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संसद भवन घुसपैठ को लेकर राजनीती शुरू ,घुसपैठिए बीजेपी सांसद के पास पर आये थे

BJP ने निकाला मास्टरमाइंड ललित झा का TMC कनेक्शन
Who is Pratap Simha: संसद को धुआं-धुआं करने वाले युवाओं को कर्नाटक के मैसूर से सांसद प्रताप सिम्हा के रेफरेंस पर विजिटर पास दिया गया था।

संसद भवन घुसपैठ को लेकर राजनीती शुरू ,घुसपैठिए बीजेपी सांसद के पास पर आये थे

मैसूर में पहली मुलाकात से संसद सुरक्षा में सेंध तक…किसने-कहां और कब रची साजिश?

Parliament Security Breach 3 दिन पहले ‘कमांड सेंटर’ पहुंचे, एंट्री से एग्जिट तक तैयार किया पूरा प्‍लान, पुलिस ने बताया संसद में सेंध का पूरा सच!
जानिए कौन हैं गिरफ्तार हुए चारों आरोपी

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नई दिल्‍ली.दिल्ली (अटल हिन्द टीम )

 

Indian Parliament मैसूर से सांसद हैं प्रताप सिम्हा

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प्रताप सिम्हा कर्नाटक के मैसूर से सांसद हैं। उनका जन्म सकलेशपुर हिल स्टेशन स्थित एक घर में हुआ। सिम्हा की उम्र 42 साल है और उनकी पहचान एक पूर्व पत्रकार के तौर पर भी है। वह कन्नड़ भाषा के समाचार पत्रों में कॉलम लिखते हैं। सिम्हा अपने कई कॉलम के लिए जाने जाते हैं। ‘विजया कर्नाटक’ अखबार से पत्रकार के रूप में करियर की शुरुआत करने वाले प्रताप सिम्हा अपने कॉलम ‘बेट्टाले जगत्तु’ (नग्न दुनिया) के लिए चर्चा में रहे हैं।

Who is Pratap Simha: संसद को धुआं-धुआं करने वाले युवाओं को कर्नाटक के मैसूर से सांसद प्रताप सिम्हा के रेफरेंस पर विजिटर पास दिया गया था।,लोकसभा में बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब दो घुसपैठियों ने परिसर में प्रवेश किया और पीले रंग का धुआं निकलने वाला स्‍प्रे छोड़ा. पुलिस ने दावा किया है कि संसद में घुसपैठ की योजना सात लोगों द्वारा बनाई गई थी, जो हमले को अंजाम देने से पहले काफी समय तक एक-दूसरे के संपर्क में थे. पुलिस सूत्रों का कहना है कि साल 2022 में ललित झा, 26 वर्षीय सागर शर्मा और 34 वर्षीय मौरंजन डी के बीच कर्नाटक के मैसूर में मुलाकात हुई थी. तब तीनों ने मिलकर देश का ध्यान आकर्षित करने के लिए संसद में घुसपैठ की योजना बनाई थी. बाद में इस तिकड़ी में 37 वर्षीय नीलम और 25 वर्षीय अमोल भी शामिल हो गए. पांच लोगों का समूह फेसबुक भगत सिंह फैन पेज से जुड़ हुआ था.

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पीएम मोदी को आदर्श मानते हैं प्रताप सिम्हा
उन्होंने 2007 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीवनी भी लिखी थी। जिसका शीर्षक ‘नरेंद्र मोदी: यारू थुलियादा हादी’, किसान के बेटे सांसद प्रताप सिम्हा ने संसद तक का सफर संघर्षों के बाद तय किया। वह पीएम मोदी को अपना आदर्श मानते हैं। सिम्हा युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। उन्होंने 2014 में मैसूर निर्वाचन क्षेत्र से 43.46% वोटों के साथ जीत हासिल की थी, जबकि 2019 के चुनावों में उनका वोट शेयर बढ़कर 52.27% हो गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों में से एक मनोरंजन डी सांसद को जानता था। उसने दूसरे आरोपी सागर शर्मा की पहचान एक दोस्त के रूप में कराई थी। उन्होंने नई संसद देखने के बहाने पास जारी करवाए। सिम्हा के आदेश पर बुधवार के लिए तीन पास जारी किए गए। हालांकि एक महिला को वापस लौटना पड़ा क्योंकि वह अपने बच्चे के साथ आई थी। बताया जा रहा है कि मनोरंजन डी तीन महीने से पास के लिए सिम्हा के ऑफिस का चक्कर लगा रहा था।

