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सरकारी स्कूलों में कीर्तिमान स्थापित करने वाले प्रदेश भर के 108 शिक्षकों को मिला हरियाणा गौरव पुरस्कार 

सरकारी स्कूलों में कीर्तिमान स्थापित करने वाले प्रदेश भर के 108 शिक्षकों को मिला हरियाणा गौरव पुरस्कार
कपिल मुनि कला मंच हरियाणा और मंथन एक नूतन प्रयास हरियाणा इकाई तत्वाधान में सम्मान समारोह
अटल हिंद/तरसेम सिंह
अग्रवाल धर्मशाला कलायत में हरियाणा दिवस उपलक्ष्य में प्रदेश के विभिन्न जिलों के सरकारी स्कूलों में कीर्तिमान स्थापित करने वाले 108 शिक्षकों को शुक्रवार को कपिल मुनि कला मंच हरियाणा और मंथन एक नूतन प्रयास हरियाणा इकाई द्वारा हरियाणा गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शिक्षकों को सम्मान देने को समर्पित समारोह में मुख्य मेहमान जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिंह सिरोही और विशिष्ट अतिथि के रूप में कैथल डाईट प्राचार्य दलीप सिंह ने शिरकत की। इन्होंने कला मंच प्रधान रणबीर धानियां, संस्थापक कुलदीप मित्तल, मास्टर सुरेश राणा और कला मंच उपाध्यक्ष सुभाष शास्त्री के साथ मां सरस्वती चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का आगाज किया। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही और डाईट प्राचार्य दलीप सिंह ने कहा कि एक दौर वो रहा जब सरकारी स्कूलों को पिछड़े संस्थानों की दृष्टि से देखा जाता था। इस मायने से शिक्षकों के साथ-साथ यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों के सम्मान को कहीं न कहीं ज्यादा ठेस पहुंचती थी। इसके कारण ही निजी शिक्षण संस्थानों को ज्यादा बढ़ावा मिला। अब शिक्षकों, अभिभावकों, सरकारी और सामाजिक संगठनों की जागरूकता से सरकारी स्कूलों का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। सरकारी स्कूल शिक्षा के साथ-साथ हर क्षेत्र में अपनी काबिलियत का लोहा मनवा रहे हैंं। इसके कारण सरकारी स्कूलों में नामांकन ग्राफ बेहद तेजी से बढ़ रहा है। इस परिदृश्य में सरकारी स्कूल का शिक्षक और विद्यार्थी होना गौरव का विषय बना है। जिस प्रकार कला मंच और मंथन संस्था ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मान से नवाजा है वह सरकारी स्कूलों के लिए बदलाव का नया युग साबित होगा। राज्य संयोजक टीम मंथन हरियाणा अजय टेक चंद, कला मंच कोषाध्यक्ष जितेंद्र राठौड़, नगर पालिका मनोनित पार्षद भारत मनु कपूर, नंबरदार संजय सिंगला, मंच सलाहकार रवि प्रकाश गर्ग के साथ-साथ हरियाणा के साथ-साथ अन्य राज्यों के शिक्षक-शिक्षिकाएं समारोह में मौजूद रहे।
बेमिसाल सोच के राहियों को मिला विशेष सम्मान:
मेवात की पहली महिला शिक्षिका जयदा बेगम, 70 मर्तबा रक्तदान करने वाले भिवानी से मदन लाल व मरणोपरांत देह दान का संकल्प करने वाले सुशील कुमार और उनकी पत्नी को समारोह में विशेष सम्मान दिया गया। इस प्रकार के कीर्तिमान से जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही, डाईट प्राचार्य दलीप सिंह, प्रतिभागी कर रहे शिक्षक और आयोजक-संयोजक बेहद प्रभावित हुए।

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