हिन्द संवाददाता )महेंद्रगढ़ (mahendergarh)उपमण्डल में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश का न्यायालय स्थापित करने में हरियाणा सरकार (haryana)ने पूरी दिलचस्पी दिखाई है। इसके लिए ना केवल सरकार के उच्च अधिकारियों के कार्यालयों में पत्राचार चला, अपितु सरकार ने हाईकोर्ट में भी जमकर पत्राचार किया। सरकार के पत्राचार पर पहले तो पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने महेंद्रगढ़ में एडीजे की कोर्ट स्थापित करने को विचाराधीन बताया। किन्तु हाईकोर्ट ने सरकार को चिठ्ठी लिख दी कि महेंद्रगढ़ में एडीजे कोर्ट बैठाने का फैसला सरकार का हो सकता है, उच्च न्यायालय ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है। यह खुलासा जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान मनीष वशिष्ठ एडवोकेट की ओर से सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना पर हुआ है। वशिष्ठ ने 12 फरवरी को मुख्य सचिव हरियाणा के कार्यालय से इस संबंध में सूचना की मांग की थी।

Manohar government showed full interest in setting up ADJ court in Mahendragarh
This disclosure was made on the information sought by the former head of the District Bar Association, Manish Vashisht Advocate, under the Right to Information Act. Vashistha had demanded information in this regard from the office of the Chief Secretary, Haryana on 12 February.
यह खुलासा जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान मनीष वशिष्ठ एडवोकेट की ओर से सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना पर हुआ है। वशिष्ठ ने 12 फरवरी को मुख्य सचिव हरियाणा के कार्यालय से इस संबंध में सूचना की मांग की थी।

गौरतलब है कि महेंद्रगढ़ नगर के अधिवक्ता महेंद्रगढ़ में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय को स्थापित करने व नारनौल के अधिवक्ता इसके विरोध में लम्बे समय से धरने पर बैठे हैं। दोनों नगरों के अधिवक्ता जिला का नाम अपने-अपने नगरों पर करवाने की मांग भी कर रहे हैं। वशिष्ठ ने बताया कि आरटीआई से खुलासा हुआ है कि तीन मई 2020 को जब सारा देश लॉकडाउन में था, तब मुख्य सचिव कार्यालय की राजनैतिक शाखा ने बार एसोसिएशन महेंद्रगढ़ की ओर से फरवरी 2020 में सौंपे गए ज्ञापन को सरकार के 26 उच्च अधिकारियों को अग्रेसित किया। उस पर कार्रवाई करते हुए हरियाणा सरकार ने उसे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के महापंजियक को भेज दिया। इसके बाद पांच जनवरी 2021 को महेंद्रगढ़ बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि मण्डल ने चण्डीगढ़ में मुख्यमंत्री से मिलकर फिर से ज्ञापन सौंपा। इसी बीच 18 जनवरी को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के सहायक पंजियक गजेट-द्वितीय ने महापंजियक कार्यालय की तरफ से पत्र क्रमांक 1129 गज.।। (7-जी) जारी करके अतिरिक्त मुख्य सचिव, न्याय एवं प्रशासन, हरियाणा सरकार को सूचित किया कि महेंद्रगढ़ में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश का न्यायालय स्थापित करने का मामला उच्च न्यायालय के विचाराधीन है।
उच्च न्यायालय के महापंजियक कार्यालय से मांगेंगे आरटीआई
मनीष वशिष्ठ का कहना है कि माननीय उच्च न्यायालय के महापंजियक कार्यालय के वही सहायक पंजियक 18 जनवरी के पत्र के द्वारा महेंद्रगढ़ में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के न्यायालय की स्थापना को विचाराधीन बता रहे थे, वहीं 48 दिन के बाद सरकार को पत्र जारी कर रहे है कि महेंद्रगढ़ में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की स्थापना का उच्च न्यायलय का कोई विचार नहीं हैं। वशिष्ठ का कहना है इसके लिए वह उच्च न्यायालय के महापंजियक कार्यालय से आरटीआई मांगेंगे। वहीं इस बारे में नारनौल के कुछ अधिवक्ताओं का यह कहना है कि उच्च न्यायालय का यह पत्र उन्हें गुमराह करने के लिए भी हो सकता है।
विरोध में नारनौल के अधिवक्ता धरने पर बैठे
सरकार के उक्त पत्र से नाराज होकर तीन फरवरी 2021 को नारनौल के अधिवक्ता, महेंद्रगढ़ में एडीजे कोर्ट स्थापित करने के विरोध में धरने पर बैठ गए। इसी बीच नौ व 10 मार्च को नारनौल सत्र खण्ड के प्रशासनिक न्यायाधीश को वार्षिक निरीक्षण के लिए दौरा था। जिसका नारनौल के अधिवक्ताओं ने विरोध का ऐलान कर दिया। तभी आठ मार्च 2021 को महापंजियक कार्यालय की तरफ से सहायक पंजियक गजेट द्वितीय ने सरकार के उक्त पत्र तथा उसके अनुक्रम में भेजे गए स्मरण पत्रों के संदर्भ में एक पत्र जारी कर दिया कि महेंद्रगढ़ में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय की स्थापना का निर्णय सरकार का स्वयं के स्तर पर है, इस संबंध में उच्च न्यायालय ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।
मुख्यमंत्री ने भी जाहिर की इच्छा
वशिष्ठ ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय के उक्त पत्र के बाद महेंद्रगढ़ बार एसोसिएशन की ओर से एक अन्य प्रतिवेदन मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार को प्रेषित किया गया, जो एक फरवरी 2021 को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्राप्त हुआ। जिस पर एक फरवरी को ही मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव ने अपनी टिप्पणी लिख दी कि हरियाणा सरकार ने लोकहित में निर्णय लिया है कि महेंद्रगढ़ में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश का न्यायालय स्थापित हो। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री ने भी इच्छा जाहिर है कि इस संबंध में तत्काल उच्च न्यायालय से आग्रह किया जाए। जिस पर कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव न्याय व प्रशासन ने दो फरवरी 2021 को ही उच्च न्यायालय के महापंजियक को पत्र लिखकर स्पष्ट कर दिया कि महापंजियक कार्यालय के उक्त पत्र दिनांक 18 जनवरी 2021 के संदर्भ में हरियाणा सरकार ने लोकहित में महेंद्रगढ़ में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय को स्थापित करने का सैद्धांतिक निर्णय लिया है तथा सरकार ने उच्च न्यायालय के महापंजियक से यह भी अनुरोध किया कि इस मामले का शीघ्रता से निपटान करते हुए आधारिक व वित्तीय संरचना का सम्पूर्ण प्रस्ताव बनाकर भेजे।

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