श्रद्धा का उमड़ा सैलाब साथ ही दिखी पेट की आग बुझाने के लिए खतरनाक तरीके से करतब दिखाने के अलावा कुछ और सूझ ही नहीं रहा था।

श्रद्धा का उमड़ा सैलाब साथ ही दिखी पेट की आग
पटौदी। भगवान शिव ने अपने किसी भी भक्त को कभी भी निराश नहीं किया है। तीनों लोक में भगवान शंकर ही अकेले एसे देव हैं, जो कि श्रद्धालु की भक्ति से बहुत जल्द प्रसन्न हो जाते हैं। मंदिर हो कोई अन्य पूजा का स्थान, एसे स्थान पर प्रवेश करते ही बुरे विचार और ख्याल अपने आप ही मन से विसर्जित होने लगते है । यही वजह है भारतीय संस्कृति में देवालयों सहित देव पूजन का अपना अलग महत्व है। फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी शुक्रवार को पटौदी क्षेत्र के गांव इंछापुरी में पौराणिक महत्व के स्वयंभू स्थापित शिवलिंग के दरबार में श्रद्धा से भरे श्रद्धालूओं का सैलाब उमड़ा रहा और दिन ढ़ले तक यहां शिव परिवार की पूजा-अर्चना सहित अभिषेक का सिलसिला चलता ही रहा।

यहां गर्भ गृह में स्वयंभू उद्गम – स्थापित शिवलिंग के विषय में बताया जाता है कि, खेत में हल चलाने के दौरान हाली के हल का फल जमीन में किसी चीज से अटक गया। इस स्थान की खोदाई किया जाने पर शिवलिंग और साथ में नाग देवता प्रकट हुए। पड़ोसी गांव से बुलाये प्रकांड विद्वान पंडित ने हालात को देख रहस्य को खोला तो आसपास इलाके में खूब बरसात भी हुई। लेकिन जैसे ही शिवलिंग के लिए मिट्टी हटाना आरंभ किया, यह शिवलिंग उतना ही जमीन में नीचे धंसता-बैठता चला गया। इसके बाद में शिवलिंग को ज्यों का त्यों ही रहने दिया। यहां समय के साथ आने वाले श्रद्धालूओं की संख्या को देखते हुए शिवमंदिर का जीर्णोद्धार कराते हुए तमाम प्रकार की सुविधाओं की व्यवस्था शिव को समर्पित लोगों के द्वारा करा दी गई हैं।

शुक्रवार को अनगिनत शिव भक्त श्रद्धालू बच्चे, युवा, युवतियां, महिलाएं और पुरूष इच्छा पूरी करने वाले इंंछापुरी शिवलिंग का अभिषेेक करने के लिए घंटो लाइन में लगे रहे और बारी आने पर श्रद्धापूर्वक अभिषेेक किया। श्रद्धालूओं को सैलाब एेसा कि मंदिर परिसर सहित आसपास में तिल रखने की भी जगह दिखाई नहीं दे रही थी। व्यवस्था को बनायेे रखने के लिए श्रद्धालूओं के वाहन एक किलो मीटर पहले गांव मिलकपुर और इंंछापुरी स्टेशन के पास में ही आने वाले मार्ग पर रोक दिये गए। नव विवाहितों सहित वर की इच्छा लिये और परीक्षा को अधिकाधिक अंकों के साथ पास करने की भावना के साथ भी अनेक श्रद्धालूओं के द्वारा शिव का अभिषेक किया गया।

यहां शिव मंदिर परिसर और आसपास में ही एसे भी गरीब कलाकार परिवार देखे गए, जिन्हें केवल अपने पेट की आग बुझाने के लिए खतरनाक तरीके से करतब दिखाने के अलावा कुछ और सूझ ही नहीं रहा था। गांव मिलकपुर से इंछापुरी मंदिर और इंछापुरी रेलवे स्टेशन से मंदिर तक आने वाले मार्ग पर छोटी बच्चियों को भगवान शिव के भजनों की धुन के साथ रस्से पर खतरनाक करतब करते हुए आने-जाने वाले देखने के लिए कुछ पल ठहरते और रवाना होते रहे। हेलीमंडी पालिका चेयरमैन सुरेश यादव और युुवा समाजसेवी कमल गोयल ने रवाना होते हुए जब बच्ची को रस्से पर करतब करते देखा तो अनायास ही हाथ पाकेट में गया तथा प्रोत्सान करते हुए जैसे ही पांच सौ रूपए दिये तो बदले में भला होने सहित तरक्की की दुआ मिली। वहीं ऐसे लोगों की भी कमी नहीं थी जो कि अपने बच्चों को बिजली चालित आधुनिक झूलों पर झूलाने के लिए लाइन में लगे रहे। हालांकि यहां उमड़ी भीड़ पर नियंत्रण सहित अवारा तत्वों पर नजर रखने के लिए पोलिस  बल तैनात था, लेकिन फिर भी भीड़ के बीच में आवरा तत्वों को शिवमंदिर परिसर में आई युवतियों पर फब्तियां-कमेंटस करने में कोई शर्म-हया महसूस ही नहीं हो रही थी।

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