हरियाणा सरकार का भ्रष्टाचार शिकायत नंबर ढकोसला सी एन ए तो कभी पहले जवाब नहीं दिया क्या करेंगे

मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार की शिकायत हेतु जारी किया व्हाट्सएप नंबर

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया बकवास और जनता से मजाक !

कैथल, 11 दिसम्बर (कृष्ण प्रजापति): मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करप्शन के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने के लिए व्हाट्सएप नंबर जारी करने की घोषणा करने के साथ ही सामाजिक कार्यकर्ताओं जोकि पिछले 5 वर्षों से लगातार सरकार को करप्शन के बारे में शिकायत करते रहे हैं और उन शिकायतों पर कोई एक्शन ना होने के कारण से खफा हैं, उन्होंने इसको डम्मी करार दिया है। समाजिक कार्यकर्ता जगरूप ढुल, रणदीप आर्य फरल, जयलाल रसूलपुर आदि के अनुसार पिछले कार्यकाल में मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा सीएम विंडो का शुभारंभ कार्य किया गया था जोकि अधिकारियों और नेताओं के लिए चोर दरवाजा साबित हुआ है क्योंकि जिस नेता या अधिकारी के खिलाफ सीएम विंडो में शिकायत डाली जाती है, उसी अधिकारी को ही उसका जांच अधिकारी बना दिया जाता है। भला ऐसे में कौन अधिकारी अपने आपको भ्रष्ट अथवा गलत बताएगा, यह तो चोर द्वारा खुद को चोर कहलवाने वाली बात हुई थी लेकिन पिछले 5 वर्षों में सीएम विंडो कोई कारगर सिद्ध न होकर केवल मात्र सफेद हाथी बनकर रह गई है। सरकार द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने व जनता को बेवकूफ बनाने के लिए सीएम विंडो नामक चोर दरवाजा बनाया गया। इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा गत कई महीनों पहले व्हाट्सएप नंबर जारी किया गया था जिस पर शिकायतें दर्ज करवाने के लिए जिला उपायुक्त द्वारा स्पेशल प्रेस कांफ्रेंस आयोजित करके जिले के लोगों से शिकायतें आमंत्रित की थी, जिस पर जिला के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी लेकिन एक-दो दिन बाद उस व्हाट्सएप नंबर से शिकायत भेजने वालों के पास ना कोई रिप्लाई जाता, ना उस व्हाट्सएप नंबर से कोई कॉल अटेंड होती और ना ही मैसेज का कोई रिप्लाई होता है, ऐसे में अब मुख्यमंत्री द्वारा करप्शन के खिलाफ व्हाट्सएप नंबर जारी करने के साथ साथ इस नंबर पर ऑडियो अथवा वीडियो भेजने पर भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात के बयान को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आड़े हाथों लेते हुए सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। शिकायतकर्ता द्वारा एक से ज्यादा शिकायत मिलने पर सम्मानित करने की बात पर जगरूप ढुल, रणदीप आर्य फरल, जयपाल रसूलपुर आदि सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि सरकार भ्रष्टाचार रोकने के लिए वाकई में चिंतित होती तो भ्रष्टाचार के प्रदेश की बात छोड़ो, कैथल जिले में ही इतने मामले सामने आए जिसमें कार्रवाई की मांग को लेकर लोगों ने प्रदर्शन, धरने, भूख हड़ताल तक की लेकिन सरकार द्वारा जिला प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई न करके उनके द्वारा किए जाने वाले भ्रष्टाचार को हरी झंडी देने का काम किया है। कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर इस खबर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन के स्थानीय व्हाट्सएप नंबर पर सड़क, बिजली, पानी आदि की समस्या की शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन कोई कॉल या एसएमएस का रिप्लाई ने मिलने के बाद, संकेत है कि यह नंबर जारी करना केवल और केवल जनता के साथ मजाक है, दिखावा और बहकावा है।

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