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संसद सुरक्षा चूक: पुलिस का दावा- आरोपी फेसबुक पर मिले,

संसद सुरक्षा चूक: पुलिस का दावा- आरोपी फेसबुक पर मिले,

संसद सुरक्षा चूक: पुलिस का दावा- आरोपी फेसबुक पर मिले,

जनवरी में योजना बनाकर संसद की रेकी की थी
दिल्ली (अटल हिन्द टीम )

संसद सुरक्षा चूक मामले में अब तक पांच लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया है कि वे देश के अलग-अलग हिस्सों से हैं. बुधवार को संसद के अंदर और बाहर से गिरफ्तार किए गए चारों लोग करीब डेढ़ साल पहले फेसबुक पर मिले थे और भगत सिंह के नाम पर बने एक समूह का हिस्सा हैं.

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विशाल शर्मा उर्फ विक्की नामक 5वां आरोपी बाद में गुड़गांव स्थित उसके आवास से पकड़ा गया, वहीं ललित झा नामक एक अन्य आरोपी अभी फरार है.

संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने से लगभग 15-16 घंटे पहले शर्मा ने इंस्टाग्राम पर अपनी आखिरी पोस्ट में कहा था, ‘जीतें या हारें, पर कोशिश तो जरूरी है. अब देखना ये है, सफर कितना हसीन होगा… उम्मीद है फिर मिलेंगे.’

लखनऊ के रहने वाले शर्मा अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर खुद को लेखक, कवि और दार्शनिक बताते हैं. उनका इंस्टाग्राम बायो कहता है कि वह एक ‘कलाकार’ भी हैं. उनकी पेंटिंग्स के अलावा उनके एकाउंट में महाराष्ट्र यात्रा की रील्स और शिव, कृष्ण तथा अन्य देवी-देवताओं के वीडियो हैं.

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फेसबुक पर सक्रिय नीलम ने राजनीतिक रैलियों में भाग लेने की कई तस्वीरें और साथ ही भगत सिंह और बीआर आंबेडकर की तस्वीरें भी पोस्ट की हैं. उन्होंने जंतर-मंतर और उत्तर भारत के अन्य प्रदर्शन स्थलों की भी तस्वीरें पोस्ट की हैं, जिनमें उन्हें किसानों के साथ बैठे देखा जा सकता है. पोस्ट 2020-21 के किसान आंदोलन के हैं.

नीलम हरियाणा के जिंद की रहने वाली हैं.

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वहीं इंस्टाग्राम पर अपने आखिरी पोस्ट में शिंदे ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनल स्टेशन के सामने खड़े होकर अपना एक वीडियो पोस्ट किया है. उन्होंने अपने दौड़, मुक्केबाजी और खेलों में पदक जीतने के वीडियो और तस्वीरें भी पोस्ट की हैं.

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दिल्ली पुलिस के अज्ञात सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया है कि छह लोगों ने इस हरकत को ‘सुनियोजित और अच्छी तरह समन्वित तरीके से अंजाम दिया था. वे चार वर्षों से सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के संपर्क में थे. उन्होंने कुछ दिन पहले ही योजना बनाई थी.’

सूत्र ने बताया कि योजना के मुताबिक सभी छह संसद के अंदर जाना चाहते थे, लेकिन केवल दो को ही पास मिला. सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इन्हें किसी व्यक्ति या किसी संगठन ने निर्देश दिया था.

इस बीच, दर्शक दीर्घा को अनिश्चितकाल के लिए बंद किए जाने की सूचना है.

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घटना पर सांसदों ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दीं. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने डेक्कन हेराल्ड से बातचीत करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए.

उन्होंने कहा, ‘मौके पर कोई त्वरित प्रतिक्रिया नहीं हुई और कोई स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया, कोई आपातकालीन निकासी नहीं हुई; हमने सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह से ध्वस्त होते देखा. अब तक सांसदों से यह तक नहीं पूछा गया कि क्या वे ठीक हैं – क्या उन्हें कोई दुष्प्रभाव हुआ है, अस्थमा का दौरा आदि पड़ा है.’

इस बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एक बयान जारी करके घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी निंदा की है. उन्होंने एक्स पर जारी बयान में कहा है, ‘अध्यक्ष महोदय (ओम बिड़ला) ने तुरंत संज्ञान लेकर इस मामले की जांच का आदेश दिया है. जो सावधानियां भविष्य में बरती जा सकती हैं, वो बरती जाएंगी. पुराने संसद भवन में भी नारेबाजी की घटनाएं, पेपर फेंकना और कूदने की घटनाएं हुई हैं.’

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संसद सुरक्षा चूक मामला: मुख्य साजिशकर्ता अब भी फ़रार
दिल्ली पुलिस संसद के शीतकालीन सत्र में बुधवार को लोकसभा में कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से नीचे कूदने और केन से धुआं फैलाने के मामले में छठे संदिग्ध आरोपी की तलाश में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन छापेमारी कर रही है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि कोलकाता निवासी ललित झा पेशे से शिक्षक है और सुरक्षा में सेंधमारी मामले में मुख्य साजिशकर्ता है।
ललित और अन्य आरोपी क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह से प्रभावित थे और ऐसा कृत्य करना चाहते थे जिससे देश का ध्यान उन पर जाए।
अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों को अब तक ऐसा कोई सुराग नहीं मिला है जिससे इनका संबंध किसी आतंकी समूह से होने का संकेत मिले।
उन्होंने बताया कि सभी छह लोग सोशल मीडिया से संपर्क में आए थे और फिर फेसबुक में भगत सिंह ‘फैन पेज’ से जुड़े थे।
ललित शिक्षक था, उसने ही कमान संभाली और मनोरंजन को मानसून सत्र के दौरान संसद के सभी प्रवेश द्वारों की रेकी करने (टोह लेने) का निर्देश दिया।
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