Atal hind
Uncategorized

राव इंद्रजीत को खूब खरी-खोटी सुनाई सतीश ने गददार बताया तो कापड़ीवास ने कहा हर जगह अहीरों को पीटा

अहीरों के खून में आया उबाल
राव इंद्रजीत को खूब खरी-खोटी सुनाई
सतीश ने गददार बताया तो कापड़ीवास ने कहा हर जगह अहीरों को पीटा
भाजपा टिकट वितरण के बाद घमासान
धनेश विद्य़ार्थी, रेवाड़ी
भारतीय जनता पार्टी के विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण ने अहीरवाल क्षेत्र में सियासी धमासान मचा दिया है। यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि अहीरों के खून में भाजपा प्रत्याशियों की घोषणा के बाद अचानक उबाल आ गया है।
जननायक जनता पार्टी का दामन छोड़कर भाजपा में आने वाले पूर्व जिला प्रमुख सतीश यादव ने दिल्ली बाइपास स्थित अपने कार्यालय पर समर्थकों की बुधवार को बुलाई बैठक में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत को खूब खरी-खोटी सुनाई। बेटी की खातिर जमीर बेचने वाला और मुख्यमंत्री के बोनट पर बैठने के साथ ही अहीर कौम का गददार तक बता दिया। उन्होंने अपने समर्थकों के सामनेकहा कि राव ने अपने महलों में रहने वाली बेटी को मुख्यमंत्री के इंतजार में डेढ घंटे तक धूप में खड़ा कर दिया।
उन्होंने कहा कि हमने सुना था कि राव की गर्दन को कोई सीधा नहीं कर पाया मगर मैं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटटर को बधाई देता हूं कि उन्होंने यह काम कर दिखाया। सतीश यादव ने भाषण से उनकी भाजपा से बगावत की बूमहसूस हो रही थी। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि वे जनता के फैसले का कल तक इंतजार करेंगे। भाजपा ने इस बार टिकट वितरण में ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार बनाकर भेज दिया, जोकि केवल एक परिवार के रैली या अखबारों में विज्ञापन में मात्र पोस्टर ब्वाय के तौर पर नजर आता था। उन्होंने कहा कि शायद ही भाजपा के उम्मीदवार ने अब तक पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ली हो।
सतीश यादव ने कहा कि हम अकेले भी निर्दलीय नामांकन दाखिल कर सकतेहैं मगर भाजपा में टिकट के दावेदार कई भाई थे। सबसे सलाह करने के बाद जनता का जो आदेश होगा, उस पर मैं चलूगा। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी भाई अपने नाम की एक पर्ची डालकर उसमें से किसी बुजुर्ग से पर्ची उठवा ले। जिसकी पर्ची निकले वह विधानसभा का चुनाव लड़ ले। हम उसका पूरा साथ देंगे। उन्होंने कहा कि हम वीर विक्रूमादित्य, राव तुलाराम के वंशज होकर डरपोक कैसे बन सकते हैं।
इसके बाद वे रेवाड़ी से पूर्व विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास के सरकुलर रोड स्थित कार्यालय पर पहुंचे और उनके सैंकड़ोंसमर्थकों केसमक्ष अपनी बात रखी। भाजपा के विस चुनाव के लिए टिकट वितरण से खफा कापड़ीवास के समर्थकों ने खटटर तुझसे बैर नहीं, राव इंद्रजीत तेरी खैर नहीं के नारों के साथ अपने कार्यालय से भाजपा के कमल निशान वाले झंड़े हटा लिए हैं। इस मौके पर रेवाड़ी शहर के एक दर्जन से अधिक पार्षद, मनीष चराया, अंजू गुप्ता, विनय जेलदार, डा. सत्यनारायण समेत अन्य कापड़ीवास को टिकट नहीं मिलने के बाद बुलाई गई बैठक में शामिल होने पहुंचे हुए थे।
अपनेसमर्थकों, जिनमें भाजपा के विभिन्न सैल और मोर्चा पदाधिकारी शामिल थे, की मौजूदगी में पूर्व विधायक रणधीर कापड़ीवास ने कहा कि राव इंद्रजीत ने अहीरवाल में यादव समाज के हर नेता और व्यक्ति को मारने का काम किया। उन्होंने बादशाहपुर से राव नरबीर सिंह, राव धर्मपाल, रेवाड़ी से कैप्टन अजय सिंह, रणधीर सिंह कापड़ीवास, सुधा यादव, जाटूसाना और कोसली से जगदीश यादव, विक्रम यादव, अटेली से राव नरेंद्र सिंह, नरेश यादव, संतोष यादव, महेंद्रगढ़ से राव दानसिंह और रामपुरा हाउस में अपने भाई अजीत सिंह और राव यादवेंद्र को मारने का काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिस भी व्यक्ति ने राव इंद्रजीत के सामने सिर उठाया, उन्होंने उसेकुचलने का काम किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संस्कृति से आया यह व्यक्ति अब एक दिन भाजपा का भी नाश कर देगा। उन्होंने कहा कि हमने जब भाजपा का दामन थामा, जब आठ-दस सीटों पर भाजपा की जमानत जब्त होती थी। कापड़ीवास ने कहा कि रेवाड़ी की जनता ने उन्हें भी चार बार रगड़ा दिया और पांचवी बार जितनी वोटों से हराते थे, उससे दोगुनी वोटों से जीत दिलाई। उन्होंने कहा कि किसी का एहसान माना जाता है, किसी सूरत में उतारा नहीं जा सकता। जनता के एहसान कोमैं सदैव मानूंगा।


उधर इस मौके पर सतीश यादव के अचानक पहुंच जाने की वजह से कुछ वक्त के लिए हंगामा-सा हो गया। सतीश ने इस मंच से जनता और कापड़ीवास समर्थकों को अपना पर्ची वाला फार्मूला चिपका दिया। उन्होंने कापड़ीवास को अपना बड़ा भाई बताते हुए कापडीवास के पिता को अपना चाचा बताया और अपने बड़े भाई का हर स्थिति में साथ देने की हुंकार भरी। इसके बाद कापड़ीवास ने अपने विधायक काल में शहर में कराए गए विकास कार्याें को गिनाने के साथ ही जनता से विधानसभा चुनाव को उनकी राय मांगी। इस मौके पर जनता ने कापड़ीवास को निर्दलीय विस चुनाव लड़ने की सलाह दी, जिस पर वे सहमत हो गए। उधर इस घटनाक्रम के बाद उक्त दोनों नेता भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविन्द यादव के बावल रोड स्थित कमलम कार्यालय पर अलग से मुलाकात करने पहुंचे।
इनकी करीब 20 मिनट भाजपा के टिकट वितरण और 21 अक्तूबर के विधानसभा चुनाव को लेकर बात कही। इस पर भाजपा नेता अरविन्द यादव ने भाजपा उम्मीदवार का साथ देनेकी बात कही। इसके बाद ये लोग वहां से असली और नकली भाजपा का नारा लगाते हुए वापस लौट गए। इनके जाने के करीब आधा घंटा बाद भाजपा जिलाध्यक्ष योगेंद्र पालीवाल के संग रेवाड़ी से भाजपा उम्मीदवार सुनील राव मूसेपुर अरविन्द यादव के कमलम कार्यालय पर पहुंचे। इनकी करीब दस मिनट एकांत कक्ष में बातचीत हुई। जिलाध्यक्ष पालीवाल ने इस बातचीत को लेकर अधिक बात करने से इंकार कर दिया। उधर भाजपा उम्मीदवार सुनील राव मूसेपुर ने अनौपचारिक मुलाकात में चलते-चलते कहा कि वे ना तो केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत के आदमी हैं और ना ही किसी ओर के। उन्हें भाजपा पार्टी संगठन ने विधानसभा चुनाव लड़ने की जिम्मेदारी सौंपी है। भाजपा में विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण के बाद पैदा हुए विरोध के माहौल पर उन्होंने कहा कि पार्टीएक परिवार की तरह है और हम सब आपस में मिलकर ठीक कर लेंगे। इसके बाद वे रोहतक पार्टी कार्यालय जाने की बात कहकर कमलम से निकल गए।
चूंकि गुरूवार को नामांकन जमा कराने का अंतिम दिन है, इसलिए भाजपा को छोड़कर क्या पूर्व जिला प्रमुख सतीश यादव निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल करेंगे या फिर पूर्व विधायक रणधीर कापड़ीवास को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उताकर उनका छोटे भाई की तरह सहयोग किया जाएगा, यह आने वाला वक्त बताएगा। फिलहाल रेवाड़ी शहर में सुनील राव मूसेपुर कोभाजपा की ओर से अपना उम्मीदवार बनाए जानेकी दिन भर चर्चाएं चलती रही। शहर में भाजपा वर्कर भी अब बिखर गया है। कभी सतीश खोला और अरविन्द यादव के बीच भाजपा टिकट मानकर चलने वाले और कापड़ीवास के पाले में रहकर अपनी राजनीति करने वाले नेता और भाजपा वर्कर भी अब अपना नया राजनीतिक ठिकाना ढूंढने को विवश हो गए हैं।
उधर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविन्द यादव ने देर शाम इस पत्रकार से बातचीत करते हुए साफ कहा कि भाजपा एक परिवार की तरह है और वे पारिवारिक संस्कृति को जिन्दा रखने वाले सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जिस व्यक्ति को अपना टिकट देकर विधानसभा चुनाव में उतारा है, हम उसका पूरा सहयोग और समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि मैंयह नहीं जानता कि अभी उस उम्मीदवार ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ली है या नहींमगर भाजपा को हम मां मानते हैं और मां का निर्णय सर्वाेपरि है। पार्टी के निर्णय के खिलाफ जाने की हमारा कार्यकर्ता और हम सोच भी नहीं सकते। उन्होंने कहा कि पार्टी की टिकट के लिए दावेदारी जताना अलग बात है मगर पार्टी का निर्णय सब भाजपा वर्करों को स्वीकार कर लेना चाहिए।

Leave a Comment