हरियाणा ने पंजाब-दिल्ली-राजस्थान और यूपी की सीमाएं सील

हरियाणा ने पंजाब-दिल्ली-राजस्थान और यूपी की सीमाएं सील
चंडीगढ़ (अटल हिन्द ब्यूरो )। हरियाणा ने कोरोना को हराने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। राज्य में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढऩे से रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने पंजाब से आने वाले सभी लोगों की अपने राज्य में इंट्री पर रोक लगा दी है। हरियाणा ने पंजाब,दिल्ली,राजस्थान,उत्तर प्रदेश से लगती अपनी सीमाओं को सील कर दिया है। पंजाब में करीब 90 हजार लोग ऐसे हैं, जो विदेशों से आए हुए हैं, लेकिन वह न तो अपनी पहचान सार्वजनिक कर रहे और न ही बाहर निकलकर खुद को कारंटाइन के लिए सरकार के सामने पेश कर रहे हैं। केंद्र सरकार हालांकि इन लोगों की संख्या करीब 57 हजार बताती है। पंजाब सरकार ने ऐसे छिपे हुए लोगों के पासपोर्ट रद करने का नीतिगत निर्णय ले लिया है, इसके बावजूद हरियाणा ने अपनी सतर्कता कम नहीं की है।

 

प्रदेश में एक केस अंबाला अस्पताल में पाजीटिव मिला है,जो कि पंजाब का रहने वाला है। हरियाणा के गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के अनुसार हमें आशंका है कि पंजाब के ऐसे तमाम लोग हरियाणा में घुसकर संक्रमण फैला सकते हैं। ऐसी ही आशंका उन लोगों से भी है,जो हरियाणा मूल के हैं,मगर दूसरे राज्यों में नौकरी करते हैं तथा अब अपने प्रदेश में वापस आने के लिए लाइन में लगे हैं। गृहमंत्री विज के अनुसार हरियाणा में एंट्री की उत्तर प्रदेश,पंजाब,दिल्ली,राजस्थान और उत्तराखंड की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं। सभी पुलिस अधीक्षकों को सख्ती से लाकडाउन का अनुपालन कराने के आदेश दिए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति हरियाणा में आ भी जाता है तो उसके अलग से ठहरने और खाने पीने के साथ ही कारंटाइन का इंतजाम किया जा जाएगा। समाजसेवी संस्थाएं भी सरकार के साथ सहयोग करने में आगे आ रही हैं। अकेले अंबाला छावनी में लगाए गए कैंप में सूखा राशन आ रहा है, जिसमें 40 हिस्सों में महिलाओं को बांटकर खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति का बंदोबस्त किया गया है। हरियाणा के गृह मंत्री ने माना कि जितने भी जरूरतमंद और कामगार लोग अपने घरों को जाने की जिद पर अड़े हैं, उसके लिए वह लोग जिम्मेदार हैं, जहां वे काम करते हैं। इन उद्योगपतियों, फैक्ट्री मालिकों अथवा दुकानदारों ने इनके लॉकडाउन के दौरान 21 दिन की व्यवस्था करने की जहमत नहीं उठाई। यदि वे इसमें सक्षम नहीं थे तो सरकार से अनुरोध करते। सरकार उनकी मदद करती। लॉकडाउन की अवधि बीत जाने के बाद ऐसे तमाम उद्योगपतियों,फैक्टरी मालिकों व संचालकों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी,जिन्होंने सभी कर्मचारियों, कामगारों, विद्यार्थियों,युवाओं और रोजमर्रा की जिंदगी बसर करने वाले लोगों को उनके हाल पर छोडकर अपने प्रदेश जाने के लिए मजबूर कर दिया है।

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