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लाकडाउन व मौसम मे आई तबदीली के कारण किसानों को सता रही है खेतों मे खड़ी गेहूं की फसल की चिंता।

बाबैन, 27 मार्च (सुरेश अरोड़ा) : पूरे देश मे कोरोना वायरस को रोकने के लिए सरकार कड़े फैसले ले रही है जोकि जनता के हित मे है और पूरा देश अपने घरों में ही रहकर अपने आप को सुरक्षित रख सकते है लेकिन इस देश को भूख से बचाने में अहम भूमिका किसानों की होती है जो दिनरात खेत खलिहान में रहकर अपनी फसल को तैयार करते है। लेकिन किसानों पर जहाँ कोरोना वायरस के कारण परेशानी की मार पड रही वही बार बार मौसम की आंख मिचौली से उनके दिलों की धडक़न जरूर तेज हो जाती है और उनके चेहरे पर चिंता की लकीरें भी साफ दिखाई दे रही है। बाबैन क्षेत्र में शुक्रवार को मौसम ने फिर करवट ली हल्की बूंदाबांदी होने लगी जिसके कारण खेतो में खड़ी गेंहू की फसल पर प्रभाव पडऩा निश्चित है। आगामी कुछ समय मे फसल पक कर तैयार भी हो जाएगी और लाकड़ाउन के चलते किसानों को अपनी फसल काटने की चिंता सता रही है। किसान मेहर सिंह, बलबीर सिंह, अजमेर सिंह ने बताया कि खेतो में खड़ी फसल पर पीला रतुआ का कहर भी बरस रहा है जिस कारण गेंहू की फसल सूख रही है और जिसके कारण पैदावार भी कम होगी अनुमान लगाया जा रहा है।
कया कहते है कृषि विकास अधिकारी :
कृषि विकास अधिकारी अमी लाल ने कहा कि कहा कि तापमान मे आई गिरावट के कारण ही गेंहू मे पीले रतुए का प्रकोप बढ़ जाता है इसके लिए फसल पर स्प्रे भी किया जा सकता है व तापमान बढऩे से यह पीले रतुए की बीमारी स्वत: ही ठीक हो जाती है।

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