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लॉकडाउन में एक मासूम की पलटी किस्मत पुलिस 3 साल बच्चे के लिए “भगवान” बन गई

लॉकडाउन में एक मासूम की पलटी किस्मत
पुलिस 3 साल बच्चे के लिए “भगवान” बन गई
हरियाणा सरकार उसका पूरा इलाज करवाएगी

हरियाणा। लॉकडाउन में तीन के एक मासूम की किस्मत बदल गई और उसको नया जीवन मिलने की उम्मीद जग गई। कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन उसके लिए वरदान साबित हुआ और अंबाला पुलिस तीन साल के मासूम के लिए ‘भगवानÓ बन गई। दरअसल लुधियाना में श्रमिक के तौर पर काम करने वाला व्यक्ति लॉकडाउन के कारण एक साइकिल पर पत्नी और अपने तीन साल व डेढ़ साल के बच्चों के संग उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जा रहा था। यहां पुलिस ने उसे रोका और जांच की तो तीन साल के बच्चे को बुखार था। मेडिकल जांच में पता चला कि उसके दिल में छेद है। अब हरियाणा सरकार उसका पूरा इलाज कराएगी। लॉकडाउन में जहां लोग घरों में कैद हैं,वहीं इससे तीन वर्षीय मासूम को नई जिंदगी मिलेगी। मासूम को छोटी सी उम्र में इतनी बड़ी बीमारी ने जकड़ लिया,लकिन परिवार इससे अन्जान था। दरअसल,कोरोना के चलते 24 मार्च की आधी रात से लॉकडाउन लगाया गया है। ऐसे में दूसरे राज्यों के प्रवासी मजदूर अपने घरों में प्रस्थान करने लगे। इसी दौरान मूलरूप से लखनऊ के अंडबेकर नगर में रहने वाले सदानंद ने भी अपनी पत्नी आरती,तीन साल के बेटे सुजीत और डेढ़ वर्ष के बच्चे के साथ लुधियाना से साइकिल पर अपने घर निकलने के लिए सोचा। वह वहां एक फैक्टरी में काम करता है। इसके बााद वह परिवार के साथ साइकिल पर परिवार को लेकर लुधियाना से उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर के लिए निकल पड़ा। 29 अप्रैल को वह अंबाला शहर के बलदेव नगर पहुंचा। वह थाना बलदेव नगर के फ्लाईओवर से निकल रहा था,उसी दौरान पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल भी अपनी गाड़ी से निकल रहे थे। उनकी नजर इस प्रवासी परिवार पर पड़ी। उन्होंने गाड़ी को रोककर साइकिल पर जा रहे सदानंद को रोका। उन्होंने सदानंद से इस तरह परिवार के संग साइकिल पर जाने के बारे में पूछा। सदानंद ने एसपी जोरवाल को बताया कि वह लुधियाना की एक फैक्टरी में वह लखनऊ अपने घर जा रहा है। एसपी को साइकिल पर आगे बैठे बच्चे की हालत को देख सही नहीं लगा। तब सदानंद ने बताया कि वह बीमार रहता है। इसके बाद अभिषेक जोरवाल ने उन्हें शहर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवा दिया। वहां से बच्चे को नागरिक अस्पताल लाया गया। यहां बच्चे सुजीत के टेस्ट हुए तो उसमें पता चला उसके जन्मजात से दिल में छेद है। परिवार को भी तभी सुजीत की बीमारी के बारे में पता चला। अब उन्हें चिंता थी इसका इलाज कैसे होगा। एसपी जोरवाल ने स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह को इसके बारे में अवगत करवाया। तब उन्होंने मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में इसका इलाज संभव हो सकने के बारे में बताया। इसके बाद बच्चे को परिवार के साथ वहां रेफर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बच्चे के इलाज पर करीब तीन लाख रुपये का खर्च आएगा। इसके वहन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने हरियाणा सरकार को लिखा है। अब सरकार ही इसका पूरा खर्च वहन करेगी। वहीं फोर्टिस में रेफर के बाद बच्चे के टेस्ट होंगे। उसके बाद उसका हार्ट मेजर ऑप्रेशन होगा।

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