हरियाणा,महाराष्ट्र चुनाव में बीजेपी को करारा झटका.. महाराष्ट्र में अब तक शतक का आँकड़ा नहीं छू पाई.. हरियाणा में 40 पर अटकी

(Maharashtra shocking BJP in Haryana elections .. Maharashtra has not yet reached century figures .. Stops at 40 in Haryana)महाराष्ट्र हरियाणा चुनाव में बीजेपी को करारा झटका.. महाराष्ट्र में अब तक शतक का आँकड़ा नहीं छू पाई.. हरियाणा में 40 पर अटकी

नई दिल्ली,24 अक्टूबर 2019। महाराष्ट्र और हरियाणा में आँकड़ों पर गौर करें तो समझ आता है कि, भाजपा को करारा नुकसान हुआ है। महाराष्ट्र में भाजपा को तीस सीटों का नुक़सान नज़र आ रहा है तो हरियाणा में छ सीटों का सीधा नुक़सान नुमाया हो रहा है। महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार के 6 मंत्री पीछे […]
नई दिल्ली,24 अक्टूबर 2019। महाराष्ट्र और हरियाणा में आँकड़ों पर गौर करें तो समझ आता है कि, भाजपा को करारा नुकसान हुआ है। महाराष्ट्र में भाजपा को तीस सीटों का नुक़सान नज़र आ रहा है तो हरियाणा में छ सीटों का सीधा नुक़सान नुमाया हो रहा है। महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार के 6 मंत्री पीछे चल रहे हैं और दिलचस्प है कि सभी 6 मंत्री भारतीय जनता पार्टी के हैं। महाराष्ट्र में बीते चुनाव में भाजपा को 122 सीटें मिलीं थीं, जबकि अभी वह सौ का आँकड़ा पार करने में हाँफ रही है, वहीं सहयोगी दल शिवसेना बीते प्रदर्शन को सफलता से दोहरा गई है। हालाँकि यह बीजेपी के लिए राहत की बात है कि, गठबंधन अभी के आँकड़ों पर भी सरकार बना ले जाने की स्थिति में आ गया है।वहीं हरियाणा में भाजपा के लिए तो हाल और बुरा है। बीते चुनाव में 47 सीटों पर भाजपा मौजुद थी,(The situation is worse for the BJP in Haryana. BJP was present in 47 seats in the last election,) और दावा था कि सत्तर सीटों पर भाजपा क़ाबिज़ होगी, लेकिन सत्तर छोड़िए बहुमत का आँकड़ा ही बीजेपी को नसीब मुश्किलें पड़ रही हैं।जबकि यह खबर लिखी जा रही है, बीजेपी को चालीस सीटें मिल सकती हैं। हरियाणा के नतीजों का असर दिल्ली पर सीधे असर डालेगा। दिल्ली में कुछ ही महीनों में चुनाव में है और दिल्ली राज्य हरियाणा से सीधे जुड़ा हुआ है। दिल्ली राज्य को जीत को लेकर भाजपा के सुनहरे सपने हरियाणा ख़राब कर सकता है।(BJP’s golden dreams can spoil Haryana)नतीजे जब पूरी तरह आएँगे तो कुछ सवाल मंथन के लिए मौजुद होंगे मसलन हरियाणा में जाट क्यों भाजपा से नाराज़ हुए.. धारा 370 और पाकिस्तान जैसे मुद्दे उस हरियाणा में कारगर क्यों कारगर नहीं हुए हैं जहां बहुतायत समेत लोग सेना या पैरामिलेट्री फ़ोर्स में हैं। वहीं जबकि महाराष्ट्र से जो सवाल हैं वह यह कि, गिरते पड़ते ही सही भाजपा यदि सरकार बना ले रही है तो इसमें वीर सावरकर को भारत रत्न देने का वादा जवाबदेह है या इसे यूँ देखे कि वीर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने का वादा बीजेपी को और लड़खड़ाने को मजबूर कर गया।

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