रेव पार्टी(revE paartee) क्या होती है, आजकल कई युवा इसके पीछे क्यों पागल हैं?

रेव पार्टी क्या होती है, आजकल कई युवा इसके पीछे क्यों पागल हैं?

 

नोट: हो सकता है कुछ तसवीरें आप के लिए उपयुक्त न हो। कृपया स्यवं के विवेक से  निर्णय लें।

 

तेज संगीत, सिगरेट, शराब, ड्रग्स और अनैतिक यौन क्रियां में सलंग्न होना ही अधिकतर रेव पार्टी की विशेषताएं होती हैं।

इसके बारे में जितना कम जाना जाये उतना अच्छा है …

ये मस्ती का वो सिरा है जो इंसान को मोक्ष का दर्शन करा देता, लेकिन जो मोक्ष इंसान को स्वर्ग ले जाता है, ये नर्क के दर्शन करा देता है।

मैं समझता हूँ कि इस सार्वजनिक मंच पर इससे ज़्यादा न समझा जाय तो अच्छा है।

चलिये कुछ Google images से समझ लीजिये की स्वर्ग से नर्क के द्वार पर कैसे पहुँचते है🔻

What is a rave party, why are many young people crazy nowadays?
Note: Some pictures may not be suitable for you. Please take a decision at the discretion of the individual.
Intense music, cigarettes, alcohol, drugs, and indulging in immoral sexual acts are the characteristics of a rave party.The less you know about it, the better it is…This is the tip of fun that would make a person see salvation, but the salvation that takes a person to heaven, it makes him see hell.I think it is better not to be understood more on this public forum.

Rave पार्टी विदेशी संस्कृति की एक देन है, अगर आपको तेज़ संगीत, डांस, ड्रग्स , laser शो पसंद है तो आप इसमे शामिल हो सकते हैं। यह पार्टी अधिकतर गैरकानूनी होती है क्योंकि भारत के कानून के अनुसार ड्रग्स का सेवन अपराध है, यह पार्टी अधिकत अंधेरी जगह होती है, जहां लोग शराब और ड्रग्स के नशे में डांस करते और खाते पीते हैं, यहां आप अपनी पसंद का साथी चुनकर उसके साथ संबंध बना सकते है। भारतीय संस्कृति इस प्रकार के चलन के खिलाफ है।

 

कहाँ से आया यह रैव शब्द

रेव की सटीक उत्पत्ति विवादित है। अमेरिकी न्याय विभाग की वेबसाइट पर एक सार्वजनिक दस्तावेज के अनुसार, यूरोपियन टेक्नो म्यूजिक और अमेरिकन हाउस म्यूजिक के उद्भव से 1980 के दशक में रेव डांस पार्टियां विकसित हुईं।

यूरोपियन क्लबों द्वारा 1980 के दशक में अधिकारियों के न्यूनतम हस्तक्षेप को सुनिश्चित करने के लिए रेव का आयोजन किया गया था। उपस्थिति केवल आमंत्रितों तक ही सीमित थी।

 

तेज रोशनी और धमाकेदार संगीत, बिना लय ताल के थिरकते नौजवान, लहराते और एक दूसरे से टकराते जिस्म, हर तरफ धुआं ही धुआं, फिजा में तैरती तीखी और नशीली गंध. कुछ ऐसा ही होता है रेव पार्टी का नजारा। …

। तेज रोशनी और धमाकेदार संगीत, बिना लय ताल के थिरकते नौजवान, लहराते और एक दूसरे से टकराते जिस्म, हर तरफ धुआं ही धुआं, फिजा में तैरती तीखी और नशीली गंध. कुछ ऐसा ही होता है रेव पार्टी का नजारा।

हाई प्रोफाइल रेव पार्टियों को ऑर्गनाइज करने से अंजाम देने तक पूरी प्रक्रिया की भाषा में कोड व‌र्ड्स का इस्तेमाल किया जाता है। पार्टी स्थल, तारीख और नशे में इस्तेमाल होने वाली चीज, हर एक का नाम तय कर दिया जाता है। अगर इस प्रक्रिया में कुछ भी गड़बड़ होती है, तो पूरी पार्टी का भंडाफोड़ हो जाता है। पिछले महीने मुंबई में जुहू के ऑकवुड प्रीमियम अपार्टमेंट में ऐसी ही एक रेव पार्टी आयोजित की गई थी। जिसमें पुलिस ने रेड मारकर आइपीएल के खिलाड़ी राहुल शर्मा, वेन परनेल के अलावा छोटे पर्दे के कलाकार अपूर्व अग्निहोत्री और उनकी पत्‍‌नी शिल्पा पकड़ी गई थीं। हालांकि इस पार्टी के लिए पूरी प्राइवेसी का इस्तेमाल किया गया था। फेसबुक पर ‘डिजाइनर हिप्पीज’ नाम के पेज पर 15 मई को पार्टी की पहली इन्फर्मेशन डाली गई थी।

