रादौर विधायक के खिलाफ सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

रादौर विधायक के खिलाफ सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
वीडिय़ो में एक व्यक्ति राईस मिल के लिए साढ़े 3 करोड़ रूपएं की धान लेने के बाद पैसे न चुकाने का रादौर विधायक पर लगा रहा है आरोप
विधायक बोले-राजनीतिक द्वेष की पूर्ति के लिए किया जा रहा है झूठा प्रचार
रादौर, 26 सितंबर (रविन्द्र सैनी): विधानसभा चुनावो के चुनावी बिगुल बजते ही राजनीतिक गलियारो की हलचले भी तेज हो चुकी है। ऐसे में जहां एक ओर दलबदल का सिलसिला भी राजनीतिक पार्टियों में जारी वहीं दूसरी ओर नेताओ पर आरोप प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो चुका है। चुनावी माहौल में एक वीडिय़ों भी सोशल मीडियां पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें रादौर विधायक श्यामसिंह राणा पर राईस मिल के नाम पर एक आढ़ती से करीब साढ़े 3 करोड़ रूपएं धान खरीदने के बाद उसकी राशि नहीं चुकाने का आरोप लगा रहा है। सोशल मीडियां पर तेजी से वायरल हो रहा यह वीडियों गुरूवार को पूरा दिन चर्चा में बना रहा। जिसको लेकर लोगो में तरह तरह की चर्चाएं होती रही। हालांकि रादौर विधायक ने खुद इस वीडिय़ो को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित बताया और इसे उनके विरोधियों व विपक्षी दलो के नेताओ की चाल बताया है जो उन्हें चुनावी समय में नुकसान पहुंचाना चाहते है। वीडियो की सच्चाई क्या है यह तो एक जांच का विषय है लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडिय़ो ने रादौर विधायक श्यामसिंह राणा व भाजपा की कार्यप्रणाली पर अवश्य की सवालियां निशान लगा दिया है। जिसकी सच्चाई आने तक यह लोगो के सामने एक बड़ा प्रश्रचिह्न लेकर खड़ा रहेगा।
बॉक्स
यह है मामला
सोशल मीडिया़ पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडिय़ो में एक व्यक्ति जो कि खुद को करनाल अनाज मंडी का आढ़ती बता रहा है उसने रादौर विधायक श्यामसिंह राणा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी राईस मिल के नाम उससे करीब साढ़े 3 करोड़ रूपए की धान खरीदी लेकिन उसके पैसे नहीं चुकाएं। वीडियो में एक पत्रकार दशरथ शर्मा नाम के इस शख्स का इंटरव्यू ले रहा है। जिसमें दशरथ शर्मा बता रहा है कि रादौर से विधायक श्याम सिंह राणा की एक राईस मिल पेहवा में थी। जिसे उनके भतीजे व बेटे चला रहे थे। वर्ष 2०16-17 में विधायक श्यामसिंह राणा ने उन्हें फोन कर उनकी राईस मिल में धान की फसल भिजवाने के लिए कहा। जिसकी एवज में समय समय पर भुगतान करने की बात उन्हें कहीं गई। शुरूआत में तो उन्हें उनकी पेमेंट मिलती रही लेकिन बाद में उन्हें पेमेंट मिलनी बंद हो गई। जिससे करीब साढ़े 3 करोड़ रूपएं उनके पास बकाया रह गएं। जिसके लिए वह उनके पास चक्कर लगा रहे है लेकिन उसके पैसे लौटाने की बजाएं उसे धमकियां दी गई। इसी टेंशन में उसे एक बार हार्ट अटैक भी आया। मामले को लेकर वह रादौर विधायक के रादौर निवास पर भी गएं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद वह एक बार मुख्यमंत्री के समक्ष भी यह मामला उठा चुके है लेकिन तब भी उसे न्याय नहीं मिला। परेशान होकर उसने अब इस मामले को लेकर न्यायालय में याचिका लगाई है लेकिन वहां पर भी वह पेश नहीं हो रहे है।
बॉक्स
उन्होंने न तो कभी खेती की और न ही कभी कोई व्यापार किया। यह केवल एक राजनीतिक द्वेष भावना से किया जा रहा प्रचार है। कुछ लोगो को उनकी लोकप्रियता हजम नहीं हो रही है। इसमें कुछ विपक्ष के नेता तो कुछ उनकी ही पार्टी के नेता भी शामिल है। लेकिन सच्चाई किसी से नहीं छिपती। ऐसा ही प्रचार 2०14 के चुनाव से पहले भी किया गया था। लेकिन तब भी उनकी पार्टी ने भी उन पर विश्वास जताया था और जनता ने भी।
श्यामसिंह राणा, विधायक रादौर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: