स्कूलों की  प्रबंधन कमेटी अपनी मर्जी से नहीं कर पाएगी खर्च  मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पवार कम की  

 

 

स्कूलों की  प्रबंधन कमेटी अपनी मर्जी से नहीं कर पाएगी खर्च  मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पवार कम की

The management committee of schools will not be able to spend on their own, Chief Minister Manohar Lal reduces Pawar

हरियाणा के स्कूलों में निर्माण कार्यों में गोलमाल को लेकर  सीएम ने  स्कूल प्रबंधन कमेटी की पैसा खर्च करने की सीमा कम की

चंडीगढ़(अटल हिन्द ब्यूरो )

 

हरियाणा के स्कूलों में निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्कूल प्रबंधन कमेटी की पैसा खर्च

करने की पावर घटा दी है। पहले स्कूल प्रबंधन कमेटी बिना किसी टेंडर के 20 लाख रुपये तक के निर्माण कार्य करा सकती थी, लेकिन अब

पांच लाख रुपये तक के काम ही करा सकेगी। पांच लाख रुपये से अधिक के काम कराने पर स्कूल प्रबंधन कमेटियों को टेंडर निकालने होंगे,

ताकि भ्रष्टाचार की गुंजाइश पूरी तरह से खत्म की जा सके।

आ रही थी भ्रष्टाचार की शिकायतें
भाजपा विधायक दल,जजपा विधायक दल और सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों की बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह

ऐलान किया। यह बैठक लंबे समय बाद हुई है। हालांकि बैठक में बरोदा उपचुनाव पर कोई चर्चा नहीं हुई, लेकिन इन विधायकों को एक

साथ बैठाने के पीछे निशाना बरोदा उपचुनाव ही रहा है।

विधायकों की संयुक्त बैठक,बरोदा निशाने पर
स्कूलों की हालत,पढ़ाई और क्वालिटी में सुधार पर चर्चा के दौरान घरौंडा के भाजपा विधायक हरविंद्र कल्याण ने कहा कि शिक्षा विभाग के

अंतर्गत स्कूलों को 20 लाख रुपये तक के निर्माण कार्य कराने की पावर है। इस पावर का कई स्कूलों में दुरुपयोग किया जाता है। स्कूलों में

कराए जाने वाले कामों की विधायकों तक को जानकारी नहीं होती। इसलिए सारा काम टेंडरिंग के जरिये होना चाहिए।

 

शिक्षा क्वालिटी में सुधार को दिए अहम सुझाव
हरविंद्र कल्याण के इस सुझाव पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पांच लाख रुपये से अधिक के सभी कार्यों के लिए टेंडरिंग व्यवस्था

लागू करनी होगी। फरीदाबाद के भाजपा विधायक नरेंद्र कुमार गुप्ता ने मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर बढ़ाने पर

जोर देने की बात कही। नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि कुछ विधानसभा ऐसी हैं, जहां इन स्कूलों का खाका तैयार नहीं हुआ है।

तिगांव के विधायक राजेश नागर ने नरेंद्र गुप्ता की बात का समर्थन किया। मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और

तिगांव समेत छह विधानसभा ऐसी हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने इन सभी विधानसभा क्षेत्रों को मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल बनाने वाली

सूची में शामिल करने के निर्देश दिए। विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने जब भ्रष्टाचार की आशंका जाहिर की तो मुख्यमंत्री ने कहा कि

परिवार पहचान पत्र बनने के बाद यह आशंका पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। 27, 28 और 29 फरवरी को पूरे प्रदेश में शिविर लगाकर

परिवार पहचान पत्र बनाए जाएंगे। पूंडरी के विधायक रणधीर गोलन ने स्कूलों में सफाई नहीं होने का मुद्दा उठाया।

 

शहरी स्कूलों में ढांचागत बदलाव की बेहद जरूरत
गन्नौर की विधायक निर्मल चौधरी ने सुझाव दिया कि तमाम नए बनाए जाने वाले स्कूलों का अलग निदेशालय बने,जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार

कर लिया। विधायक नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि शहरी क्षेत्र के स्कूलों में ढांचागत बदलाव जरूरी हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के

शिक्षा के मद में बजट की कोई कमी नहीं है। गुप्ता ने सीएम को बताया कि हरियाणा के स्कूलों में स्वीपर नहीं होने के मुद्दे पर उन्होंने

विधानसभा की पीएसी कमेटी में मुद्दा उठाया था, जिसे गंभीरता से लिया जाए।

स्कूलों में चपरासी,माली व सफाईकर्मी की जरूरत
पृथला के निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के पहलुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि हरियाणा के कई मॉडल इसमें

अपनाए गए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों में चपरासी, चौकीदार और माली की सख्त जरूरत है। जिन स्कूलों में स्टाफ सरप्लस हैं, उसे

स्टाफ की कमी वाले स्कूलों में स्थानांतरित किया जाए। रावत ने स्कूलों में सोलर सिस्टम लगाने का सुझाव दिया। गुरुग्राम के विधायक सुधीर

सिंगला ने कहा कि शिक्षा के स्तर में सुधार होने से हरियाणा की छवि पूरे प्रदेश में बढ़ेगी। विधायक असीम गोयल, महीपाल सिंह ढांडा और

सुभाष सुधा ने भी कई अहम सुझाव बैठक में दिए।

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