 

 

-रेव पार्टियों की विशेष लैंग्वेज

-पार्टी का हिस्सा बनने वाले लोगों का एक खास स्लोगन होता है, मसलन ऑकवुड में हुई पार्टी का स्लोगन था ‘प्रमोट म्यूजिक नॉट ड्रग्स’।

-पार्टी में एंट्री के लिए ड्रेस कोड होता है और कोड्स को बताने पर एक सिंबल दिया जाता है, जैसे- रिस्टबेंड, बड़े ग्लासेस, कलर्ड गॉगल्स इत्यादि।

-रेव पार्टी के स्पेशल कोड- क्लब ड्रग , क्रश ऑन यू (केटामाइन), कोक (कोकीन), ब्लैक टोन (अंधेरे में नशे के साथ लड़की), टाइम पास (गाजा या सस्ता नशीला पदार्थ), फन गेम (पार्टी स्थल), कैल्क्युलेटर (पार्टी का वक्त)।

-कैसे मिलता है तस्करों को बढ़ावा

दुनिया भर में नशीले पदार्थ  के व्यापार को बढ़ावा देने वाले नशे के सौदागर इस धंधे को आगे बढ़ाने में गरीब और अनाथ बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके लिए वे बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से बच्चों की तस्करी कर रहे हैं। यह बहुत खतरनाक ट्रेंड है जो लगातार बढ़ता जा रहा है। मादक पदाथरें की तस्करी करने वाले बच्चों को बाल न्याय अधिनियम के तहत बहुत कम सजा दी जाती है, जिसका तस्कर फायदा उठाते हैं।

तो यह है रेव पार्टी का डेफिनेशन लेकिन सच्चाई इससे कही बदतर है ।आजकल लड़कीया ऐसी पार्टी मे ज्यादा दिलचस्पी ले रही है ।

कुल मिलाकर रेव पार्टीया बस अपने संस्कार यौवन और पैसो को लुटाने का एक बेकार साधन है ।आपसब उसमे न ही पधारे तो आप के लिए अच्छा है ।

 

 

 

1-रेव पार्टियों का स्थान एक करीबी रूप से संरक्षित रहस्य होता है और इसको सेक्रेटली करीबी लोगो में बोलचाल के जरिये लोगो को बताया जाता है ताकि इनसे अवांछित आगंतुकों को बाहर रखा जा सके।

 

 

2-रेव पार्टी अक्सर आमतौर पर मशीनों से भरे कम रौशनी और लेजर लाइट से भरें कमरों होती हैं।

3-अक्सर कई रेव प्रमोटर कैरियर ड्रग के माफिया होते है, जो की किशोरों को बरगलाने और उनमे ड्रग्स को फैला कर अपने व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए इनका आयोजन करते है।

 

4-रेव की बढ़ती लोकप्रियता को भुनाने के लिए वह इसमें उत्तेजक कपड़े, खिलौने, ड्रग्स, तेज संगीत और

 

 

6=खुलेआम सेक्स को बढ़ावा देते है और इसमें शामिल युवा अक्सर खुलेआम यौन क्रिया

 

 

7-और ग्रुप में यौन क्रिया में संलग्न होते हैं।

8-   कसोल (हिमाचल प्रदेश) के एक रेव पार्टी,

 

 

 

 

 

 

 

 

व पार्टियों में क्या होता है?
रेव पार्टी का शाब्दिक अर्थ है मौज मस्ती की पार्टी. दिल्ली का कोई टपोरी अपनी प्रेमिका को रेव पार्टी की दावत देगा तो कहेगा- रेव पार्टी के लिए चलती क्या फार्म हाउस. रेव वेन्यू पर उसके लिए हट बनने लगे हैं। स्वैपिंग इज ऑलसो कूल। इसमें भाग लेने वाले बिंदास युवकों के लिए सेक्स और प्यार की नैतिकता कोई मायने नहीं रखती। एक सच्चा रेविया बड़ा घाघ होता है. पार्टी के बारे में वे ‘सर्किट’ के बाहर के लोगों को जरा भी भनक नहीं लगने देते. एसएमएस से भेजते हैं पार्टी का न्योता. यह तो रेव पार्टी के नौसिखिए हैं जो काम बिगाड़ते हैं और कभी-कभी मस्ती में पुलिस का खलल पड़ जाता है.