इस वारदात के पीछे मुख्य साजिशकर्ता कथित तौर पर ललित झा ने मनोरंजन को जुलाई में संसद भवन की रेकी करने के लिए कहा था. बीते रविवार को पांच लोगों का समूह गुरुग्राम निवासी विशाल शर्मा के घर पर मिला और मंगलवार तक वहीं रहा. बुधवार सुबह पांचों संसद भवन के लिए रवाना हुए. मनोरंजन ने पहले ही मैसूर के सांसद प्रताप सिम्हा के माध्यम से विजिटर पास का इंतजाम कर लिया था. प्‍लान के तहत सागर और मनोरंजन ने नए संसद भवन में प्रवेश किया और लोकसभा की विजिटर गैलरी में पहुंच गए. दोपहर करीब 1:00 बजे, सागर ने धुएं का डिब्बा लेकर दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्ष में छलांग लगा दी. मनोरंजन ने भी कूदने की कोशिश की और रेलिंग से लटकता नजर आया. दोनों ने अपने जूतों के अंदर धुएं के डिब्बे छिपा रखे थे.

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ललित ने रिकॉर्ड किया वीडियो
हंगामा मच गया लेकिन दोनों को सदन में सांसदों ने पकड़ लिया और उनकी पिटाई की और सुरक्षाकर्मियों को सौंप दिया. लगभग उसी समय, नीलम और अमोल ने संसद भवन के बाहर नारे लगाए और कलर स्‍प्रे से रंग छोड़ा. इस बीच, ललित ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया जो बाद में इंस्टाग्राम पर सामने आया. नीलम और अमोल को पुलिस ने पकड़ लिया, जबकि ललित भागने में सफल रहा. इसके बाद सागर, मनोरंजन, नीलम और अमोल को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया.

किसने तय की थी 13 दिसंबर की तारीख?
मामले से जुड़ा एक आरोपी अभी भी फरार बताया जा रह है. दिल्‍ली पुलिस उसे पूरी साजिश का मास्‍टरमाइंड मान रही है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि जब उस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, उससे पूछताछ में कई तथ्‍य स्‍पष्‍ट होंगे. उन्‍होंने कहा कि फरार आरोपी ललित झा ने ही संसद के अंदर इतनी बड़ी सेंध की घटना को अंजाम देने की तारीख तय की थी. इस घटना के लिए उसी दिन को चुना गया, जिस दिन संसद पर पहले हमला हो चुका है. पुलिस सूत्रों ने कहा, “ललित झा ने सभी आरोपियों को गुरुग्राम में मीटिंग के लिए बुलाया था.

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3 दिन पहले ‘कमांड सेंटर’ पहुंचे, एंट्री से एग्जिट तक तैयार किया पूरा प्‍लान, पुलिस ने बताया संसद में सेंध का पूरा सच!

नई दिल्‍ली संसद सुरक्षा चूक मामले की जांच कर रही दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल सेल को गिरफ्तार सभी आरोपियों की सात दिन की पुलिस कस्‍टडी मिल गई है. पूछताछ के दौरान चारों आरोपियों ने वारदात से तीन दिन पहले के घटनाक्रम के बारे में विस्‍तार में बताया. सूत्रों ने NEWS18 को यह बताया कि संसद में घुसने के प्‍लान में कहीं कोई कमी न रह जाए, इसके लिए सागर हफ्ते में दो से तीन बार मनोरंजन को कॉल किया करता था.
इस वारदात को 13 दिसंबर को अंजाम दिया गया लेकिन पुलिस सूत्रों के मुताबिक 10 दिसंबर की रात को ही ललित झा गुरुग्राम स्थित विकी के घर आ गया था. अगली सुबह कर्नाटक के बेंगलुरु से मनोरंजन फ्लाइट पकड़कर वहां पहुंच गया. तीन रात तक पांचों गुरुग्राम में विकी के घर पर ही रहे. इस दौरान वो संसद में एंट्री के लिए पास जुटाने की कोशिश में लगे रहे. मीटिंग में तय हुआ कि सागर और मनोंरजन लोकसभा के अंदर घुसकर प्रदर्शन करेंगे और नीलम, अमोल और ललित संसद के बाहर रहेंगे. मामले से जुड़ा एक आरोपी अभी भी फरार बताया जा रह है.

7 दिन की रिमांड
इन सभी के खिलाफ आतंकवाद विरोधी कानून गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनिय.म के तहत मामला दर्ज किया गया है. विशाल और उनकी पत्नी को भी गुरुग्राम से हिरासत में लिया गया. उसी के घर में सभी 10 दिसंबर को इकट्ठा हुए थे. बाद में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल जांच में शामिल हुई. गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों आरोपियों की 7 दिन की हिरासत दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल को दे दी.

