Atal hind
Uncategorized

हरियाणा की मनोहर सरकार को सता रहा है डर कहीं महाराष्ट्र वाला हाल हो जाए

भाजपा को समर्थन देने वाले 4 निर्दलीय विधायकों को बोर्ड, अपने कुनबे ‘भाजपा’ के लोगों को छोड़ा!

महाराष्ट्र की तर्ज पर कहीं हरियाणा में उलटफेर ना हो जाए सता रहा है डर?

आजाद विधायकों की बल्ले बल्ले बाकी सब थले थले!

चंडीगढ़ (राजकुमार अग्रवाल)

महाराष्ट्र में बड़ी उलटफेर के बाद हरियाणा सरकार के मुखिया चौधरी मनोहर लाल खट्टर तुरंत ‘ एक्शन मोड में आ गए हैं, हरियाणा में सरकार बनाने के लिए समर्थन देने वाले आजाद उम्मीदवारों को भाजपा ने धीरे-धीरे अडजस्ट करना शुरू कर दिया है। चुनाव जीतकर आए 7 आजाद उम्मीदवारों में से 4 को निगम व बोर्डों का चेयरमैन नियुक्त कर दिया गया है। चेयरमैन बनाए गए चार विधायक भाजपा के ही बागी हैं, जो टिकट ना मिलने पर आजाद चुनाव में खड़े हो गए थे और पार्टी ने इन्हें 6 साल के लिए निष्कासित भी कर दिया था, परंतु राजनीति में सब जायज है! बुरा वक्त आने पर इन्हें सिर्फ गले लगाया बल्कि विधायक के साथ चेयरमैन पद देकर वरिष्ठ आईएएस केडर दे दिया! कई दिनों से हरियाणा सरकार में सुगबुगाहट का दौर जारी था ऐसे में हरियाणा सरकार ने निर्दलीयों एवं आरएसएस भारी भरकम दबाव के चलते चरखी दादरी के विधायक सोमवीर सांगवान को हरियाणा पशुधन बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त किया है। सांगवान भाजपा से काफी वर्षों से जुड़े रहे हैं लेकिन 2019 विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें सीट न देकर पहलवान बबीता फोगाट को चुनाव में उतारा, बबीता हार गई। ऐसे में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने उन्हें पार्टी से 6 साल के लिए निकाल दिया, परंतु जब भाजपा के 75 पार के नारे के चलते 40 ही विधायक बने तो पार्टी ने उन्हें न सिर्फ गले लगाया बल्कि पार्टी में मिला लिया ! दादरी से सोमवीर जीते, तो उन्होंने भाजपा को समर्थन दे दिया।

पृथला के विधायक नयनपाल रावत को हरियाणा भण्डारगार निगम का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। नयनपाल रावत भाजपा से कई बार चुनाव लड़ चुके थे, लेकिन कभी भी जीत नहीं सके थे, इस बार उनकी सीट कटी तो वे आजाद खड़े हो गए और जीते। बाद में भाजपा को समर्थन दे दिया। पूंडरी से आजाद विधायक रणधीर सिंह गोलन को हरियाणा पर्यटन निगम का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। गोलन भाजपा की सीट के मजबूत दावेदार थे। उनका टिकट काट दिया गया, तो उन्होंने पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ा और जीते। उन्होंने पुंडरी से लगातार कई बार विधायक बनते आ रहे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के पसंदीदा नेता दिनेश कौशिक को हराया, लेकिन क्योंकि बीजेपी ब्राह्मणों की आत्माओं का सम्मान नहीं करती ऐसे में दिनेश कौशिक को ना करनाल से लोकसभा का टिकट दिया और ना ही पुंडरी से भाजपा को टिकट दिया, दिनेश कौशिक भाजपा की नीतियों में आस्था रखने की वजह से पुंडरी के लोगों में स्थापित नहीं हो पाए, और यही कारण रहा वह हार गए! जीत के तत्काल बाद भाजपा को समर्थन देने वाले रणधीर गोलन अब चेयरमैन बन गए!
नीलोखेड़ी से आजाद विधायक धर्मपाल गोंदर को हरियाणा वन विकास निगम का चैयरमेन नियुक्त किया गया है। गोंदर भाजपा से काफी समय से जुड़े हुए हैं। नीलोखेड़ी सीट पर वे मजबूत दावेदार थे लेकिन पार्टी ने भगवानदास कबीरपंथी को चुनाव में उतारा और वे हार गए। धर्मपाल गोंदर ने जीत दर्ज की, बाद में भाजपा को सरकार बनाने के लिए समर्थन दे दिया।
सरकार ने आजाद विधायक रणजीत सिंह को पहले ही बिजली मंत्री बना दिया था। इसके बाद अब 4 विधायकों को बोर्ड वे निगम का चेयरमैन बना दिया है। 7 आजाद विधायकों में से 5 को अडजस्ट कर दिया गया है, अब महज 2 आजाद विधायक बचे हैं, जिन्हें कोई पद नहीं मिला है। इसमें महम विधायक बलराज कुंडू और बादशाहपुर से विधायक राकेश दौलताबाद शामिल हैं। इसके अलावा विडंबना यह है कि भाजपा में पार्टी के वरिष्ठ नेता और कई कई बार एमएलए रह चुके वरिष्ठ पदाधिकारियों को ठेंगा दिखाया गया है! दबी जुबान से कई एमएलए अपना नाम न छापने की शर्त पर कह रहे हैं की भाजपा में पहली बार एमएलए बनते ही ऊंचाइयों को छूने वाले एक नेता की संकीर्ण सोच की वजह से उन्हें पार्टी में वह स्थान नहीं मिल रहा है जो उन्हें मिलना चाहिए!

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति ATAL HIND उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार #ATALHIND के नहीं हैं, तथा atal hind उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है.

अटल हिन्द से जुड़ने के लिए शुक्रिया। जनता के सहयोग से जनता का मीडिया बनाने के अभियान में कृपया हमारी आर्थिक मदद करें।

Leave a Comment

URL