 

रेव पार्टी शराब, ड्रग्स, म्यूजिक, नाच गाना और सेक्‍स का कॉकटेल होता है. ये पार्टियां बड़े गुपचुप तरीके से आयोजित की जाती हैं. जिनको बुलाया जाता है, वे सर्किट के बाहर के लोगों को जरा भी भनक नहीं लगने देते. नशीले पदार्थ बेचने वालों के लिए ये रेव पार्टियां धंधे की सबसे मुफीद जगह बन गई हैं.

मुंबई, पुणे, खंडाला, पुष्कर, जयपुर और दि‍ल्ली के आसपास के इलाके इन रेवियों के लिए बड़ी मुफीद जगह हैं. इन पार्टियों में आम लोगों के लिए कोई जगह नहीं है. धनकुबेरों के आवारा लड़के लड़कियों की कुत्सित वासनाएं पूरा करने के लिए रात के अंधेरों में इन पार्टियों का आयोजन किया जाता है. मॉडल लड़के लड़कियां तो इन पार्टियों में अकसर देखे जाते हैं. हम भले ही लड़कों के अनुपात में लड़कियों की संख्या में कमी होने का रोना रोते हों लेकिन इन रेव पार्टियों के मामले में लड़कियों ने लड़कों को काफी पीछे छोड़ दिया है. सौ रेवियों में लड़कियों की संख्या 60 होती ही है.

इन पार्टियों में गैर कानूनी व प्रतिबंधित ड्रग्स का इस्तेमाल होता है. आज महानगरों के युवक युवतियों में रेव के प्रति आकर्षण बढ़ता ही जा रहा है. इन पार्टियों में दो गैरकानूनी ड्रग्स चलते हैं:- एसिड और इक्सटैसी. इसे लेने के बाद युवा लगातार 8 घंटे तक डांस कर सकते हैं. ये ड्रग्स उनमें लगातार नाचने का जुनून पैदा करते हैं. जिनके पास पैसे होते हैं वे एसिड व इक्सटेसी जैसे महंगे ड्रग लेते हैं. जिनके पास उतना पैसा नहीं होता वे हशीश या गांजा से ही काम चला लेते हैं.नाचते हुए इश्क ने जोर मारा तो कई रेव पार्टियों में उसकी व्यवस्था भी रहती है. रेव वेन्यू पर उसके लिए हट बनने लगे हैं. स्वेपिंग इज ऑलसो कूल. इसमें भाग लेने वाले बिंदास युवकों के लिए सेक्स और प्यार की नैतिकता कोई मायने नहीं रखती.

मॉडल तो इन पार्टियों में अकसर देखी जाती हैं । एक समय राहुल महाजन, फरदीन खान आदि सेलिब्रिटी के भी इन पार्टियों की गिरफ्त में आने की बातें उठी थीं। मुंबई के छापे में गिरफ्तार रेवियों में शक्ति कपूर का बेटा भी शामिल रहा है। दिल्ली के पासे के इलाकों की युवकों की रेव पार्टियों में धनकुबेरों व उद्यमियों के बेटे भी जाते हैं। एयरहोस्टेस भी अकसर देखी जाती हैं।

सब कुछ गँवा सकती हैं लड़कियाँ :

बिना किसी रंग, स्वाद व गंध की रेप डेट ड्रग के नाम से कुख्यात इस दवा की चपेट में आकर रेव पार्टियों में जाने वाली नई लड़कियाँ अपना सब कुछ गँवा सकती हैं। दूध, चाय या पानी के साथ मिलाकर कोई यह दवा पिला दे तो कुछ पता नहीं चलता। इस दवा का असर यह होता है कि उनके साथ कुछ भी हो, लड़कियों को यह खुशफहमी होती रहती है कि वे डेट पर हैं, बस। होश में आने पर उन्हें कुछ याद नहीं रहता कि उनके साथ क्या- क्या हुआ?

 

 

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