हो रहा बिजनेस में नुकसान हो तो करें – काली हल्दी के ये उपाय

हो रहा बिजनेस में नुकसान हो तो करें – काली हल्दी के ये उपाय

प्रत्येक व्यकि को जीवन में उतार चढ़ावों का सामना करना पड़ता है। यह प्रकृति का नियम है, आज सुख हैं तो कल दु:ख है, कुछ ना कुछ जीवन में लगा ही रहता है। ऐसे ही जीवन में उतार-चढ़ावों से आपको भी दो-चार होना पड़ रहा होगा। ज्योतिष शास्त्र कहता हैं कि हमारे जीवन की प्रत्येक घटना का संबंध ग्रहों की गति से हैं। जन्म के समय जो ग्रह हमारी जन्मपत्री में बैठ गए, उनका प्रभाव हमें सारे जीवन में प्राप्त होता है। यह सत्य हैं कि हम जीवन में आने वाले दुखों को बदल तो नहीं सकते परन्तु उन्हें उपायों के द्वारा कम अवश्य कर सकते हैं। व्यापारियों को भी अपने व्यापार क्षेत्र में रोज नई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति में ज्योतिषीय उपाय करने लाभकारी सिद्ध होते है। उसमें भी यदि हम बात करें काली हल्दी के उपायों की, काली हल्दी के उपाय अचूक और शीघ्र फल देने वाले होते है। कुछ ऐसे ही उपायों की जानकारी हम आज आपको देने जा रहे हैं-

गुरु ग्रह धन के कारक ग्रह है, व्यापारिक क्षेत्र में धन आगमन को बेहतर बनाए रखने के लिए शुक्लपक्ष के प्रथम गुरुवार से काली हल्दी को पीसकर नित्य प्रात: तिलक लगाने से धन बाधाएं दूर होती है।

अमावस्या के दिन पीले वस्त्रों में काली हल्दी के साथ एक चांदी के सिक्के के साथ धन रखने से साल भर लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है।

शुक्लपक्ष के पहले शुक्रवार के दिन यह उपाय करें। एक चांदी की डिब्बी लेकर उसमें काली हल्दी, नागकेसर व सिंदूर रखें। फिर इसे मां लक्ष्मी के चरणों में स्पर्श कराके व्यापारिक क्षेत्र की तिजोरी में रख दें।

यदि आपके व्यवसाय में मशीनों का प्रयोग होता है, तथा मशीनें अधिकतर खराब होकर परेशानी का कारण बनती हैं तो आप थोड़ी सी काली हल्दी लें, उसे पीसकर केसर व गंगा जल मिला लें, इस पेस्ट से शुक्ल पक्ष के पहले बुधवार को मशीनों पर स्वास्तिक बनाए। इससे मशीनें जल्द खराब नहीं होंगी।

व्यापार की आर्थिक गिरावट को रोकने के लिए किसी भी शुक्ल पक्ष के प्रथम गुरुवार के दिन यह उपाय करें। एक पीले रंग का कपड़ा लेकर, उसमें काली हल्दी, 11गोमती चक्र जो अभिमंत्रित, 1 चांदी का सिक्का, 11 अभिमंत्रित पीली कौडियां बांध लें। फिर इन्हें घर के मंदिर में रखकर, सामने बैठकर ’ऊं नमो भगवते वासुदेव नम:’ का जाप करें, तत्पश्चात इन्हें व्यापार स्थल में जहां धन रखते हैं, वहां रख दें। आप देखेंगे की जल्द ही आपको व्यवसाय में लाभ मिलने शुरु हो जायेंगे।

एक लाल रंग का वस्त्र लेकर उस्में काली हल्दी, लाल सिंदूर और कुछ सिक्के रखकर बांध लें। इसके पश्चात इसे व्यापारिक केंद्र की तिजोरी में रख दें। इससे धन बढ़ना शुरु हो जाएगा। ध्यान रखें कि यह उपाय गुरु पुष्य नक्षत्र में करना है।

यदि आपको लगता हैं कि आपके व्यापार को किसी की नजर लग गई हैं तो आप काली हल्दी, श्वेतार्क मूल, रक्त चंद्न, हनुमान मंदिर या काली मंदिर के हवन की विभूति में गोमूत्र मिलाकर एक पेस्ट बना लें। इस पेस्ट से व्यापारिक स्थल के सभी मुख्य द्वारों पर स्वास्तिक का चिंह बनाएं। इससे किसी भी तरह की नजर होगी, जल्द दूर होगी।

तंत्र शास्त्र के अनुसार काली हल्दी को दूध में भिगोकर बारिक पीस लें। नित्य प्रात: स्नानादि क्रियाओं और पूजन क्रियाओं से मुक्त होने के बाद इस पेस्ट को तिलक के लिए प्रयोग करें। इससे व्यापार में धन वर्षा होनी शुरु हो जाती है। व्यापार में धन की स्थिति को बेहतर करने के लिए एक पीला वस्त्र लेकर उसमें अक्षत, कुछ चांदी के टुकड़े, और एक सिक्का लेकर गांठ बांध ले। इस पोटली को धूप, दीप और फूल दिखाकर गल्ले या धन स्थान पर रख दें। इस प्रकार उपाय करने से चमत्कारिक फल सामने आते हैं। ध्यान रखने योग्य बात यह हैं कि इसे घर में रखने से पूर्व अभिमंत्रित अवश्य करा लें। तभी यह अपना फल दे पाएगा।

व्यापारिक शत्रुओं से निपटने के लिए अष्टमी तिथि के दिन प्रात:काल में नित्य कर्मों से निवृत होकर एक आसन पर बैठ जाएं। अपना मुख पूर्व की ओर रखें। तत्पश्चात काली हल्दी की गांठों का धूप, दीप और फूल से पूजन करें। इसके पश्चात उगते हुए सूर्य को नमस्कार करें एवं 108 बार निम्न सूर्य मंत्र का जाप करें।

ॐ ह्रीं सूर्याय नम:

सधन्यवाद सर जी
ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव

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