ये क्या हुआ महाराष्ट्र की राजनीति में ,एनसीपी और भाजपा ने बनाई सरकार ,मुँह ताकती रह गई शिव सेना 

 

ये क्या हुआ महाराष्ट्र की राजनीति में ,एनसीपी और भाजपा ने बनाई सरकार ,मुँह ताकती रह गई शिव सेना

मुंबई,23 नवंबर 2019।

महाराष्ट्र की राजनीति में ज़बर्दस्त उलटफेर हुआ है। शनिवार सुबह राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने देवेंद्र फड़नवीस को मुख्यमंत्री और राकांपा के अजित पवार को उप मुख्यमंत्री के रुप में शपथ दिलाई।इस शपथ के ठीक बाद बल्कि सेंकड में ट्विटर पर पीएम मोदी का ट्विट आया जिसमें उन्होंने लिखा
“मदेवेंद्र फड़नवीस और अजित पावर ने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ले ली है.. मैं उन्हें बधाई देता हूँ और भरोसा करता हूँ वे महाराष्ट्र के विकास में अहम योगदान देंगे”
सियासत में दो शब्द आश्चर्य और असंभव इन दो शब्दों की कोई वखत नहीं होती महाराष्ट्र में इसे साबित कर दिया है। बीते तीन दिनों से मीडिया का हर तबका फिर वो इलेक्ट्रॉनिक हो वेब हो या प्रिंट सभी क़यासों और उससे बढ़कर तक़रीबन तक़रीबन तय साझे फ़ार्मूले की जानकारी दे रहे थे, जिसमें दावा था कि, शिवसेना राकांपा और कांग्रेस की युति सरकार तय हो गई है और उद्धव प्रदेश के सीएम होंगे। आज सुबह जबकि लोग अख़बार के पन्ने उलट रहे थे तब भी यही खबर बैनर थी। लेकिन सियासत है ये, और यहाँ कुछ भी असंभव नहीं कुछ भी चमत्कार नही।
आप इसे अमित शाह की रणनीति कहें या देवेंद्र फड़नवीस पर भरोसा रखते हुए उन्हें आगे कर खेला गया दांव, फ़िल्म का अंत कुछ ऐसा हुआ कि राजनैतिक दर्शकों की आँखें चकाचौंध हो गई है।
जिन्हें कुछ भी समझ नहीं आ रहा हो, उन्हें इस सियासी उलटफेर के तत्काल बाद आए पीएम मोदी के ट्विट को पढ़ना चाहिए और बार बार पढ़ना चाहिए।

 

 

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हर आने वाला दिन एक सबक़ होता है, राजनीति में रुचि रखने वालों के लिए महाराष्ट्र का यह अध्याय शानदार सबक़ है।सबक़ तो ख़ैर यह शिवसेना के लिए भी है।
इस पूरे मामले की कई परतें इस समझौते के कई पन्ने अभी पढ़ा जाना बाक़ी है, लेकिन बहुत ही धीमी गति से चली खबरें जो कि तीन की युति की आँधी वाली खबर में दब गई, वो तो यह थी कि, शरद पवार और भाजपा के बीच संयोग तलाशें जा रहे हैं। यह अलहदा है कि, आंधी अंदाज़ की खबरों के बीच मीडिया मुग़ल यह भूल गए कि प्रधानमंत्री मोदी ने अचानक शरद पवार की तारीफ़ की है।राज्यसभा में यह तारीफ़ किए जाने का मक़सद कोई समझा तक नही।
इस तारीफ़ के ठीक बाद 20 नवंबर को राकांपा प्रमुख शरद पवार और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाक़ात हुई,बताया गया कि राज्य के किसानों की तकलीफ़ों को लेकर यह मुलाक़ात हुई, लेकिन यह मुलाक़ात किसानों तक ही सीमित नहीं रही।बात यह भी आई कि राज्य में किसानों की इन चिंताओं का हल तो राज्य में बेहतर सरकार की संभावना टटोलने से भी निकलेगा।

और फिर वो हुआ जो कि होना था.. महाराष्ट्र में भाजपा राकांपा की युति सरकार बन गई। देवेंद्र के हाथ फिर कमान आई और उन मुख्यमंत्री का पद एनसीपी को दिया गया।

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