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हरियाणा सरकार ने आम जनता पर डाला बोझ ,बस किराया बढ़ा,शराब भी हुई महंगी सब्‍जी मंडी में दाे फीसद market fee लागू

हरियाणा कैबिनेट के कठोर फैसले

हरियाणा सरकार ने आम जनता पर डाला बोझ ,बस किराया बढ़ा,शराब भी हुई महंगीसब्‍जी मंडी में दाे फीसद मार्केट फीस लागू,

नई सरकारी गाड़ियां खरीदने पर रोक लगाई

 

 

Hard decisions of Haryana cabinet
Haryana government imposed burden on general public, increased bus fares, liquor also became expensive, market fee applicable in Sabji Mandi, prohibited buying new government vehicles

 

फरीदाबाद  (अटल हिन्द /योगेश गर्ग  ) हरियाणा सरकार ने कोरोना  माहामारी के चलते राज्य का खजाना खाली हो गया बताया था खुद हरियाणा के वित्तमंत्री मनोहर लाल के सार्वजनिक रूप से बयान जारी किया था। हरियाणा के वित्तमंत्री के इस ब्यान को लेकर हरियाणा की जनता सकते में आ गई थी क्योंकि हरियाणा में बीजेपी  को  लगभग साढ़े 6 साल सत्ता संभाले हुए है और इन सालों में हरियाणा में कहीं कोई विकास या बड़ा व्यापारिक उद्योग सरकार ने लगाया हो या फिर हरियाणा की जनता के लिए कोई विशेष आर्थिक सहायता दी हो जिसके चलते राज्य का खजाना खाली हो गया ऐसा हरियाणा में कहीं दिखाई नहीं दे रहा इसके बाद भी हरियाणा सरकार के मुखिया ने सरे आम ये ब्यान देकर सबको अचम्भे में डाल दिया था यही नहीं हरियाणा सरकार ने अब ये जो भी फैंसले लिए है उनसे हरियाणा की जनता पर आर्थिक बोझ तो पड़ेगा ही साथ ही कोरोना जैसे माहामारी से भी एक चुनौती पूर्ण कार्य होगा। बीते वीरवार को हरियाणा कैबिनेट की  बैठक मे कई महत्‍वपूर्ण फैसले किए गए। सरकार ने बैठक में कड़वे फैसले किये। हरियाणा सरकार ने एक साल तक नई सरकारी गाड़ियां खरीदने पर रोक लगाई दी है। इसके साथ ही कैबिनेट ने हरियाणा रोडवेज की बसों का किराया बढ़ाने का फैसला किया। इसके साथ ही सब्‍जी और फल मंडियों में दो फीसदी मार्केट फीस भी लगा दिया गया है। राज्‍य में शराब भी महंगी कर दी गई है।

 

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खाली खजाने में राजस्व लाने को कड़े फैसले
हरियाणा में कोरोना महामारी का असर अब प्रदेश की जनता पर अतिरिक्त खर्च के बोझ के रूप में पडऩे वाला है। कमजोर वित्तीय स्थिति के चलते हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में बृहस्पतिवार को कई ऐसे निर्णय लिए गए,जो सरकार की माली हालत को मजबूती प्रदान कर सकते हैं। प्रदेश सरकार ने रोडवेज की बसों का किराया बढ़ा दिया है। शराब महंगी करने की तैयारी है। पेट्रोल व डीजल के रेट बढ़ाने पर भी सहमति बन चुकी है, लेकिन सैस की दरें कितनी होगी,इस पर रिपोर्ट तैयार करने को अधिकारियों को कह दिया गया है।

 

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सामान्य बसों के किराये में 15 पैसे की बढ़ोतरी
हरियाणा कैबिनेट की बैठक वीडियो कॉन्‍फेंसिंग से हुई। हरियाणा रोडवेज की सामान्य बसों में किराया 85 पैसे प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर एक रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है, जबकि लग्जरी (वोल्वो) बसों का किराया दो रुपये प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर ढ़ाई रूपये प्रति किलोमीटर किया गया है। हरियाणा में सामान्य बसों का किराया बढ़ाने के बावजूद यह पंजाब,हिमाचल और राजस्थान से कम ही रहेगा। औसत हिसाब लगाया जाए तो लग्जरी बसों का चंडीगढ़ से दिल्ली तक का किराया 125 रुपये बढ़ गया है।

 

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दो फीसद मार्केट फीस फिर से बहाल
मंत्रिमंडल की बैठक में मार्केट कमेटियों के अंतर्गत सब्जी मंडी और फ्रूट मंडी में दो फीसद मार्केट फीस फिर से बहाल कर दी गई है। पिछली हुड्डा सरकार ने 2014 में इस फीस को माफ कर दिया था। इस फैसले से सरकारी खजाने में काफी राजस्व आने की उम्मीद की जा सकती है। हरियाणा में पड़ोसी राज्यों पंजाब,चंडीगढ़ से नई दिल्ली,इंदिरा गांधी एयरपोर्ट होते हुए गुरुगाम तथा चंडीगढ़ से बल्लभगढ़ तक चलने वाली लग्जरी बसों के किराये में 25 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है। अब चंडीगढ़ के सेक्टर-17 बस स्टैंड से नई दिल्ली के आइएसबीटी तक के किराये में लगभग 125 रुपये अतिरिक्त यात्रियों को चुकता करने होंगे। हरियाणा रोडवेज की सामान्य बसों में चंडीगढ़ं- दिल्‍ली जाने वाले यात्रियों की जेब पर करीब साढ़े 37 रुपये अधिक का बोझ पड़ेगा। वर्तमान में सामान्य बसों का किराया 85 पैसे प्रति किलोमीटर था,जिसे बढ़ाकर एक रुपया किया गया है। इस किराये में 15 पैसे प्रति किलोमीटर किराये में बढ़ोतरी हुई है।

