हरियाणा में कोरोना का  … कहीं   नवाबी पटौदी कस्बा हाॅट स्पाॅट तो नहीं !

हरियाणा में कोरोना का
… कहीं   नवाबी पटौदी कस्बा हाॅट स्पाॅट तो नहीं !

बारंबार अपील के बाद भी जांच को सामने नहीं आ रहे.

रविवार को मेडिकल के लिए पांच मुस्लिमों को किया काबू.

और भी ऐसे लोग राडार पर जो बाहर से हाल ही में लौटे .

केरल में चार माह की जमात के बाद 13 मार्च को घर लौटे

 

 

Corona in Haryana
… Somewhere Nawabi Pataudi Town Hot Spot!

Despite repeated appeals, investigations are not coming forward.
Control of five Muslims for medical on Sunday.
More such people on the radar who have recently returned from outside.
Returned home on March 13 after a four-month period in Kerala

पटौदी।

-अटल हिन्द ब्यूरो ==

 

निजामुद्दीन मरकज़ की तब्दीली जमात सहित वहां से कोरोना-कोविड 19 के सक्रंमित मुस्लिमों के फरार होने के बाद, हरियाणा में इनका कथित घुसपैठ के साथ ही हरियाणा अब रेड जोन में शामिल कर दिया गया है। ऐसे में जिस संख्या में सबसे अधिक संदिग्द्ध मेवात में शामिल आये, इसके बाद में नाम अब नावाब सैफ अली खान के पैतृक शहर पटौदी का नाम सुर्खियां बन रहा है। हाल ही में ऐसे पांच मुस्लिमों को जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा विभिन्न एजेंािसों की इनपुट के बाद जांच के लिए ले जाया गया, जो कि केरल में चार माह की जमात में शामिल रहे और अब 13 मार्च को लौटकर पटौदी पहुंचे हैं।

 

 

 

एक बार फिर से रविवार को पटौदी पालिका के मुस्लिम बहुल वार्डो से पांच मुस्लिमों को कोरोना-कोविड 19 के संभावित संक्रमित होने की आशंका को लेकर स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के द्वारा इन सभी को आरंभिक जांच के लिए पहले पटौदी अस्पताल लाया गया और यहां से गुरूग्राम के सेक्टर नागरिक अस्पताल भेज दिया गया। जिजसे कि इनकी ठीक प्रकार से जांच के साथ ही सेंपल लेकर भी जांच के लिए भेजे जा सकें। पटौदी में कोविड 19 का एक मामला पाॅजिटिव आने और पीड़ित के परिजनों को जांच के लिए ले जाने से हर आम आदमी में डर का माहौल बना हुआ है।

 

 

प्रशासन के द्वारा प्रत्येक नागरिक को कोविड 19 से संक्रमित होने से बचाने के लिए अथवा पीड़ित के उपचार की बारंबार अपील के वाबजूद भी लोग, खासकर मुस्लिम वर्ग के लोग सामने नहीं आने से प्रशासन के लिए भी चुनौती बढ़ती आ रही है। इसका कारण है कि सूबे में कोविड 19 से प्रभावितो का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। इधर पटौदी थाना प्रभारी सुरेश कुमार का कहना है कि, प्रशासन के द्वारा संबंधित लोगों के बारे में सूचना दी गई और इसके बाद में इनकी पहचान करके आगे की कार्यवाही-मेडिकल जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के सुपुर्द करा दिया गया है।

 

 

गुरूवार को पकड़े गए दो संदिग्द्ध में से एक की रिपोेर्ट पाॅजिटिव सामने आई, शनिवार को पीड़ित के परिजनों को जांच के लिए गुरूग्राम ले जाया गया। इससे पहले गांव मौजाबाद में दिल् ली के महिलापाललपुुर से सात मुस्लिम रहस्यमय तरीके से पटौदी के गांव मौजाबाद रात के अंधेरे में पहुंच गए। इससे पहले हहेलीमंडी पालिका के वार्ड 2 में ही लाॅक डाउन और सीमा सील के वाबजूद 26 मुस्लिमों का मिलना भी रहस्य की बात है। ऐसे में यह सवाल उठना भी लाजिमी है कि मेवात में प्रशासन की दबिश सहित कठोर कार्यवाही के चतले , दिल्ली मरकज़ के अलावा अन्य राज्यों में तब्लीगी जमात में जाने और लौटने वालों ने कहीं पटौदी को सेफ जोन मानकर यहां तो अपने जानकारों के शरण नहीं ली हुई है।  या फिर मेवात के साथ लगता नवाबी पटौदी कस्बा भी कहीं कोरोना-कोविड 19  वायरस के लिए हाॅट स्पाट तो बनने की तरफ नहीं बढ़ रहा है ?

 

 

रविवर को पटौदी के वार्ड 12 और 13 से अलग-अलग स्थानों से पांच संदिग्द्ध मुस्लिमों को कोविड 19 संक्रमित होने की शंका को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा गहन जांच के लिए ले जाया गया। इनकी पहचान वार्ड 12 के मोहम्म्द इरफान पुत्र मोहम्म्म्द इसलाम, जावेद पुत्र यामीन, नदीम पुत्र अब्दुल मजीद और वार्ड 13 के मन्नू पुुत्र मजीद और रशीद पुुत्र अअब्ददुल मजीद के रूप में की गई है। अब दोनों ही वार्डो में इन सभी के घर के बाहर प्रशासन के द्वारा क्वारंटाइन को नोटिस चस्पा दिया गया है।

 

 

इन पांचों का केरल आवागमन हुुआ

इस मामले में पुुष्ट सूत्रों के मुताबिक रविवार को जिन पांच मुस्लिमों को पटौदी से गुरूग्राम कोविड 19 के संक्रमित होने की आशंका को देखते मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया, ये सभी पांचों केरल गए थे। दिल्ली मरकज़ में तब्लीगी जमात का खुलासा होने सहित इसके बाद में केरल में कोविड पीड़ितों के आंकड़े भी अचानक बढ़ कर सामने आ रहे हैं। कोरोना -कोविड 19 का पहला केस भी केरल में ही सामने आया था। समाचार लिखे जाने तक इन पांचों मुस्लिमों के कब केरल जाने और वहां से कब लौटकर आने के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है। केरल की स्थिती को देखते जैसे ही इन पांचों के केरल आवागमन का प्रशासन को इनपुट मिला तो बिना समय गवायें सभी को स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में भेज दिया गया है।

 

 

 

 

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