राजस्थान के विधायकों पर नहीं चलेगा राजद्रोह का मुकदमा।

राजस्थान के विधायकों पर नहीं चलेगा राजद्रोह का मुकदमा।

===राजकुमार अग्रवाल ===========

Rajasthan legislators will not run a case of treason.

राजस्थान की राजनीति में चार अगस्त को तब नया मोड़ आ गया, जब सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि अब किसी भी विधायक

की खरीद फरोख्त के प्रकरण में आरोपों से घिरे व्यक्तियों पर राजद्रोह का मामला नहीं चलाया जाएगा। दायर प्रार्थना पत्र में एसओजी की

ओर से कहा गया कि तीन एफआईआर को एसीबी कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया जाए। मालूम हो कि सचिन पायलट के नेतृत्व में तीन

निर्दलीय सहित 22 विधायकों के दिल्ली चले जाने पर सरकार ने राजद्रोह वाले मुकदमे दर्ज किए थे। कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा,

निर्दलीय विधायक सुरेश टाक, ओमप्रकाश हुडला, खुशवीर सिंह आदि को नामजद भी किया गया। इन विधायकों और प्रकरण से जुड़े

भाजपा नेताओं पर धारा 124ए लगाई गई। इस धारा को आधार बनाकर ही विधायक भंवरलाल शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

हाईकोर्ट से मांग की गई कि मामले की जांच एनआईए से करवाई जाए, क्योंकि राजद्रोह के आरोपों की जांच किसी राज्य की पुलिस नहीं कर

सकती है। हाईकोर्ट का कोई निर्णय आता इससे पहले ही निचली अदालत ने एसओजी ने राजद्रोह की धारा हटाने का प्रार्थना पत्र जारी कर

दिया। असल में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राज्य सरकार नहीं चाहती कि विधायकों की खरीद फरोख्त के मामले की जांच कोई केन्द्रीय

जांच एजेंसी करे। जानकार सूत्रों के अनुसार सरकार ने पहले आनन-फानन में राजद्रोह की धारा जोड़ दी। लेकिन जब एनआईए की जांच का

डर सताने लगा तो राजद्रोह की धारा हटाने का प्रस्ताव कर दिया। इससे प्रतीत होता है कि विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में गहलोत

सरकार बहुत हड़बड़ी में है।

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