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प्रदेश में शराब भी महंगी करने की तैयारी
कैबिनेट बैठक में आबकारी नीति को लेकर भी चर्चा हुई। इसे 14 मई से लागू करने की योजना है। माना जा रहा है कि प्रदेश में शराब की कीमतों में भी अब बढ़ोतरी हो सकती है। तीन मई तक लॉकडाउन के चलते शराब ठेके बंद हैं। इसके बाद भी ठेके खुलेंगे या नहीं, यह केंद्र सरकार की हिदायतें पर निर्भर करेगा,लेकिन सरकार चाहती है कि 14 मई से ठेकों को खोला जा सकता है।

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मंत्रियों के लिए नहीं आएंगी नई गाडिय़ां
हरियाणा कैबिनेट ने खर्चों को कम करने की दिशा में कदम उठाते हुए अगले एक वर्ष तक वाहनों की खरीद पर रोक लगाई है। सार्वजनिक परिवहन की बसों,एंबुलेंस,अग्निशमन वाहन व इमरजेंसी सेवाओं के वाहनों को इस फैसले से बाहर रखा गया है। कार और जीप सहित नए वाहनों की खरीद पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यदि नई कार या जीप की अत्यधिक आवश्यकता है तो ऐसे वाहनों की खरीद करने के बजाय उन्हेंं आउटसोर्सिंग या किराये पर लिया जाएगा। सरकार के इस फैसले के बाद मंत्रियों के लिए आने वाली नई गाडिय़ां भी अब रुक गई हैं।

 

 

 

पेट्रोल-डीजल पर रेट बढ़ाने पर भी विचार
हरियाणा में पेट्रोल व डीजल के रेट बढ़ाने पर अधिकारियों की कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी। राजस्व बढ़ोतरी की चर्चा के बीच कैबिनेट में डीजल और पेट्रोल पर सेस बढ़ाने को लेकर भी मंथन हुआ। ऐसे में अब प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में बढ़ोतरी तय है। बैठक में सीएम मनोहर लाल के अलावा डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला,गृह मंत्री अनिल विज,संसदीय कार्यमंत्री कंवरपाल गुर्जर, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा,सहकारिता मंत्री डॉ़ बनवारी लाल,समाज कल्याण राज्य मंत्री ओपी यादव तथा महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा मौजूद रहे। बाकी मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कनेक्ट हुए।

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डेढ़ माह में ऐसा क्या हो गया कि हरियाणा का लबालब भरा खजाना खाली हो गया : विद्रोही
गुरुग्राम (अटल हिन्द ब्यूरो )हरियाणा  प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने केन्द्र सरकार द्वारा लोकडाउन में देश के विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों, छात्रों व सैलानियों को अपने-अपने घर जाने की अनुमति देने को देर से उठाया गया सही कदम बताया। विद्रोही ने कहा कि इस निर्णय के बाद विभिन्न राज्यों के जिला प्रशासन व पुलिस पर अनावश्क दबाव कम होगा और राज्य सरकार व प्रशासन जमीनी धरातल पर अपने-अपने प्रदेश के नगारिकों को इस संकट के दौर में बुनिवादी आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने में एकाग्रिचता से काम कर सकेंगे।विद्रोही ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर से पूछा कि जब वित्तमंत्री के नाते वे 28 फरवरी को हरियाणा विधानसभा में बजट प्रस्तुत कर रहे थे, तब उछल-उछल कर दावा कर रहे थे कि प्रदेश का खजाना लबालब भरा है और विकास कार्यो के लिए पैसों की कोई कमी नही है। फिर मात्र डेढ़ माह में ऐसा क्या हो गया कि कोविड संकट के आते व लोकडाउन की घोषणा होते ही हरियाणा का लबालब भरा खजाना खाली हो गया और नौबत यहां तक आ गई कि कोरोना फंड में दान के बहाने सरकार किसानों, मजदूरों, बच्चों से भी भीख का कटोरा लेकर पैसा मांगने लगी। वहीं सी व डी वर्ग के छोटे कर्मचारियों का टीए, डीए व एलटीसी फ्रीज करने को बाध्य हुई। उन्हे समय पर वेतन नही दिया जा रहा है।

 

 

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खट्टर कैबिनेट ने लिखा काला अध्याय —रणदीप सुरजेवाला

खट्टर कैबिनेट ने आज एक नया काला अध्याय लिख डाला। पूरी दुनिया में कोरोना महामारी व आर्थिक मंदी के चलते सरकारें राहत दे रही हैं।पर हरियाणा की खट्टर सरकार ऐसी निर्दयी है कि रोज़ “जबरन दान” व “जबरन वसूली” में जुटी है।

1. डीज़ल/पेट्रोल पर ₹1.10 प्रति लीटर का टैक्स/सेस ,
2. बस का किराया 15 पैसा प्रति किलो मीटर बढ़ाना, व
3. फल/सब्ज़ी पर 1% मार्केट फ़ीस लगाना “जज़िया कर” से कम नही।
भाजपा-जजपा सरकार इसे फ़ौरन वापस लें।

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