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संसद भवन घुसपैठ को लेकर राजनीती शुरू ,घुसपैठिए बीजेपी सांसद के पास पर आये थे

इस मामले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। बंगाल भाजपा ने दावा किया है कि ललित झा तृणमूल कांग्रेस नेताओं का खास रहा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने ललित झा की तस्वीर कैबिनेट मंत्री तापस रॉय के साथ जारी की।उन्होंने कहा है कि हमारे लोकतंत्र के मंदिर पर हमले का मास्टरमाइंड ललित झा लंबे समय से TMC नेता तापस रॉय के साथ संपर्क में था। यह सबूत संसद हमले में तृणमूल नेताओं के मिलीभगत की जांच के लिए इस्तेमाल होने चाहिए।
बीजेपी नेता अमित मालवीय ने भी TMC पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा- ”संसद की सुरक्षा में चूक मामले में ललित झा का टीएमसी कनेक्शन सामने आया है। उनकी कई तस्वीरें टीएमसी नेताओं के साथ वायरल हो चुकी हैं। अब तक पूरे प्रकरण में शामिल लोगों का संबंध कांग्रेस, सीपीआई (माओवादी) और अब टीएमसी से पाया गया है।” मालवीय ने आगे लिखा- ”क्या यह साफ जाहिर नहीं है कि हताश ‘इंडिया गठबंधन’ ने मौजूदा सरकार को कमजोर करने के लिए भारतीय संसद पर हमला किया है?”
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री डॉ. शशि पांजा ने इसे सुकांत मजूमदार का पाखंड बताया। उन्होंने लिखा- पाखंड के नए कीर्तिमान स्थापित! आप इन सवालों को अपनी पार्टी के साथी बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा के लिए बचाकर रखें।

आप कुछ हद तक भटके हुए लगते हैं श्रीमान मजूमदार! दरअसल, बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा के रेफरेंस पर ही चार आरोपियों को पास जारी किए गए थे। सिम्हा का कहना है कि वे नए संसद भवन को देखना चाहते थे इसलिए लगातार विजिटर्स पास के लिए गुहार लगा रहे थे। जानकारी के अनुसार, आरोपी भगत सिंह फैन क्लब से जुड़े थे। वह कुछ ऐसा करना चाहते थे जिससे उनका नाम हो जाए।

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जानिए कौन हैं गिरफ्तार हुए चारों आरोपी
सागर शर्मा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का रहने वाला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उसके विजिटर पास पर भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा के दस्तखत थे। मनोरंजन मैसूर का रहने वाला है। उसके पास कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की डिग्री है। पहले वह बेंगलुरु की एक आईटी कंपनी में काम करता था और अक्सर दिल्ली आया करता था।
मनोरंजन के पिता डी देवराज ने कहा है कि अगर उसने कुछ गलत किया है तो वह मेरा बेटा नहीं है। लेकिन वह एक अच्छा लड़का है। मुझे पता नहीं था कि वह दिल्ली में है। वह कॉलेज के दिनों में छात्र नेता हुआ करता था लेकिन मुझे यह नहीं पता था कि वह किन संगठनों के साथ जुड़ा है। चार दिन पहले वह बेंगलुरु जाने की कहकर घर से निकला था।

सिविल सेवा की तैयारी कर रही थी नीलम
वहीं, चार आरोपियों में से एक नीलम देवी हरियाणा के हिसार की रहने वाली है। जानकारी के अनुसार वह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थी। नीलम के भाई के अनुसार उसने साल 2020 में केंद्र सरकार के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन में हिस्सा लिया था लेकिन वह किसी भी राजनीतिक पार्टी के साथ नहीं जुड़ी है।
नीलम के भाई ने कहा कि हमें पता ही नहीं था कि वह दिल्ली गई है। हमें बस इतना मालूम था कि हिसार में पढ़ाई करने के लिए है। उसने बीए, एमए, बीएड, एमएड, सीटेट, एमफिल और नेट क्वालिफाई किया हुआ है। वह कई बार बेरोजगारी का मुद्दा उठा चुकी है। वह कहती थी कि इतनी योग्य होने के बाद भी बेरोजगार हूं, इससे बेहतर तो मर जाना है।

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पुलिस में भर्ती होना चाहता था अमोल शिंदे
अमोल शिंदे महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है। उसके माता-पिता मजदूरी करते हैं। वह सेना और पुलिस में शामिल होने की कोशिश कर रहा था। जानकारी के अनुसार वह पुलिस में भर्ती के लिए फिजिकल परीक्षा पास कर चुका था लेकिन लिखित परीक्षा में असफल रहा था। कहा जा रहा है कि शिंदे पिछले कुछ दिन से तनाव में चल रहा था।

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