लोगों ने किया दैनिक  अटल हिन्द का धन्यवाद, आखिर अधिकारियों को कुम्भकर्णी नींद से जगाकर लिया दम

खबर का हुआ असर, ग्रामीण राशन डिपुओं पर पहुंची अप्रैल माह की दाल, जल्द पहुंचेगी उपभोक्ताओं के घर

लोगों ने किया अटल हिन्द का धन्यवाद, आखिर कैथल अधिकारियों को कुम्भकर्णी नींद से जगाकर लिया दम

राष्ट्रीय समाचार-पत्र अटल हिन्द जन समस्याओं को उठाने में बन रहा है नम्बर वन

 

The impact of the news, the pulses of April reached the rural ration depots, consumers will soon reach home

People thanked Atal Hind, finally took power by waking up Kumbhakarni to the authorities

National newspaper Atal Hind is making number one to raise public problems

कैथल, 25 अप्रैल (कृष्ण प्रजापति): करोना वायरस के संक्रमण के चलते पूरे देश में लॉक डाउन और कर्फ्यू जैसी स्थिति पैदा हो जाने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा अप्रैल, मई व जून (3 महीने) का राशन फ्री देने और असंगठित श्रमिकों के खाते में सहायता राशि देने व प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत फ्री सिलेंडर 3 महीने तक देने सहित अन्य प्रकार की सहायता प्रदेश की जनता को देने की घोषणा की थी लेकिन इन घोषणाओं के मध्य एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें राशन डिपुओं में राशन महीने की अंतिम तिथि व अंतिम सप्ताह में पहुंच रहा है जिसको न तो डिपो होल्डर्स बांट पा रहे हैं और न अपने पास रख पा रहे हैं क्योंकि महीने के अंत में आने वाले राशन को राशन डिपुओं में पहुंचते-पहुंचते महीना गुजर जाता है और वो गरीबो की पहुंच से दूर होता दिखाई दे रहा है। जहां मार्च महीने में कैथल जिले के कई डिपुओं में सरसों का तेल लेट पहुंचा था और अबकी बार ग्रामीण क्षेत्र में दाल अभी तक डिपुओं में नहीं पहुंची थी जिसकी वजह से डीपु होल्डर्स भी और उपभोक्ता भी परेशान थे, मार्च का सरसों का तेल भी कई उपभोक्ताओं को बंटने से वंचित रह गया था, अब उसी प्रकार अप्रैल के राशन से भी जरूरतमंद परिवारों को वंचित रहना पड़ सकता था लेकिन राष्ट्रीय समाचार-पत्र अटल हिन्द ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को कुंभकर्णी नींद से जगाया और समाचार प्रकाशित होते ही ग्रामीण क्षेत्र के राशन डिपुओं पर दाल पहुंच गई।दाल पहुंचने के बाद जहां डीपु होल्डर्स ने राहत की सांस ली है वहीं उपभोक्ताओं ने अटल हिन्द समाचार-पत्र का धन्यवाद किया है।

फोटो- अटल हिन्द राष्ट्रीय समाचार-पत्र में छपा डिपुओं में दाल न पहुंचने का समाचार।

 

आपको बता दें कि इस मामले में विभाग के अधिकारियों ने भी हाथ खड़े कर दिए थे और खुद को बेबस बताया था। डिपो होल्डर्स भी जहां इस मामले से अपना पल्ला झाड़ रहे थे तो वहीं विभाग के अधिकारी भी इस मामले में केवल मजबूरी ही दर्शा रहे थे। अधिकतर डिपो होल्डर्स के पास उपभोक्ता रोष प्रकट कर चुके थे। हालांकि लॉक डाउन की स्थिति के चलते प्रदर्शन जैसी स्थिति नहीं हो पाई लेकिन उपभोक्ताओं में इस बात को लेकर काफी रोष पनपा हुआ था। लोगो ने बताया कि जनहित से जुड़ी जनसमस्याओं को उठाने में अटल हिन्द नम्बर वन समाचार बन चुका है। फिलहाल डिपुओं में दाल पहुंच गई और एक दो दिन में उपभोक्ताओं के घरों में पहुंचनी शुरू हो जाएगी।

वर्जन –डीएफएससी वरिंदर सिंह

जब हमने इस बारे में कैथल खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक वरिंदर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कैथल जिले में राशन पीछे से ही लेट पहुंच रहा है और पहुंचते ही उसको डिपुओं में भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि डिपो होल्डर्स भी इस मामले में तीव्र कार्रवाई दिखाते हुए उपभोक्ताओं को राशन पहुंचाने के प्रयास में लगे हुए हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के डिपुओं में अप्रैल माह की दाल व नमक नही मिला था जिसको आज सभी डिपुओं पर पहुंचाया गया है ताकि जनता को राशन से वंचित न रहना पड़े।

बॉक्स– स्टोर में उपस्थित कर्मचारियों ने बताया कि चीनी की तरह दाल भी 50 किलो की पैकिंग में कंफेड की तरफ से पहुंचाई गई है जिसको एक-एक किलो की पैकिंग करने के लिए लेबर भी नहीं मिल रही थी इसलिए कुछ राशन डिपुओं पर बिना पैकिंग के ही दाल भेज दी है ताकि जनता को समय पर राशन मिल सके।

 

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