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हरियाणा में खेल कोटे से लगे इन कर्मचारियों की नौकरी पर मंडराया खतरा

हरियाणा में खेल कोटे से लगे इन कर्मचारियों की नौकरी पर मंडराया खतरा

चंडीगढ़ (अटल हिन्द ब्यूरो )हरियाणा में खेल कोटे से हुई भर्तियों का मामला हाईकोर्ट में जाने के बाद सरकार ने उन सभी कर्मचारियों की पूरी रिपोर्ट मांगी है, जो नई और पुरानी स्पोर्ट्स पॉलिसी के ग्रेडेशन सर्टिफिकेट से भर्ती हुए हैं, क्योंकि इन्हीं पॉलिसी के पेच में ग्रुप-डी में चयनित हुए करीब एक हजार युवाओं की नौकरी फंस गई है।

After going to the High Court in Chandigarh (Atal Hind Bureau), the case of recruitment from sports quota in Haryana, the government has asked for a complete report of all the employees who have been recruited from the gradation certificate of the new and old sports policy, because the screws of these policies The job of about one thousand youths selected in Group D has been stuck.

अब सरकार ने सभी विभागों से जानकारी मांगी है, उसमें कर्मचारी का नाम, उसकी शैक्षणिक योग्यता, प्रतियोगिता का स्तर, वह किस पोस्ट पर काम कर रहा है, नियमानुसार उस पद की शैक्षणिक योग्यता क्या है, किस पॉलिसी में के तहत कर्मचारी भर्ती हुआ, ग्रुप कौनसा है, किस तारीख को भर्ती हुआ आदि शामिल है।

जानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने जो भर्ती की, उस विज्ञापन में ग्रेडेशन सर्टिफिकेट मांगा था। खिलाड़ियों ने आवेदन किया था, उसमें नई और पुरानी पॉलिसी से ग्रेडेशन सर्टिफिकेट लेने वाले सभी ने आवेदन किया और आरक्षित 1518 पदों पर भर्ती हो गई। इनमें करीब 500 ने जॉइनिंग भी कर ली थी, लेकिन तभी नई पॉलिसी के ग्रेडेशन सर्टिफिकेट का हवाला देकर नियुक्तियां रोक दी गईं। राज्य में मई, 2018 में नई पॉलिसी लागू हुई थी, जबकि इससे पहले 1993 की पॉलिसी लागू थी।

ऐसे में खिलाड़ियों का तर्क था कि जब पॉलिसी ही पुरानी लागू थी तो उसके अनुसार सर्टिफिकेट बनेंगे। अभी फिलहाल कोर्ट ने भी खिलाड़ियों को नई पॉलिसी में ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनाने का समय याचिका दाखिल करने वालों को दिया है। इस बीच सरकार ने भर्ती हुए खिलाड़ियों की सूचना मांग ली है। कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार खिलाड़ियों को कोई राहत दे सकती है। नई खेल पॉलिसी में सरकार ने खिलाड़ियों को मेडल अनुसार ग्रुप-डी से लेकर एचसीएस और एचपीएस तक का प्रावधान किया था। लेकिन यह मामला भी हाईकोर्ट में फंसा है।

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