Atal hind
टॉप न्यूज़ राष्ट्रीय विचार /लेख /साक्षात्कार

मानव अंगों की चोरी कर रहा चीन

मानव अंगों की चोरी कर रहा चीन

कोई देश किस हद तक जा सकता हैं यह चीन ने दिखा दिया है। जिस तरह से पिछले कुछ सप्ताहों में भारत की ओर से कार्यवाहियॉ की जा रही है। वह चीन को खूब खटक रहा है। पाकिस्तान जिस तरह से चीन का पिछलग्गू बनकर काम कर रहा है। उससे उसका ही नुकसान हो रहा है। यह उसे अब तक समझ नहीं आ रहा है। चीन, पाकिस्तान के लोगों के मानव अंगों की चोरी कर रहा है। सुनने में यह बात बड़ी ही अजीब लग रही हैं। परंतु यह सच हैं। इमरान सरकार की कंगाली का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अपना कर्ज चुकाने के लिए भी कर्ज लेना पड़ता है। मगर अब बात इससे भी दो कदम आगे बढ़ चुकी है। जिस चीन को पाकिस्तान अपना सबसे बड़ा हमदर्द बताता है, वो पाकिस्तान के ही लोगों के अंगों का कारोबार कर रहा है। चीन के बाजार में पाकिस्तान के लोगों की किडनी और लीवर बिक रहे हैं।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग&थलग पड़ चुके दोनों देश न जाने एक–दूसरे के प्रति किस भुलावे में है। दरअसल पाकिस्तान को उम्मीद थी कि चीन की सरकार उसे इस कंगाली से उबरने में मदद करेगी। मगर ड्रैगन ने उसे ऐसा दगा दिया कि जिसकी उम्मीद पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम ने सपने में भी नहीं की होगी। मदद करने के बजाए चीन, पाकिस्तान के लोगों की किडनी निकालने में जुटा है। पाकिस्तानियों की किडनी बेच रहा है चीन, वो भी औने-पौने दाम पर। इस बात का सनसनीखेज खुलासा हाल ही में हुआ है कि पाकिस्तान के लोगों को पहले बहला-फुसलाकर चीन ले जाया जाता है और फिर वहां उनकी किडनी निकाल ली जाती है। अब तक कई लोग इसका शिकार हो चुके हैं। खासकर पाकिस्तान के गरीब तबके के लोगों की किडनियां चीन पहुंचते ही गायब हो जा रही हैं। पाकिस्तान के पंजाब इलाके के कई परिवार इन दिनों एक ही किडनी के सहारे जीने को मजबूर हैं। इनमें से कईयों का गुर्दा तो कब का गायब हो गया इन्हें खुद ही पता नहीं चला। याद रहें कि चीन के लोग बड़ी तादाद में किडनी और लीवर की बीमारियों से लम्बे समय से जूझ रहे हैं। कोरोना के संक्रमण की वजह से ऐसे मरीजों की तादाद में और भी इजाफा हुआ है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे इन मरीजों को किडनी या लीवर ट्रांसप्लांट की आवश्यकता होती है। चीन में आम तौर किडनी डोनर का मिलना मुश्किल ही नहीं असंभव होता है और अगर कोई मिल भी जाए तो उसकी कीमत चीन के इन रोगियों के लिए बहुत ज्यादा होती है। ऐसे में पाकिस्तान में मौजूद मानव अंगों के तस्कर गरीब लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर पहले उन्हें अपने झांसे में फंसाते हैं और फिर उनके अंगों का सौदा करके उन्हें उनके घर भेज देते हैं।

इन मानव अंगों के चोरी की हम कल्पना भी नहीं कर सकते। चीन के बाजार में ह्यूमन पार्ट्स की कीमत तय है। इनमें सबसे ज्यादा किडनी की 4 लाख, लीवर की 5 लाख और आँख की कीमत 2 लाख रूपये है। पाकिस्तान के लाहौर में एक ऐसे मानव तस्कर गिरोह का पता चला है, जो लोगों को चीन भेजता था और कुछ पैसों के ऐवज में चीन के डॉक्टर उनकी किडनी निकाल लेते थे। ऐसा माना जा रहा है कि पाकिस्तान के सैकड़ों लोग अब तक चीन में अपनी किडनी बेच चुके हैं। ये गिरोह पाकिस्तान के गरीब लोगों को अपने चंगुल में फंसाकर उन्हें अपनी किडनी बेचने के लिए तैयार करते थे। इसके लिए बाकायदा एक इंटरनेशनल रैकेट काम करता है। सबसे पहले एजेंट पाकिस्तान के गरीब लोगों को पैसों का लालच देते हैं, फिर उनके किडनी और लीवर का सौदा किया जाता है। इसके बाद इन्हें चीन के अलग-अलग शहरों में भेजा जाता है। जहां इस रैकेट से जुड़े अलग-अलग डॉक्टर इनके संपर्क में होते हैं। चीन पहुंचते ही डॉक्टर इनके अंग को प्रत्यारोपित करते हैं। इनके ऐवज में उन्हें मामूली रकम दी जाती है।

इस तरह से पाकिस्तान को चीन हर तरह से लूट रहा है। सोचिए एक तरफ चीन, पाकिस्तान को अपना सबसे अच्छा दोस्त कहता है और दूसरी तरफ वो पाकिस्तान के लोगों के मानव अंगों तक को चुरा लेता है। अपने देश की जनता के साथ इतनी बड़ी धोखेबाजी होते हुए भी पाकिस्तान एक तरह से मजबूर देश बन चुका है। उसे हर तरह से घुटने टेकने पड़ रहे है। सवाल यह उठता हैं कि क्या कोई देश अपनी आवाम के साथ इतने बड़े षड़यंत्र के बावजूद इतना गैर जिम्मेदाराना कैसे हो सकता है। अभी भी वक्त हैं पाकिस्तान को सम्हल जाना चाहिये। साथ ही देश की खुशहाली के लिये उसे कठोर निर्णय लेकर आम जनता को इससे निजात दिलाना चाहिये। जिससे पाक जनता का जीना दुभर न हो।

अंततोगत्वा यह कहना ही होगा कि पाक स्वयं अपने जाल में ही उलझता जा रहा है। भारत का विरोध कर वह गर्त में तो जा ही रहा है। पूरी तरह से कंगाल हो चुका पाकिस्तान और उसके वजीर-ए-आजम खामोश रहने के अलावा और कर भी क्या सकते हैं। परंतु मानव अंगों की तस्करी के शिकार हो चुकी अवाम की आने वाली पीढ़ी इन्हें कभी माफ नहीं करेगी।
-धनंजय कुमार

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति ATAL HIND उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार #ATALHIND के नहीं हैं, तथा atal hind उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है.

अटल हिन्द से जुड़ने के लिए शुक्रिया। जनता के सहयोग से जनता का मीडिया बनाने के अभियान में कृपया हमारी आर्थिक मदद करें।

Related posts

खट्टर का हुआ  अब तक का सबसे बड़ा विरोध किसान आंदोलन बना जन आंदोलन.

admin

corona का गुरुग्राम से याराना जून के पहले सप्ताह में अंतिम दिन फिर 203 पाजिटिव मामले

Sarvekash Aggarwal

मर्द अपने पैंट की जिप खोल सकते हैं पांच साल की बच्‍ची के सामने , यह भी अपराध नहीं- बॉम्‍बे हाईकोर्ट

admin

Leave a Comment

URL