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हरियाणा के बारे में पीजीआई रोहतक की चौंकाने वाली रिपोर्ट

हरियाणा के बारे में पीजीआई रोहतक की चौंकाने वाली रिपोर्ट
रोजाना 42 युवा आ रहे नशे की चपेट में
72 नशा मुक्ति केंद्रों में क्षमता से ज्यादा मरीजों की संख्या

-अटल हिंद ब्यूरो-
चंडीगढ़। हरियाणा में रोजाना औसतन 42 युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं। युवाओं के नशे की चपेट में आने से अब हरियाणा भी उडऩे लगा है। इन आंकड़ों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश में नशे का कारोबार बड़े पैमाने पर हो रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि पीजीआई रोहतक की रिपोर्ट के अनुसार नशे की लत में 12 गुणा वृद्धि हुई है। आलम यह है कि प्रदेश की जेलों तक भी नशा पहुंच रहा है। सरकार ने बकायदा हिसार और रोहतक जेल में नशा मुक्ति केंद्रों की स्थापना की है।

प्रदेश में नशे के ईलाज के लिए मात्र 72 नशा मुक्ति केंद्र हैं। इनमें से मात्र 16 केंद्र ही सरकारी हैं, बाकी सामाजिक संगठनों व निजी अस्पतालों में चल रहे हैं। लिहाजा प्रदेश में बढ़ रहे नशे की लत की गूंज हरियाणा विधानसभा में गूंज चुकी है। सरकार की ओर से बजट सत्र में पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2019 में 15298 लोग ही उपचार के लिए दाखिल हुए। बहरहाल नशे की लत से ठीक होने वाले मरीजों का आंकड़ा भी हैरान करने वाला है। हर रोज मात्र 17 मरीज ही ठीक हो रहे हैं, जबकि उपचार के लिए करीब 42 मरीज दाखिल हो रहे हैं।

एम्स व रोहतक पीजीआई की रिपोर्ट चिंताजनक

एम्स व पीजीआई रोहतक की रिपोर्ट चिंताजनक है। यदि एम्स की रिपोर्ट पर गौर किया जाए तो नशीले पदार्थों से पीडि़त करीब 5.90 लाख लोग इलाज करवा रहे हैं। जबकि 3.50 लाख लोग गांजे के आदी हो चुके है। यही नहीं 55 हजार लोग नशीले इंजेक्शन की आदी हैं। फरवरी माह में पीजीआई रोहतक द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में बच्चों में नशीले पदार्थों की लत पिछले 4 सालों में 12 गुणा बढ़ी है।

हर साल नशा तस्करी में इजाफा

हरियाणा स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक हर साल नशे तस्करी के मामलों में इजाफा हो रहा है। वर्ष 2017 में करीब 1576 मामले दर्ज हुए जबकि यह दो साल में यह आंकड़ा दोगुने के करीब पहुंच गया, इस वर्ष 2653 मामले दर्ज किए गए और 3287 गिरफ्तारियां हुई। इनेलो नेता अभय चौटाला की ओर से सदन के पटल पर रखी गई रिपोर्ट के मुताबिक सिरसा जिले में वर्ष 2014 में सिरसा जिला स्वास्थ्य अथोरिटी के अनुसार नशे के रोगियों की संख्या 1405 थी जो 2018 में 18851 पर पहुंच गई। पांच सालों में सिरसा जिले में 13 गुणा वृद्धि हुई है, जो चिंताजनक है। यही नहीं सिरसा के सिविल अस्पताल में ओपीडी भी 2017 से 5780 से बढकर 2019 में 30148 पहुंच गई है।

विज का दावा: जिला स्तर पर एंटी-नारकोटिक सेल स्थापित

गृहमंत्री अनिल विज का दावा है कि नशा तस्करी के निपटने के लिए जिला स्तर पर एंटी-नारकोटिक सेल स्थापित किए गए हैं। प्रदेश में राज्य अपराध शाखा के तहत 10 एंटी-नारकोटिक सेल काम कर रहे हैं। पंचकूला में अंतर-राज्यीय ड्रग सचिवालय की स्थापना की गई है तो टोल-फ्री नंबर भी जारी की गया है, जिस पर नशे की सूचना दी जा सकती है।

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