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व्यपारियो का बीमा करवा उनके लिए पेंशन का प्रावधान करे सरकार : पृथ्वी सिंघल

व्यपारियो का बीमा करवा उनके लिए पेंशन का प्रावधान करे सरकार : पृथ्वी सिंघल
GST के बाद TCS ओर ट्रेड लाइसेंस लगाने का औचित्य नही ।
अध्यादेश से किसान-आढ़ती के रिश्ते को तोडऩा चाहती है सरकार : गगन बंसल
KAITHAL (अटल हिन्द/संदीप बागड़ी )): सरकार ने कहा था कि व्यपारियो पर GST लगाने के बाद कोई दूसरा टैक्स नही लगाएंगे लेकिन उसके बाद भी ट्रेड टैक्स ओर TCS जैसे बड़े बड़े टैक्स व्यपारियो पर जबरन थोप रही है सरकार। यह बात उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा के संगठन प्रभारी पृथ्वी सिंघल ने कही। उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा की एक बैठक महाराजा अग्रसेन धर्मशाला जींद रोड कैथल में युवा जिलाध्यक्ष गगन बंसल के नेतृत्व में रखी गई जिसमें पृथ्वी सिंघल पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
इस मौके पर संगठन सह प्रभारी जोनी मंगला ने भी पत्रकारों को संबोधित किया। पृथ्वी सिंघल ने कहा कि सरकार द्वारा व्यपारियो को खून के आंसू रुलाया जा रहा है। जबरन नए नए टैक्स व्यपारियो पर थोपे जा रहे है। आज सरकार ने हलवाईओ पर एक कानून लागू कर दिया जिसमें खुली मिठाइयों पर उसके उपयोग की वैधता लिखी होनी चाहये। सरकार ने व्यपारियो का मजाक बनाया हुआ।
अब देश से मिठाई बन्द करवा बड़े पूंजीपतियों की चॉक्लेट को बढ़ावा दिया जा रहा है। कोरोना महामारी के कारण 60 लाख करोड़ सालाना का खुदरा व्यापार खतरे में है और खुदरा व्यापार को इस संकट से उबारने के लिए एक विशेष पैकेज की आवश्यकता है लेकिन सरकार ने अब तक कोई आर्थिक पैकेज घोषित नहीं किया है जिसके कारण देश में करीब 1.75 करोड़ दुकानों पर ताला लग जाने की संभावनाएं पैदा हो गईं हैं। देशभर में लगभग 7 करोड़ व्यापारी करीब 40 करोड़ लोगों को रोजगार देते हैं।
ये व्यापारी करीब 60 लाख करोड़ रुपए सालाना का बिजनेस करते हैं और उस व्यापार के माध्यम से सरकार को भारी तादाद में रकम टैक्स के रूप में देते हैं। निराशाजनक बात यह है कि कोरोना से प्रभावित हर सेक्टर को सरकार ने वित्तीय पैकेज दिया, लेकिन 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज में व्यापारियों के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया। सिंघल ने कहा कि आजादी के पहले से चले आ रहे कई गैर-जरूरी दबाव बनाने वाले कानूनों को समाप्त किया जाना चाहिए।
इन कानूनों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किए जाए। बिजनेस पर लागू 28 तरह के लाइसेंस के बजाय एक लाइसेंस की व्यवस्था की जानी चाहिए। खुदरा व्यापार में काम कर रहे कारोबारियों का सही आंकड़ा जानने के लिए शॉप एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत सभी व्यापारियों का पंजीकरण अनिवार्य किया जाना चाहिए। हर व्यापारी को यूनिक नंबर दिया जाना चाहिए। बैंकों के रवैये की वजह से कारोबारियों को मुद्रा लोन लेने में दिक्कत होती है इसलिए सरकार बैंक, एनबीएफसी और माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की लोन देने की क्षमता बढ़ाए।
सिंघल ने कहा कि देश के हर जिले में विशेष जोन बनाया जाए, जहां सामान बनाने वाले व्यापारियों को रियायती दरों पर जमीन मुहैया कराई जाए। इन निर्माण इकाइयों के लिए मंजूरी दिलाने की जिम्मेदारी किसी एक विभाग को दी जाए। हर जिले में जिला मजिस्ट्रेट या कलेक्टर की अध्यक्षता में व्यापारियों व अधिकारियों की संयुक्त समिति बनाई जाए ताकि व्यापारियों की समस्याओं का हल हो सके।  कॉरपोरेट सेक्टर के लिए आयकर स्लैब 22 फीसदी है, जबकि व्यापारियों को 30 फीसदी टैक्स देना पड़ता है जिसमें सुधार किए जाने की आवश्यकता है।
संगठन सह प्रभारी जोनी मंगला  ने कहा संगठन द्वारा प्रदेशभर में व्यापरियी के हितों की आवाज उठाई जा रही है। अब प्रदेश के हर विधानसभा में विशाल सदस्यता अभियान के तहत व्यपारियो को एक विशाल मंच पर जोड़ा जा रहा है। मंगला ने कहा कि डिजिटल भुगतान पर लगने वाला बैंक चार्ज खत्म होना चाहिए तथा ई कॉमर्स पॉलिसी के नियमों का उल्लंघन करने वाली ई-कॉमर्स कंपनियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

गगन बंसल युवा जिलाद्य्क्ष ने कहा कि सरकार किसानों और आढ़तियों का आपसी रिश्ते व भाईचारे को खराब करना चाहती है। किसान की मुसीबत, खुशी व गम में अगर कोई काम आता है तो वह आढ़ती है। किसान व आढ़ती का चोली दामन का साथ है लेकिन इन अध्यादेशों के माध्यम से सरकार इन दोनों के रिश्ते को तोड़ रही है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों अध्यादेश देश के किसान व किसानी की तबाह कर देगा।
ये अध्यादेश केवल और केवल बड़े-बड़े उद्योगपतियों व पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का एक षडय़ंत्र मात्र है। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार एमएसपी पर किसान की फसल खरीदने की बात कह रही है लेकिन अध्यादेश को गौर से पढ़ा जाए तो इसमें एमएसपी का कहीं पर भी जिक्र नहीं है।
इन अध्यादेशों के कारण देश व प्रदेश की मंडियों में आढ़त का कार्य करने वाले व्यापारी पूरी तरह से तबाह हो जाएंगे तथा वह दिन दूर नहीं जब मंडियां खत्म हो जाएंगी। उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा व्यापारी व किसान के हितों की लगतार आवाज उठा रहा है और उठाता रहेगा। इस मौके पर प्रमुख रूप से लीगल सेल प्रदेश महासचिव हरनेक सिंह, कुरुक्षेत्र जिला अध्यक्ष अजय सिंगला, कैथल जिलाध्यक्ष रामलाल गर्ग, युवा जिलाध्यक्ष गगन बंसल ,पंकज गर्ग (छातरवाले), गुलशन मित्तल,लाजपतराय सिगला ,कमल गर्ग ,गौरव,  अंकित, अभिषेक,तरुण,विपुल गोयल कलायत मौजूद रहे।

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