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हरियाणा में नगर निगमों का कानूनी अस्तित्व बचाने को सक्रिय हुआ राज्य निर्वाचन आयोग

हरियाणा में नगर निगमों का कानूनी अस्तित्व बचाने को सक्रिय हुआ राज्य निर्वाचन आयोग
चंडीगढ़(अटल हिन्द ब्यूरो ) कानून में बदलाव से हरियाणा के सभी दस नगर निगमों के कानूनी अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग सक्रिय हो गया है। सहायक राज्य निर्वाचन आयुक्त ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को मामले में विचार कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। नूंह नगर पालिका को नगर परिषद बनाने संबंधी कानूनी संशोधन में खामी से भ्रम की यह स्थिति बनी है। कानून में संशोधन के मुताबिक सभी जिला मुख्यालयों पर नगर निगम के बजाय नगर परिषद होंगी। हाई कोर्ट के अधिवक्ता और कानूनी विशेषज्ञ हेमंत कुमार ने मानसून सत्र में पारित हरियाणा नगरपालिका (संशोधन) विधेयक में तकनीकी खामियों का मुद्दा उठाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को चिट्ठी लिखी थी। इसके मुताबिक हरियाणा नगर पालिका अधिनियम 1973, जो प्रदेश की सभी नगर पालिकाओं और नगर परिषदों पर लागू होता है, की धारा 2 ए में किए गए संशोधन के अनुसार सभी जिला मुख्यालयों पर नगर परिषद होगी चाहे वहां की आबादी कितनी भी हो। पिछले महीने जारी अधिसूचना के मुताबिक तीन लाख से ऊपर आबादी वाले प्रदेश के बड़े नगरों में नगर निगम स्थापित हो सकेंगे, लेकिन जिला मुख्यालयों पर कानूनन नगर परिषद ही होगी। चाहे वहां की आबादी तीन लाख से ऊपर हो। प्रदेश सरकार नूंह में नगर परिषद स्थापित करना चाहती है, जहां की आबादी केवल 24 हजार 390 है, इसलिए कानून में संशोधन जरूरी था। संशोधन में स्पष्ट होना चाहिए कि जिला नूंह मुख्यालय में नगर परिषद होगी। हर जिला मुख्यालय में विद्धमान/स्थापित शहरी निकाय के लिए नगर परिषद होने का उल्लेख करना निश्चित रूप से भ्रम उत्पन्न करता है। इससे दस जिला मुख्यालयों पर स्थापित नगर निगमों के कानूनी अस्तित्व पर भी गंभीर सवाल उठते हैं। वर्तमान में हरियाणा में दस नगर निगम, 21 नगर परिषदें और 57 नगर पालिकाएं हैं। 11 जिला मुख्यालय के अलावा दस अन्य शहरों अंबाला सदर, गोहाना, बहादुरगढ़, होडल, सोहना, हांसी, टोहाना, मंडी डबवाली, नरवाना और कालका में भी नगर परिषद हैं। 50 हजार तक आबादी वाले शहरों में नगर पालिका, 50 हजार से तीन लाख आबादी वाले शहरों में नगर परिषद और इससे अधिक जनसंख्या वाले शहरों में नगर निगम का प्रावधान है। हालांकि नगर निगम के लिए पहले पांच लाख की आबादी जरूरी थी, लेकिन वर्ष 2002 में तत्कालीन चौटाला सरकार ने इसे घटाकर तीन लाख कर दिया था। मौजूदा समय में दस जिला मुख्यालयों पर नगर निगम हैं। 11 जिला मुख्यालयों कैथल, थानेसर (कुरुक्षेत्र), सिरसा, जींद, फतेहाबाद, भिवानी, चरखी दादरी, पलवल, रेवाड़ी, नारनौल और झज्जर में नगर परिषद है। केवल नूंह में ही नगरपालिका है।

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