हरियाणा(haryana) में उल्टी चाल,

Vomiting in Haryana, one and a half million want to return, laborers of seven lakh other states wanting to return

 

हरियाणा में उल्टी चाल,

 

लौटना चाहते डेढ़ लाख,वापस जाना चाह रहे सात लाख दूसरे राज्यों के मजदूर

 

Vomiting move in haryana

दूसरे राज्यों के डेढ़ लाख मजदूर हरियाणा  लौटना चाहते,सात लाख वापस जाना चाह रहे

 

One and a half lakh workers of other states want to return to Haryana, want to go back to seven lakh

chandigarh (atal hind)हरियाणा। लाॅकडाउन के चलते देश में दूसरे राज्य के मजदूर भले ही अपने प्रदेशों को वापस लौट रहे, लेकिन हरियाणा में इसकी उल्टी चाल है। हरियाणा सरकार के एक वेबपोर्टल पर उत्तर प्रदेश और बिहार के 1.46 लाख श्रमिकों ने वापस काम पर लौटने की इच्छा जाहिर की है। हरियाणा सरकार ने करीब एक सप्ताह पहले ही मजदूरों की वापसी के लिए आवेदन करने हेतु एक वेबपोर्टल लांच किया था,जिस पर यह आवेदन आए हैं। हरियाणा सरकार के साथ-साथ उद्यमी भी चाहते हैं कि यह मजदूर काम पर वापस लौटें,ताकि फैक्ट्रियों में काम आरंभ किया जा सके। वैसे सात लाख श्रमिक हरियाणा से अपने गृह राज्‍यों में जाने चाहते हैँ,लेकिन इजाजत 47 हजार को ही मिली है।

 

दूसरे राज्यों से मजदूर हरियाणा में आ भी रहे
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पिछले दिनों दूसरे राज्य के मजदूरों से आह्वान किया था कि वे अपने घरों को न लौटें। इस आह्वान के बाद मात्र 47 हजार ऐसे मजदूरों को उनके घर पहुंचाया जा रहा है,जो प्रवासी और खेतिहर है। इनमें से करीब 25 हजार मजदूरों को वापस उनके राज्यों में भेज दिया गया है। बाकी बचे 22 हजार मजदूर अगले पांच से छह दिनों के भीतर रेलगाडिय़ों व बसों के जरिये उनके प्रदेश भेज दिए जाएंगे। हरियाणा से करीब सात लाख मजदूरों ने जाने की इच्छा जताई है,लेकिन सरकार उन्हीं लोगों को भेज रही है,जिनका जाना बेहद जरूरी है। यानी इनमें से सिर्फ 47 हजार लोग चिन्हित किए गए हैं। अब सरकार के सामने दिक्कत यह है कि वास्तव में रोजगार की चाह रखने वाले तथा अपनी पुरानी फैक्ट्रियों या काम धंधे पर लौटने वाले मजदूरों को हरियाणा कैसे लाया जाए।

 

मजदूरों को वापस लाने के प्रयास लाने लगे रंग
इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैैं। हरियाणा में जिन मजदूरों ने काम पर लौटने की इच्छा जाहिर की है,उनमें से 79.29 फीसदी गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, युमनानगर और रेवाड़ी लौटना चाहते हैं। इनमें से 50 हजार से ज्यादा मजदूर अकेले गुरुग्राम आना चाहते हैं। हरियाणा में सबसे ज्यादा इंडस्ट्री और बिजनेस इकाइयां इन्हीं जिलों में हैं। अधिकारियों का मानना है कि हरियाणा में कोरोना मरीजों की कम संख्या भी प्रवासी मजदूरों के वापस लौटने की बड़ी वजह है। हरियाणा में कोरोना के कुल मरीज 650 हैं। इनमें 14 इटली के निवासी भी शामिल हैं। राज्य में अब तक कोरोना से 8 लोगों की मौत हुई है और 279 लोग बीमारी से रिकवर भी हो चुके हैं।

हरियाणा सरकार ने उन मजदूरों के लिए जो राज्य में काम पर वापस लौटना चाहते हैं,एक सप्ताह पहले वेब पोर्टल लांच किया था। आठ मई तक ही इस पर 1.46 लाख मजदूरों ने वापस लौटने के लिए पंजीकरण किया है। वापस लौटने वाले कुल मजदूरों में से तीन चौथाई बिहार और उत्तर प्रदेश के मजदूर हैं। हरियाणा सरकार ने प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के लिए 100 ट्रेन चलाए जाने की केंद्र से मांग की है।

 

प्रवासियों के लिए राज्यों से बात करेगी सरकार
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि दूसरे प्रदेशों से हरियाणा में आने के लिए जिन श्रमिकों ने आवेदन किया है उनको हम हरियाणा में लाने के लिए बिल्कुल तैयार हैं। उन्होंने बताया कि कुछ लोग यहां से जाना भी चाहते हैं और लगभग सात लाख लोगों ने जाने के लिए आवेदन भी किया है उनका भी हम बसों और गाडिय़ों से जाने का इंतजाम कर रहे हैं। विज ने सभी मजदूरों से अपील की कि वह नंगे पांव और साइकिल पर जाने की कोशिश मत करें हम उनके लिए गाडिय़ों का इंतजाम कर रहे हैं और भोजन का भी ध्यान कर रहे हैं। जैसे-जैसे उनकी सरकारें हमें एनओसी देती जा रही हैं हम उनके जाने का इंतजाम कर रहे हैं।

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