वरिष्ट कवि एवं पत्रकार दिलाराम भारद्वाज ‘ दिल , लिखते है एक रचना हिमाचल प्रदेश से ‘ दूर रहना ,

दूर रहना
दूर रहना है मुनासिब शातिर और दगाबाज से ।
बेबसी मिलती रहेगीसदा  दिखावे के रिवाज से।
भेद मन का न बताना शैतान व धोखेबाज से ।
हो न छन्नी सीना इनकी कर्कशी आवाज से ॥
दूर रहना तुम हमेशा इनकी उल्टी चाल से ।
जीवन की उम्मीद न कर खून के दलाल से ।
खामोशी बेहतर है इनके उल्टे सीधे सवाल से ॥
दूर रहना है समझदारी आलसी लाचार से ।
और करके कुछ दिखाओ घाटे के व्यापार से ।
खुशियां न आएगी  कभी बेवजह तकरार से ।
टूटना न ,हिम्मत रखना दुष्टों के व्यवहार से ॥
रचनाकार :- दिलाराम भारद्वाज ‘ दिल ,
मण्डी , हिमाचल प्रदेश 8278819997

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