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लेखराज की हत्या पलवल पोलिस  सवालों के घेरे में ,

पुलिस की वर्दी हुई दागदार :लेखराज हत्याकांड के खून के छींटे पुलिस की वर्दी पर

लेखराज की हत्या पलवल पोलिस  सवालों के घेरे में ,

पलवल,(अटल हिन्द ब्यूरो )

पलवल में भवनकुंड चौक के पास आर्यन हॉस्पिटल के पीछे दया कॉलोनी में 26 वर्षीय एक युवक की अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी और हत्यारे मौके से फरार हो गए। सुबह 5:00 बजे हुए इस हत्याकांड के छींटे पुलिस की वर्दी पर पड़ते दिखाई दे रहे हैं। जिसका पुलिस पर अभी कोई जवाब नहीं बन पर पड़ रहा है। पलवल पुलिस भृष्टाचार के दलदल में फंसती दिखाई दे रही है । पुलिस द्वारा आरोपीयों की गिरफ्तारी तक मृतक के शव का दाह संस्कार करने से इंकार कर दिया जिस पर पुलिस थाना प्रभारी यह हाथ पैर फूल गए। और उसके बाद परिजनों की इच्छा और गुस्सा आला अधिकारियों तक प्रेषित किया ।
पलवल में सोमवार सुबह करीब 5:00 बजे दया कॉलोनी में रहने वाला युवक लेखराज नियमित सैर के लिए निकला तो घर से थोड़ी दूर पर ही पहले से घात लगाए अज्ञात हत्यारों ने लेखराज छाती में दिल के पास नजदीक से गोली मारकर हत्या कर दी। तड़के 5:00 बजे अंधेरा होने के कारण कोई भी वारदात को घटित होते हुए नहीं देख सका, लेकिन कुछ लोग गोली जैसी आवाज सुनने पर उस जगह पर पहुंचे तो वहां पर लेखराज लहूलुहान अवस्था में पड़ा हुआ था और तब तक उसकी सांसें थम चुकी थी। फिर भी उसे उपचार के लिए पलवल के सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटनास्थल पर मौजूद मृतक लेखराज के मामा के लड़के यश और मौसी के लडके गोपाल आदि ने बताया कि हत्याकाण्ड की जघन्य घटना को उनके पड़ोसियों ने अंजाम दिया है। बताया कि कुछ दिन पहले पड़ोसियों के पास से पुलिस ने एक देसी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए थे, जिसके बाद पड़ोसियों रवि आदि ने मृतक लेखराज और उसके परिवार के लोगों के साथ में पुलिस से शिकायत करने का शक होने पर लेखराज तथा उसके परिवार के लोगों के साथ गाली-गलौच और हाथापाई भी हुई थी। कॉलोनी के लोगों ने उस समय दोनों परिवारों के बीच हुए विवाद का बीच-बचाव करा दिया लेकिन दोनों परिवारों में रंजिश बन गई थी ।

परिजनों का आरोप है कि पडौसी परिवार के लोगों ने ही या तो खुद या फिर अन्य पेशेवर बदमाशों से लेखराज की हत्या कराई गई है, जिसके लिए उन्होंने पुलिस को भी बराबर का दोषी माना है। परिवार के लोगों का आरोप है कि यदि पुलिस कट्टा बरामद किए जाने के बाद आरोपी पड़ोसियों को नहीं छोड़ती तो लेखराज की मौत नहीं होती। बताया जा रहा है कि पुलिस ने कट्टा और तीन ज़िंदा कारतूस बरामद कर लिए जाने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया था, और आरोपियों को पैसे लेकर छोड़ दिया गया था । जिसके बाद आरोपियों ने मोहल्ले में आकर लोगों को धमकी देकर कहा था कि हम पुलिस को ₹60000 देकर आए हैं और जिस पर हमारा कुछ बिगाड़ा जा सके वह हमारा बिगाड़कर दिखा दो , पुलिस हमारे साथ हैं। जानकारी मिली है की संदिग्ध आरोपी परिवार का कोई एक सम्बन्धि बीडीपीओ पलवल की सरकारी गाडी का चालक है जिसकी शिफारिश पर ही पुलिस ने देशी कट्टा और ज़िंदा कारतूस मिलने के बाद भी मुकदमा दर्ज नही किया गया था ।

हथियार बरामदगी के बाद आरोपियों को छोड़ने और कार्रवाई नहीं किये जाने के कुछ ही दिन बाद हुई हत्या का जब मृतक के परिवार के लोगों ने पुलिस से मांगा तो उनके पास उसका कोई जवाब नहीं था। सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नायब सिंह से उन्होंने हथियार बरामद करने के बाद मुकदमा दर्ज करके कानूनी कार्यवाही क्यों नहीं की ?

इस प्रकार पलवल में लगातार समाप्त होती जा रही कानून व्यवस्था से वर्दी का खौफ खत्म होता जा रहा है। वहीं कुछ गंदे या भ्रष्ट पुलिस कर्मियों के कारण पुलिस की वर्दी पर छींटे पड़ रहे हैं। हालांकि की पलवल सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नायब सिंह हथियार बरामदगी और बिना कानूनी कार्रवाई के छोड़े जाने की भी पूरी जांच करने की बात कर रहे हैं। लेकिन जांच कब और कैसे होगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल पुलिस की वर्दी पर इस हत्याकांड के छींटे पड ही रहे हैं, क्योंकि यदि पुलिस ने कार्रवाई की होती तो हो सकता है आरोपी इस समय जेल के अंदर होते और यह हत्याकांड नहीं होता।

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