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यूपीः बीजेपी विधायक रेप मामले में दोषी क़रार,हम चाहते हैं कि रेप के मामले में दोषी विधायक जीवन भर जेल में रहे

यूपीः बीजेपी विधायक रेप मामले में दोषी क़रार,हम चाहते हैं कि रेप के मामले में दोषी विधायक जीवन भर जेल में रहे

15 दिसंबर को सुनाई जाएगी सज़ा

BY-विजय विनीत | 12 Dec 2023

”मुक़दमे के दौरान विधायक और सत्तारूढ़ दल के कुछ नेता हमें लगातार परेशान कर रहे थे। हमें बहुत धमकियां मिली। मुकदमे से हटने के लिए लालच भी दिया गया।”

उत्तर प्रदेश के आदिवासी बहुल जनपद सोनभद्र के दुद्धी विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक रामदुलार गोंड को एक किशोरी से बलात्कार के मामले में दोषी पाया गया है।

एमपी-एमएलए कोर्ट ने सजा सुनाने के साथ ही विधायक को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। करीब नौ साल पुराने इस मामले में 15 दिसंबर को अपर एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) एहसानुल्लाह खान की अदालत सुनवाई करेगी। माना जा रहा है कि पोक्सो एक्ट के इस मामले में बीजेपी विधायक को दस से बीस साल की सजा हो सकती है।

नाबालिग किशोरी के साथ नौ साल पहले जिस समय बलात्कार किया गया था उस समय रामदुलार गोंड विधायक नहीं थे। उनकी पत्नी ग्राम प्रधान हुआ करती थी। तभी से उनके खिलाफ पोक्सो एक्ट के साथ ही रेप का केस चल रहा था। पुलिस ने विधायक के खिलाफ साल 2014 में ही चार्जशीट दाखिल की थी।

रामदुलार गोंड के खिलाफ नाबालिग लड़की के साथ रेप का मामला लंबित होने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें सोनभद्र जिले की दुद्धी सुरक्षित सीट से टिकट दिया।

इस चुनाव में कुल 41.28 फीसदी वोट लेकर बीजेपी प्रत्याशी राम दुलार गोंड ने समाजवादी पार्टी के विजय सिंह गोंड़ को 6297 वोटों के अंतर से पराजित किया था। रामदुलार को 84,407 वोट मिले, जबकि इनके प्रतिद्वंद्वी विजय सिंह गोंड को 78,110 और बसपा के हरिराम ने 23,879 वोट हासिल किया था।

अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता विकास शाक्य ने न्यूजक्लिक को बताया कि 04 नवंबर 2014 को भाजपा के दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से मौजूदा विधायक रामदुलार गोंड ने अपने ही गांव की एक किशोरी के साथ बलात्कार किया था। यह घटना उस समय हुई थी जब पीड़िता शौच करने गांव के सिवान में गई थी।

खून से लतफत हालत में वह घर लौटी और परिवार के लोगों को जानकारी दी। मामला बेहद संगीन होने के कारण म्योरपुर पुलिस ने अपराध संख्या 483/14 में दफा 376 व 506 और पोक्सो एक्ट-2012 के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने आनन-फानन में मुकदमा दर्ज करने के साथ ही आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। बाद में वह जमानत पर छूट गया।

बलात्कार का मामला पीड़िता के भाई ने म्योरपुर कोतवाली में दर्ज कराई थी। मेडिकल जांच में किशोरी के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने रेप और पोक्सो एक्ट की विवेचना करने के बाद आरोप-पत्र कोर्ट में पेश किया था। बलात्कार का आरोपी होने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने पिछले चुनाव में उसे न सिर्फ टिकट दिया, बल्कि बीजेपी के दिग्गज नेताओं ने उसके समर्थन में चुनावी सभाएं भी की। बाद में वह चुनाव जीत गया।

पहले यह मामला पोक्सो कोर्ट में चल रहा था। उसके विधायक चुने जाने के बाद पत्रावली एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर कर दी गई। इस कोर्ट में भी बहस नवंबर में ही पूरी कर ली गई थी, मगर बाद में पीठासीन अधिकारी के तबादले के चलते फैसला नहीं आ सका था। नए पीठासीन अधिकारी एहसानुल्लाह खान ने कार्यभार ग्रहण किया तो कई तारीख में इस मामले की सुनवाई हुई।

नाबालिग किशोरी के साथ रेप के मामले में लंबी सुनवाई के बाद बीते शुक्रवार को अभियोजन पक्ष से अधिवक्ता विकास शाक्य और सत्यप्रकाश तिवारी ने दुद्धी के बीजेपी विधायक रामदुलार गोंड के खिलाफ अपर सत्र न्यायाधीश एहसानुल्ला खान की अदालत में साक्ष्य पेश किया।

हाईकोर्ट ने इसी अदालत को एमपी-एमएलए कोर्ट घोषित किया है। बीजेपी विधायक की तरफ से अधिवक्ता रामवृक्ष तिवारी ने दलील पेश की। अपर सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। साथ ही फैसले की तिथि 12 दिसंबर 2023 तय की थी।

मंगलवार को अपराह्न अपर सत्र न्यायाधीश एहसानुल्ला खान ने रेप केस की सुनवाई करते हुए बीजेपी विधायक रामदुलार गोंड को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने माना कि रेप और पोक्सो एक्ट में विधायक दोषी है। सजा के मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 15 दिसंबर 2023 की तिथि तय की है। बीजेपी विधायक का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद सोनभद्र जेल भेज दिया गया है।

पीड़िता के अधिवक्ता विकास शाक्य ने न्यूजक्लिक कहा, ”नाबालिग किशोरी के साथ रेप का मामला बेहद गंभीर प्रकृति का है। विधायक के खिलाफ दोष सिद्ध हो चुका है। सिर्फ सजा सुनाई जानी है। विधायक अभियुक्त को कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। 15 दिसंबर 2023 को कोर्ट सजा सुनाएगी।

इस मामले में उन्हें कम से कम दस और अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है। पीड़िता के परिजनों के मुताबिक, ”मुकदमे के दौरान विधायक और सत्तारूढ़ दल के कुछ नेता हमें लगातार परेशान कर रहे थे।

हमें बहुत धमकियां मिली। मुकदमे से हटने के लिए लालच भी दिया गया। जिस समय बीजेपी ने रामदुलार को विधायकी का टिकट दिया तो हम निराश हो गए थे। हमें लगा था कि सत्ता के दबाव में हम मुकदमा हार जाएंगे। तमाम धमकियों के बावजूद हम पीछे नहीं हटे। हम चाहते हैं कि रेप के मामले में दोषी विधायक जीवन भर जेल में रहे।”

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