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हरियाणा के नेता (मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री  )इस माहामारी में भी खेल रहे है फोटो -फोटो 

हरियाणा के नेता (मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री  )इस माहामारी में भी खेल रहे है फोटो -फोटो

Haryana’s leaders (Chief Minister and Deputy Chief Minister) are also playing photos in this festival.

मुफ्त के सैनिटाइजर और मोटी सेटिंग के चलते बिकी लोक डाउन में शराब

सैनिटाइजरों पर फोटो लगने के चलते दुष्यंत चौटाला पर उठी उंगलियां

 

 

Liquor in the sold Lok Down due to the free sanitizer and thick setting

Fingers on Dushyant Chautala due to photos on sanitizers

(अटल हिन्द ब्यूरो )
चंडीगढ़। लोक डाउन के दौरान प्रदेश में शराब बिकने का मुद्दा बड़े विवाद का कारण बना और चौतरफा आलोचना के बाद मजबूरी में सरकार को शराब की बिक्री रोकनी पड़ी और ठेके बंद करने पड़े।
उस समय यह सवाल उठा था कि किसकी शह पर पर लोक डाउन में शराब बिक्री को इजाजत दी गई थी। शराब बिक्री की सेटिंग से अब सैनिटाइजरों ने पर्दाफाश कर दिया है।प्रदेश की शराब फैक्ट्रियों ने 9 करोड रुपए मूल्य के सैनिटाइजर कोरोना महामारी से लड़ाई के लिए मदद के तौर पर देने का ऐलान किया है।अगर यह शुद्ध तौर पर मदद होती तो इसका दिल खोलकर स्वागत किया जाता लेकिन सैनिटाइजरों की शिशियों पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का फोटो लगना सबको खटक गया और यह साफ हो गया कि सियासी फायदा उठाने के लिए सैनिटाइजरों की बोतलों पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की फोटो लगाई गई है।इस सस्ती लोकप्रियता की छोटी सोच के घेरे में आते ही मुख्यमंत्री कार्यालय ने साफ कर दिया कि उनकी तरफ से ऐसा कोई आदेश शराब फैक्ट्रियों को नहीं दिया गया कि मुख्यमंत्री की फोटो लगानी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से फोटो लगाने के आदेश देने वाले अधिकारियों के बारे में भी फैक्ट्रियों से जानकारी मांगी गई।आधिकारिक तौर पर यह आदेश सरकार की तरफ से जारी नहीं किया गया ।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि आदेश किसने जारी किया?
आबकारी विभाग उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के पास है।ऐसे में फोटो लगाने के आदेश की सुई दुष्यंत चौटाला की तरफ ही घूम रही है। अगर सैनिटाइजरों की बोतलों पर सिर्फ दुष्यंत चौटाला की फोटो लगाई जाती तो विवाद खड़ा हो सकता था। इसलिए दुष्यंत चौटाला के साथ मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की तस्वीर भी लगाई गई।दादरी में नैना चौटाला की तरफ से सैनिटाइजर की 20 हजार बोतल देते समय भी यह सवाल उठा था कि शराब फैक्ट्री के मालिक ये दरियादिली क्यों दिखा रहे हैं।अब यह साफ हो गया है कि शराब फैक्ट्रियों के मालिकों के साथ “बड़ी” सेटिंग के चलते न केवल लोकडाउन के दौरान शराब बेचने की इजाजत दी गई बल्कि इसमें मुफ्त के सैनिटाइजर भी हासिल किए गए।आबकारी विभाग का मंत्री होने के कारण दुष्यंत चौटाला की मंजूरी के बगैर सैनिटाइजरों पर उनकी और मुख्यमंत्री की फोटो नहीं लग सकती थी।
इसलिए महामारी के दौर में सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए उनके खेमे की तरफ से ही शराब डिस्टलरियों को सैनिटाइजरों पर फोटो लगाने का आदेश जारी किया गया।जिस दौर में पूरा देश मिलकर महामारी का मुकाबला कर रहा है उस समय दुष्यंत चौटाला का अपनी फोटो लगाकर जनता में लोकप्रियता हासिल करने का हथकंडा अनैतिक प्रतीत हो रहा है।

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